वैभव सूर्यवंशी की बैटिंग देखने चेपॉक पहुंची हजारों की भीड़, दलीप ट्रॉफी के मैच में खोलने पड़े एक्स्ट्रा स्टैंड, 44 रन बनाकर हुए आउट
चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम में दलीप ट्रॉफी फाइनल के दौरान वैभव सूर्यवंशी की बैटिंग देखने हजारों दर्शक पहुंच गए। भीड़ बढ़ने पर अतिरिक्त स्टैंड खोलने पड़े। 15 साल के वैभव ने मोहम्मद सिराज के खिलाफ 37 गेंदों पर 44 रन की तूफानी पारी खेली। हालांकि वह अर्धशतक से 6 रन दूर रह गए। जानिए वैभव की पारी और उनके बढ़ते क्रिकेट क्रेज की पूरी कहानी।
चेन्नई। दलीप ट्रॉफी जैसे घरेलू क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल में आमतौर पर दर्शकों की भीड़ सीमित रहती है, लेकिन रविवार को चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में नजारा कुछ अलग था। वजह थी 15 साल के वैभव सूर्यवंशी। जैसे ही दर्शकों को पता चला कि ईस्ट जोन की ओर से सूर्यवंशी बल्लेबाजी करने उतरने वाले हैं, चेपॉक की ओर लोगों का पहुंचना शुरू हो गया। देखते ही देखते स्टेडियम में भीड़ बढ़ गई और दर्शकों की संख्या हजारों में पहुंच गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त स्टैंड भी खोले गए। वैभव ने भी मैदान पर उतरते ही अपने अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने मोहम्मद सिराज जैसे अनुभवी गेंदबाज के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी की और 37 गेंदों पर 44 रन बनाए। उनकी पारी में 5 चौके और एक छक्का शामिल रहा। हालांकि, वह अर्धशतक से 6 रन पहले आउट हो गए।
वैभव बल्लेबाजी करने आए तो बढ़ती गई भीड़
दलीप ट्रॉफी का फाइनल ईस्ट जोन और साउथ जोन के बीच चेन्नई में खेला जा रहा है। वैभव सूर्यवंशी के फाइनल में खेलने की खबर पहले से ही क्रिकेट फैंस के बीच चर्चा में थी। जैसे ही वह बल्लेबाजी के लिए मैदान पर पहुंचे, स्टेडियम में दर्शकों की संख्या बढ़ने लगी। खास बात यह रही कि वैभव ईस्ट जोन की ओर से खेल रहे थे, जबकि मुकाबला साउथ जोन के खिलाफ था। इसके बावजूद स्थानीय दर्शकों का एक बड़ा हिस्सा वैभव की बल्लेबाजी देखने और उन्हें सपोर्ट करने पहुंचा। घरेलू क्रिकेट के मुकाबले में किसी युवा खिलाड़ी को देखने के लिए इस तरह की भीड़ ने वैभव की लोकप्रियता का एक और उदाहरण पेश किया।
सिराज के खिलाफ बेखौफ बल्लेबाजी, 44 रन पर रुकी पारी
वैभव ने अपनी पारी की शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। मोहम्मद सिराज के खिलाफ भी उन्होंने खुलकर शॉट लगाए। एक ओवर में उन्होंने सिराज की गेंदों पर लगातार बाउंड्री लगाकर चेपॉक में मौजूद दर्शकों को रोमांचित कर दिया। उनकी बल्लेबाजी में वही आक्रामक अंदाज दिखाई दिया, जिसके लिए वह पिछले कुछ समय से पहचाने जा रहे हैं। 37 गेंदों में 44 रन बनाने के बाद वैभव चामा वी मिलिंद का शिकार बने। वह अर्धशतक से महज छह रन दूर थे। वैभव के आउट होते ही दर्शकों का एक हिस्सा स्टैंड से बाहर निकलने लगा। इससे साफ दिखाई दिया कि बड़ी संख्या में लोग खास तौर पर उनकी बल्लेबाजी देखने ही स्टेडियम पहुंचे थे।
पहले बेंगलुरु में होना था फाइनल
दलीप ट्रॉफी का फाइनल पहले बेंगलुरु में खेला जाना था, लेकिन बाद में मुकाबले को चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में शिफ्ट किया गया। फाइनल में ईस्ट जोन की टीम 13 साल बाद पहुंची है। सेमीफाइनल में ईस्ट जोन ने सेंट्रल जोन को चार विकेट से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। उस मुकाबले में भी वैभव सूर्यवंशी ने अहम योगदान दिया था।
वैभव के नाम ने घरेलू क्रिकेट में बढ़ाई दिलचस्पी
वैभव सूर्यवंशी की लोकप्रियता अब सिर्फ IPL या अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक सीमित नहीं रह गई है। उनकी मौजूदगी से घरेलू क्रिकेट के मुकाबलों को भी दर्शक मिल रहे हैं। पूर्व भारतीय क्रिकेटर कृष्णमाचारी श्रीकांत भी वैभव की बल्लेबाजी और उनके प्रभाव की तारीफ कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि वैभव लोगों को घरेलू क्रिकेट देखने के लिए प्रेरित कर रहे हैं और उनकी वजह से उनकी पत्नी भी दलीप ट्रॉफी देख रही हैं। श्रीकांत ने वैभव में विश्व क्रिकेट का बड़ा नाम बनने की क्षमता बताई थी और कहा था कि वह टेस्ट क्रिकेट के खोए हुए आकर्षण को वापस लाने में मदद कर सकते हैं।
IPL में 776 रन, ऑरेंज कैप और MVP भी जीता
वैभव के लिए 2026 का IPL सीजन भी रिकॉर्ड से भरा रहा। राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलते हुए उन्होंने 16 मैचों में 776 रन बनाए और टूर्नामेंट के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। इस प्रदर्शन के लिए उन्हें ऑरेंज कैप के साथ MVP अवॉर्ड भी मिला। उन्होंने IPL 2026 में 72 छक्के लगाए और 237.30 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए। इस प्रदर्शन ने उन्हें भारतीय क्रिकेट के सबसे चर्चित युवा खिलाड़ियों में शामिल कर दिया।
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