भारत पर हमला करने से पहले दो बार सोचेगा दुश्मन, मुंबई में गरजे गृहमंत्री अमित शाह, सर्जिकल स्ट्राइक से ऑपरेशन सिंदूर तक गिनाईं मोदी सरकार की नीतियां
अमित शाह ने मुंबई में सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी ने ऐसी रक्षा नीति बनाई है, जिससे भारत पर हमला करने से पहले दुश्मनों को दो बार सोचना पड़ता है। उन्होंने भारत की अर्थव्यवस्था, निर्यात, वैश्विक स्थिति, 2029 से पहले 21 राज्यों में UCC लागू करने और अवैध घुसपैठियों को देश से बाहर भेजने को लेकर भी बड़ा बयान दिया।
मुंबई। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार को मुंबई में मोदी सरकार की रक्षा नीति से लेकर देश की अर्थव्यवस्था और 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले समान नागरिक संहिता लागू करने तक कई मुद्दों पर बात की। उन्होंने कहा कि आज भारत की स्थिति पहले जैसी नहीं है। आतंकवादी हमले की स्थिति में भारत अब सिर्फ प्रतिक्रिया देने वाला देश नहीं रहा, बल्कि जरूरत पड़ने पर पाकिस्तान की सीमा में घुसकर जवाब देने के लिए तैयार है। मुंबई में आयोजित 52वें इंडिया जेम एंड ज्वेलरी अवॉर्ड्स समारोह में अमित शाह ने सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐसी रक्षा नीति बनाई है, जिससे भारत पर हमला करने से पहले दुश्मनों को दो बार सोचना पड़ता है। इसके बाद अमित शाह ने मुंबई में भाजपा के सेवा संकल्प अभियान की लॉन्चिंग की और प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की। इस दौरान उन्होंने भारत की अर्थव्यवस्था, वैश्विक स्थिति, निर्यात, यूसीसी और अवैध घुसपैठियों को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं को सामने रखा।
सर्जिकल स्ट्राइक से ऑपरेशन सिंदूर तक बदली रक्षा नीति
अमित शाह ने कहा कि पहले कोई यह सोच भी नहीं सकता था कि आतंकवादी हमले की स्थिति में भारत का प्रधानमंत्री पाकिस्तान की सीमा में घुसकर जवाब देने के लिए तैयार होगा। उन्होंने कहा कि चाहे सर्जिकल स्ट्राइक हो, एयर स्ट्राइक हो या ऑपरेशन सिंदूर, नरेंद्र मोदी ने ऐसी रक्षा नीति बनाई है जिससे भारत पर हमला करने के बारे में दुश्मनों को दो बार सोचना पड़ता है। शाह के इस बयान को मोदी सरकार की आतंकवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर अपनाई गई नीति के संदर्भ में देखा जा रहा है। उन्होंने अपने संबोधन में इसे भारत की बदली हुई रणनीतिक स्थिति से जोड़ते हुए देश की सुरक्षा क्षमता का उल्लेख किया।
2014 के भारत से आज की अर्थव्यवस्था तक का सफर
अमित शाह ने देश की आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में केंद्र सरकार ने बुनियादी स्तर पर कई बदलाव किए हैं। उनके मुताबिक, 2014 में भारत को फ्रैजाइल फाइव यानी कमजोर अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाता था, लेकिन आज भारत दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि भारत ने जीडीपी में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है और प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेजी से बढ़ने वाला देश बना हुआ है। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के लोगों में यह विश्वास पैदा किया है कि 15 अगस्त 2047 तक भारत हर क्षेत्र में दुनिया के सभी देशों से आगे होगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात पर जोर
गृहमंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों में देश में इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात के क्षेत्र में लगातार काम हुआ है। इसमें प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव यानी PLI जैसी योजनाओं की भी भूमिका रही है। उन्होंने दावा किया कि भारत का निर्यात लगातार पुराने रिकॉर्ड तोड़ रहा है। शाह के मुताबिक, इन बदलावों का असर भारत की आर्थिक स्थिति के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर देश की स्थिति पर भी दिखाई दे रहा है।
शाह बोले- दुनिया अब भारत के प्रधानमंत्री की राय को महत्व देती है
अमित शाह ने भारत की वैश्विक स्थिति में बदलाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश की वैश्विक स्थिति में काफी सुधार हुआ है। शाह के मुताबिक, आज दुनिया के सामने कोई भी बड़ा मुद्दा हो, भारत के प्रधानमंत्री की राय को महत्व दिया जाता है। उन्होंने कहा कि दुनियाभर में भारतीय पासपोर्ट रखने वाले नागरिकों को सम्मान की नजर से देखा जाता है। उनके इस बयान का फोकस भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अंतरराष्ट्रीय प्रभाव पर रहा।
2029 से पहले 21 राज्यों में UCC लागू करने का दावा
अमित शाह ने समान नागरिक संहिता को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि तीन तलाक को खत्म कर मुस्लिम महिलाओं को समान अधिकार दिए गए हैं और कई राज्यों में समान नागरिक संहिता लागू की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि भाजपा और एनडीए शासित 21 राज्यों में 2029 से पहले समान नागरिक संहिता लागू कर दी जाएगी। गौरतलब है कि अगला लोकसभा चुनाव वर्ष 2029 में प्रस्तावित है। ऐसे में शाह का यह बयान आने वाले वर्षों में भाजपा-एनडीए शासित राज्यों में यूसीसी को लेकर सरकार की दिशा का संकेत देता है।
अवैध घुसपैठियों पर भी शाह का सख्त रुख
अमित शाह ने अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर भी अपना रुख दोहराया। उन्होंने कहा कि देश से हर एक अवैध घुसपैठिए को बाहर निकालने का संकल्प कायम है। उन्होंने कहा कि अवैध घुसपैठियों की एक-एक करके पहचान की जाएगी और उन्हें देश से बाहर भेजा जाएगा। यह मुद्दा भाजपा के प्रमुख राजनीतिक और राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंडे में लंबे समय से शामिल रहा है। शाह ने एक बार फिर इसे लेकर सरकार की नीति स्पष्ट की।
17 सितंबर से देशभर में चलेगा सेवा संकल्प अभियान
मुंबई में अमित शाह ने भाजपा के सेवा संकल्प अभियान की भी शुरुआत की। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 साल की सार्वजनिक सेवा पूरी होने के अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक देशभर में महीनेभर का सेवा संकल्प अभियान चलाया जाएगा। अभियान का विस्तार जिला, लोकसभा और विधानसभा क्षेत्र से लेकर प्रत्येक मतदान केंद्र तक किया जाएगा। शाह ने कहा कि इसमें पूरा एनडीए गठबंधन, स्वयंसेवी संगठन और देशभर के लोग भाग लेंगे। अभियान की शुरुआत 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर होगी। इसके बाद 6 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक कार्यकाल के 25 साल पूरे होने का कार्यक्रम भी इससे जोड़ा जाएगा।
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