UPI पेमेंट पर अब लगेगा चार्ज ?  सरकार ने साफ किया पूरा मामला, कांग्रेस ने कहा - अमेरिका के दबाव में लिया फैसला 

UPI Payment पर MDR को लेकर चल रहे विवाद के बीच सरकार ने स्थिति साफ कर दी है। आम यूजर्स और Person to Person पेमेंट पर कोई चार्ज नहीं लगेगा। जानिए मर्चेंट्स से कब और कितना MDR लिया जा सकता है और इसका फैसला कौन करेगा।

Aug 9, 2026 - 13:40
 0
UPI पेमेंट पर अब लगेगा चार्ज ?  सरकार ने साफ किया पूरा मामला, कांग्रेस ने कहा - अमेरिका के दबाव में लिया फैसला 

नई दिल्ली। UPI से पेमेंट करने वाले आम यूजर्स के लिए फिलहाल राहत की खबर है। UPI ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी MDR को लेकर चल रहे विवाद के बीच सरकार ने स्पष्ट किया है कि आम यूजर्स से किसी तरह का ट्रांजैक्शन चार्ज नहीं लिया जाएगा। रोजमर्रा के UPI पेमेंट पहले की तरह फ्री रहेंगे। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि UPI से जुड़े हर तरह के ट्रांजैक्शन पर कभी कोई शुल्क नहीं लगेगा। सरकार के मुताबिक भविष्य में कुछ खास मर्चेंट ट्रांजैक्शंस पर MDR लगाया जा सकता है। यह चार्ज किन ट्रांजैक्शंस पर लगेगा और इसकी दर क्या होगी, इसका फैसला अभी नहीं हुआ है। दरअसल, पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट में संशोधन से जुड़े विधेयक के संसद में पेश होने के बाद UPI पर MDR लागू किए जाने को लेकर चर्चा तेज हो गई थी। इसके बाद सरकार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि प्रस्तावित बदलाव का असर आम UPI यूजर्स पर नहीं पड़ेगा।

आम यूजर्स से नहीं लिया जाएगा कोई चार्ज
वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि UPI से पेमेंट करने वाले उपभोक्ताओं पर कोई ट्रांजैक्शन चार्ज नहीं लगाया जाएगा। Person to Person यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को किए जाने वाले UPI ट्रांजैक्शन भी बिना किसी शुल्क के जारी रहेंगे। इसका मतलब है कि किसी दोस्त को पैसे भेजना, परिवार के सदस्य को रकम ट्रांसफर करना या बैंक अकाउंट से दूसरे बैंक अकाउंट में UPI के जरिए पैसा भेजना सामान्य तौर पर फ्री रहेगा।

फिर MDR किससे लिया जा सकता है?
MDR यानी Merchant Discount Rate मुख्य रूप से मर्चेंट ट्रांजैक्शंस से जुड़ा शुल्क है। सरकार के मुताबिक अगर भविष्य में MDR लागू किया जाता है तो यह सभी कारोबारियों के हर ट्रांजैक्शन पर नहीं लगाया जाएगा। सरकार ने संकेत दिया है कि एक तय सीमा से ऊपर होने वाले कुछ मर्चेंट ट्रांजैक्शंस पर MDR लगाया जा सकता है। इसकी दर डेबिट या क्रेडिट कार्ड से जुड़े MDR की तुलना में काफी कम रखने की बात भी कही गई है। यानी आम ग्राहक के लिए UPI पेमेंट फ्री रह सकता है, जबकि कुछ बड़े या निर्धारित श्रेणी के कारोबारी ट्रांजैक्शंस पर शुल्क लगाए जाने की व्यवस्था बन सकती है। सबसे अहम बात यह है कि फिलहाल UPI पर नया MDR लागू नहीं हुआ है। सरकार ने साफ किया है कि संसद में लंबित विधायी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आगे की व्यवस्था तय होगी। बिल पास होने के बाद NPCI की अध्यक्षता वाली समिति यह तय करेगी कि UPI या अन्य संबंधित सेवाओं पर MDR लगाया जाना है या नहीं। इसके साथ ही यह भी तय किया जाएगा कि किन ट्रांजैक्शंस पर शुल्क लागू होगा और इसकी दर क्या होगी।

लोकसभा से पास हो चुका है विधेयक
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले सप्ताह लोकसभा में टैक्सेशन एंड अदर लॉज अमेंडमेंट बिल 2026 पेश किया था। लोकसभा इस विधेयक को पास कर चुकी है। इस विधेयक के जरिए सरकार को UPI और RuPay कार्ड से होने वाले ट्रांजैक्शंस पर मौजूदा जीरो MDR व्यवस्था में बदलाव करने के लिए कानूनी आधार मिलता है। अभी बैंक और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स UPI और RuPay डेबिट कार्ड के जरिए होने वाले पेमेंट पर यूजर्स से शुल्क नहीं ले सकते हैं। प्रस्तावित बदलाव के बाद MDR से जुड़ी आगे की व्यवस्था NPCI की अध्यक्षता वाली समिति तय करेगी।

