यूपी में 60 साल से ज्यादा की उम्र की महिलाओं का रोडवेज सफर फ्री, सीएम योगी से रोते हुए बोलीं बुजुर्ग महिला- अब परिवार वालों के सहारे नहीं रहना पड़ेगा
उत्तर प्रदेश में 60 साल या उससे अधिक उम्र की महिलाओं के लिए रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा योजना की शुरुआत की। कार्यक्रम में एक बुजुर्ग महिला योगी के सामने भावुक हो गईं और कहा कि अब यात्रा के लिए परिवार के सहारे नहीं रहना पड़ेगा। योजना के तहत रोजाना 90 हजार से ज्यादा महिलाओं को लाभ मिलने का अनुमान है।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 60 साल या उससे अधिक उम्र की महिलाओं के लिए बुधवार से रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा शुरू हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा योजना की शुरुआत करते हुए रोडवेज बसों को झंडी दिखाकर रवाना किया। लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आईं बुजुर्ग महिलाओं से मुख्यमंत्री ने बातचीत की। इस दौरान उन्नाव से आईं नीता अवस्थी भावुक हो गईं। उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा कि अब परिवार वाले यात्रा के लिए पैसा दें या नहीं, उन्हें मुफ्त में सफर करने की सुविधा मिलेगी और इसके लिए परिवार के सहारे नहीं रहना पड़ेगा। वहीं, लखनऊ में रहने वाली और मूल रूप से गाजीपुर की रहने वाली लायका खातून ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि अब वह अपने गांव मुफ्त में जा सकेंगी।
आज से 60 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को आजीवन मुफ्त यात्रा
लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा योजना के तहत उत्तर प्रदेश की 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाएं सरकारी रोडवेज बसों में मुफ्त सफर कर सकेंगी। यात्रा के दौरान महिलाओं को अपनी उम्र और पहचान के प्रमाण के लिए आधार कार्ड या वोटर आईडी कार्ड दिखाना होगा। सरकार के अनुसार, योजना पर हर महीने करीब 22.50 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। अनुमान है कि रोजाना 90 हजार से अधिक बुजुर्ग महिलाएं इस सुविधा का लाभ ले सकेंगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में कहा कि 27, 28 और 29 अगस्त को प्रदेश की हर बेटी और हर मां भी एक साथी के साथ रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेगी। इसके बाद 60 साल या उससे अधिक उम्र की महिलाओं को आजीवन मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलती रहेगी।
महिलाओं को स्मार्ट कार्ड और उपहार भी दिए
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने लाभार्थी महिलाओं को योजना से जुड़े स्मार्ट कार्ड भी वितरित किए। महिलाओं को एक बैग दिया गया, जिसमें साड़ी और मिठाई रखी गई थी। कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने महिलाओं के साथ ग्रुप फोटो भी खिंचवाई। इसके बाद वह रोडवेज बसों को रवाना करने पहुंचे और एक बस के अंदर जाकर महिलाओं से बातचीत की। बस में मुख्यमंत्री ने अपने सुरक्षाकर्मियों को कुछ दूरी पर रहने को कहा और महिलाओं के साथ मोबाइल से सेल्फी ली। इस दौरान वह महिलाओं से मोबाइल की तरफ देखने के लिए कहते नजर आए।
अक्टूबर-नवंबर में 50 हजार बेटियों को स्कूटी देने का ऐलान
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने महिलाओं और बेटियों से जुड़ी दूसरी योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार अक्टूबर और नवंबर के दौरान 50 हजार बेटियों को स्कूटी उपलब्ध कराएगी। यह ऐलान भी महिला सशक्तीकरण और बेटियों की शिक्षा तथा आत्मनिर्भरता से जोड़कर देखा जा रहा है।
यूपी में करीब एक करोड़ महिलाएं हैं 60 साल से अधिक उम्र की
2011 की जनगणना के अनुसार, उत्तर प्रदेश में महिलाओं की संख्या 10 करोड़ से अधिक है। इनमें 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं की संख्या करीब एक करोड़ है। हालांकि, योजना का लाभ उन सभी महिलाओं को एक साथ नहीं मिलेगा, लेकिन सरकार के अनुमान के अनुसार रोजाना करीब 90 हजार से ज्यादा बुजुर्ग महिलाएं रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा करेंगी। UPSRTC के मार्च 2022 से मार्च 2023 के सर्वे के अनुसार, उत्तर प्रदेश में प्रतिदिन करीब 18 से 20 लाख यात्री रोडवेज बसों से सफर करते हैं। इनमें लगभग 33 प्रतिशत यानी करीब 5.94 लाख महिलाएं शामिल हैं। भाजपा ने वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान अपने घोषणापत्र में बुजुर्ग महिलाओं को रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देने का वादा किया था।
परिवहन मंत्री ने कहा- बसों में GPS और पैनिक बटन की व्यवस्था
कार्यक्रम में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह भी मौजूद रहे। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। अपने संबोधन में दयाशंकर सिंह ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रोडवेज बसों में GPS और पैनिक बटन लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार परिवहन व्यवस्था को महिलाओं के लिए अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने की दिशा में काम कर रही है।
योगी बोले- पहले आधी आबादी को न सुरक्षा थी, न सम्मान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की पूर्व सरकारों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में पहचान का संकट था और आधी आबादी को न सुरक्षा मिलती थी, न सम्मान और न ही स्वावलंबन का अवसर। योगी ने कहा कि उस दौर में प्रदेश में दंगे, कर्फ्यू, असुरक्षा, उपद्रव, भ्रष्टाचार और योजनाओं में बेईमानी जैसी स्थितियां थीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार आने के बाद प्रदेश में उपद्रव को उत्सव में बदलने का काम किया गया और अब सरकार की योजनाओं का केंद्र बेटी और आधी आबादी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का पहला संकल्प उत्तर प्रदेश की बेटियों को भयमुक्त वातावरण देना था। इसके लिए केवल शारीरिक सुरक्षा ही नहीं, बल्कि मानसिक और स्वास्थ्य सुरक्षा पर भी काम किया गया।
बेटी की सुरक्षा में सेंध लगाने वालों को जेल या जहन्नुम की चेतावनी
मुख्यमंत्री ने महिला सुरक्षा को लेकर भी सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में बेटियों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर अलग माहौल था। उस दौर में बेटी की सुरक्षा पर संकट की बात आम थी और पेंशन, छात्रवृत्ति तथा अन्य योजनाओं में बिचौलियों की भूमिका रहती थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले वन माफिया, सैंड माफिया, पशु माफिया और नकल माफिया जैसे शब्द प्रदेश की पहचान बन गए थे। उन्होंने कहा कि अब अगर किसी ने बेटी की सुरक्षा में घर के अंदर या बाहर सेंध लगाने की कोशिश की तो उसके लिए जेल या जहन्नुम में से एक जगह तय हो जाएगी। योगी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि बेटियां घर से निकलें, पढ़ाई करें, कारोबार करें और रात में भी अपने अधिकार के साथ सुरक्षित घर लौट सकें।
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