रक्षाबंधन की पूजा थाली में जरूर रखें ये 11 चीजें, राखी बांधने से पहले देखें पूरी सामग्री लिस्ट, जानें पूजा की पूरी विधि
रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। राखी बांधने से पहले पूजा की थाली में राखी, कुमकुम, अक्षत, दीपक, मिठाई, फूल, नारियल और दूर्वा समेत 11 चीजें रखना महत्वपूर्ण माना जाता है। जानिए रक्षाबंधन की पूजा थाली की पूरी सामग्री लिस्ट, हर चीज का महत्व और भाई को राखी बांधने की विधि।
रक्षाबंधन का पर्व 28 अगस्त को मनाया जाएगा। भाई-बहन के स्नेह और विश्वास का यह त्योहार सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस दिन बहनें भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बांधकर उसकी लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और सुरक्षा की कामना करती हैं। राखी बांधने से पहले पूजा की थाली तैयार की जाती है। मान्यता है कि पूजा की थाली में कुछ सामग्री का विशेष महत्व होता है। तिलक से लेकर अक्षत, दीपक, मिठाई और राखी तक, हर वस्तु का अपना धार्मिक महत्व माना जाता है। अगर आप भी रक्षाबंधन की तैयारी कर रही हैं, तो जानिए पूजा की थाली में कौन-कौन सी 11 चीजें रखनी चाहिए और राखी बांधने की विधि क्या है।
1. कुमकुम
रक्षाबंधन पर सबसे पहले देवी-देवताओं की पूजा की जाती है। इसके बाद भाई के माथे पर कुमकुम से तिलक लगाया जाता है। इसलिए पूजा की थाली में कुमकुम जरूर रखें।
2. अक्षत
तिलक के साथ अक्षत लगाने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं में अक्षत को समृद्धि और शुभता का प्रतीक माना जाता है। पूजा के लिए साबुत और बिना टूटे हुए चावल का उपयोग करना चाहिए।
3. शुद्ध घी या तेल का दीपक
पूजा की थाली में दीपक का विशेष महत्व होता है। राखी बांधने से पहले दीपक जलाकर आरती की जाती है। मान्यता के अनुसार दीपक से भाई की नजर भी उतारी जाती है।
4. राखी या रक्षासूत्र
रक्षाबंधन की पूजा में राखी सबसे महत्वपूर्ण वस्तु होती है। भाई को राखी बांधने से पहले भगवान को राखी अर्पित करने की परंपरा भी मानी जाती है।
5. ताजे फूल
पूजा के दौरान देवी-देवताओं को ताजे फूल अर्पित किए जाते हैं। इसलिए रक्षाबंधन की थाली में फूल जरूर शामिल करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार इससे पूजा पूर्ण मानी जाती है।
6. मिठाई
पूजा के बाद भगवान को मिठाई का भोग लगाया जाता है। इसके बाद राखी बांधने के बाद भाई का मुंह मीठा कराया जाता है। इसलिए पूजा की थाली में मिठाई रखना जरूरी माना जाता है।
7. काजल
कुछ स्थानों पर रक्षाबंधन के दिन काजल लगाने की परंपरा भी है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इसे बुरी नजर से बचाव से जोड़कर देखा जाता है। काजल को आंखों में या कान के पीछे लगाया जाता है।
8. जल से भरा कलश या पात्र
राखी और पूजा के दौरान जल का उपयोग भी किया जाता है। इसलिए थाली के साथ एक छोटे पात्र या कलश में स्वच्छ जल रखें। मिठाई खिलाने के बाद भाई को जल भी दिया जा सकता है।
9. नारियल
नारियल को शुभ कार्यों और पूजा में महत्वपूर्ण माना जाता है। रक्षाबंधन की पूजा की थाली में नारियल रखने की भी परंपरा है।
10. दूर्वा
धार्मिक मान्यताओं में दूर्वा का विशेष महत्व बताया गया है। इसे अक्षत के साथ भाई के सिर पर रखने की परंपरा भी है। ऐसा भाई की दीर्घायु और मंगल की कामना के लिए किया जाता है।
11. प्रसाद
पूजा के दौरान भगवान को चढ़ाया गया प्रसाद भी थाली में रखा जा सकता है। राखी बांधने के बाद भाई को प्रसाद देने की परंपरा है।
रक्षाबंधन की पूजा विधि
रक्षाबंधन के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें। इसके बाद पूजा स्थल पर जाकर भगवान और कुल देवी-देवताओं का स्मरण करें। अब पीतल, तांबे या चांदी की थाली में राखी, कुमकुम, अक्षत, दीपक, मिठाई, फूल और अन्य पूजा सामग्री व्यवस्थित रूप से रखें। सबसे पहले विधि-विधान से अपने इष्ट देवी-देवताओं की पूजा करें। इसके बाद भगवान को राखी अर्पित करें। मान्यता के अनुसार बाल गोपाल, भगवान गणेश, भगवान शिव और हनुमानजी को भी रक्षासूत्र अर्पित किया जा सकता है। पूजा पूरी होने के बाद भाई को उचित स्थान पर बैठाएं। मान्यता है कि राखी बांधते समय भाई का मुख पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए। इसके बाद भाई के माथे पर कुमकुम और अक्षत का तिलक लगाएं, आरती उतारें और उसकी कलाई पर राखी बांधें। राखी बांधने के बाद भाई का मुंह मिठाई से मीठा कराएं और उसकी लंबी उम्र, सुख और सुरक्षा की कामना करें। परंपरा के अनुसार भाई भी बहन को उपहार, धन या वस्त्र देकर उसकी रक्षा और सम्मान का संकल्प लेता है।
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