सरकार ने क्यों कहा कि बदलाव जरूरी है?
सरकार का कहना है कि UPI पर लगातार बढ़ रहे ट्रांजैक्शंस के साथ डिजिटल पेमेंट के इंफ्रास्ट्रक्चर और साइबर सिक्योरिटी को मजबूत करना जरूरी है। UPI के बढ़ते इस्तेमाल के साथ पेमेंट सिस्टम पर दबाव भी बढ़ रहा है। सरकार के मुताबिक लंबे समय तक UPI को मजबूत और टिकाऊ बनाए रखने के लिए ऐसा रेवेन्यू मॉडल जरूरी है, जिससे सिस्टम के रखरखाव, तकनीकी विकास और सामने आने वाले जोखिमों से निपटने के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हो सकें। सरकार का यह भी कहना है कि ज्यादा कंपनियां इस क्षेत्र में अपना कामकाज बढ़ा सकें, इसके लिए प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना जरूरी है।

अमेरिकी दबाव के आरोप पर सरकार का जवाब
UPI पर MDR को लेकर राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया था कि संशोधन विधेयक अमेरिकी दबाव में लाया गया है। उनका कहना था कि यह कदम अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि की 2026 की उस रिपोर्ट के बाद उठाया गया है, जिसमें UPI और RuPay के शुल्क-मुक्त होने की आलोचना की गई थी। आरोप लगाया गया था कि इससे Visa और MasterCard जैसे अमेरिकी पेमेंट प्लेटफॉर्म्स को भारतीय बाजार में नुकसान हुआ है। जयराम रमेश ने सरकार से सवाल किया था कि क्या वह डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में डिजिटल पेमेंट क्षेत्र को अमेरिकी कंपनियों के लिए खोलना चाहती है। सरकार ने इन आरोपों को आधारहीन, पूरी तरह झूठ और गुमराह करने वाला बताया है।

सरकार का तर्क क्या है?
सरकार के मुताबिक प्रस्तावित संशोधन का मकसद UPI को किसी बाहरी दबाव में बदलना नहीं, बल्कि इसे लंबे समय तक टिकाऊ बनाना है। सरकार का कहना है कि UPI का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में साइबर सिक्योरिटी, टेक्नोलॉजी और डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर को लगातार मजबूत करने की जरूरत है। इसके अलावा नए खिलाड़ियों को बाजार में आने और मौजूदा कंपनियों को अपना कामकाज बढ़ाने के लिए प्रतिस्पर्धी माहौल देना भी जरूरी है। इसके लिए सरकार एक ऐसे रेवेन्यू मॉडल की जरूरत बता रही है, जिससे UPI के संचालन और भविष्य के विस्तार के लिए आर्थिक संसाधन उपलब्ध हो सकें।

अभी आपके लिए क्या बदला है?
फिलहाल आम UPI यूजर को किसी नए चार्ज की चिंता करने की जरूरत नहीं है।

  • आम यूजर्स से UPI पेमेंट का ट्रांजैक्शन चार्ज नहीं लिया जाएगा।
  • Person to Person UPI ट्रांजैक्शन फ्री रहेंगे।
  • सभी मर्चेंट ट्रांजैक्शंस पर MDR लागू नहीं होगा।
  • कुछ निर्धारित मर्चेंट ट्रांजैक्शंस पर भविष्य में MDR लगाया जा सकता है।
  • MDR की दर डेबिट और क्रेडिट कार्ड की तुलना में कम रखने की बात कही गई है।
  • बिल पास होने के बाद MDR को लेकर अंतिम फैसला NPCI की अध्यक्षता वाली समिति करेगी।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0
Sushant Pratap Singh Sushant Pratap Singh is an Indian content creator, video producer, and media professional known for creating political explainer videos, digital journalism content, and social media campaigns. He has worked with UP News Network and specializes in video production, content writing, and social media management. Sushant Pratap Singh began his media career as a content creator and video producer associated with UP News Network. During his professional journey, he worked on political and social explainer content, digital journalism, and social media engagement. He has experience in producing and editing news videos, writing articles for digital platforms, and managing online audience engagement through social media strategies. His work also includes anchoring, on-camera presentation, and graphic design for digital media content. Skills-: Content Writing and Article Writing | Social Media Management | Anchoring and Presentation | Video Editing using Adobe Premiere Pro | Video Production | Graphic Design using Canva | Political and Social Explainer Content