स्कूल में बेटी को मच्छर ने काटा, मुरादाबाद में पिता ने DM से की शिकायत, बोले- फीस पूरी लेते हैं तो सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी?
मुरादाबाद में LKG की 6 साल की बच्ची को स्कूल में मच्छर ने काट लिया। पिता ने पहले स्कूल से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने सीधे DM को ई-मेल भेज दिया। प्रोफेसर पिता ने पूछा कि अगर बेटी मच्छर से होने वाली किसी बीमारी की चपेट में आती है तो जिम्मेदारी किसकी होगी? शिकायत के बाद प्रशासन हरकत में आया और स्कूल में फॉगिंग के निर्देश दिए गए।
मुरादाबाद। स्कूल में LKG की छात्रा को मच्छर ने काट लिया। बच्ची घर पहुंची तो उसने यह बात अपने पिता को बताई। पिता ने पहले स्कूल से शिकायत की, लेकिन जब उन्हें लगा कि मामले पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई और बच्ची को दोबारा मच्छर ने काट लिया, तो उन्होंने सीधे जिलाधिकारी को ई-मेल भेज दिया। अब मुरादाबाद में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। एमिटी यूनिवर्सिटी नोएडा में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सोनू सिंह ने अपनी 6 साल की बेटी को स्कूल में मच्छर काटने की शिकायत डीएम डॉ. राजेन्द्र पैंसिया से की है। उन्होंने सवाल उठाया है कि यदि मच्छर के काटने से बच्ची बीमार होती है तो इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी होगी। मामला कांठ रोड स्थित शिरडी साईं पब्लिक स्कूल का है। शिकायत के बाद प्रशासन ने मामले को संज्ञान में लिया है और जिला विद्यालय निरीक्षक ने स्कूल में फॉगिंग कराने के निर्देश दिए हैं।
पहली शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
डॉ. सोनू सिंह के मुताबिक, उनकी बेटी ने पहली बार स्कूल में मच्छर काटने की बात बताई थी तो उन्होंने इसकी शिकायत स्कूल डायरी के माध्यम से विद्यालय प्रशासन से की थी। उनका कहना है कि शिकायत के बावजूद स्कूल की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद बच्ची को दोबारा मच्छर ने काट लिया। यहीं से मामला सिर्फ एक बच्चे को मच्छर काटने तक सीमित नहीं रहा। प्रोफेसर पिता ने इसे बच्चों की सुरक्षा और स्कूल की जिम्मेदारी से जोड़ते हुए डीएम से शिकायत कर दी। उन्होंने 19 अगस्त को जिलाधिकारी को ई-मेल भेजकर मामले की शिकायत की।
प्रोफेसर पिता ने पूछा- पूरी फीस लेते हैं तो सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी?
डॉ. सोनू सिंह ने शिकायत में कहा कि अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल के भरोसे छोड़ते हैं। ऐसे में स्कूल की जिम्मेदारी है कि बच्चों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब स्कूल बच्चों से पूरी फीस लेते हैं तो उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर भी जवाबदेही तय होनी चाहिए। प्रोफेसर ने डीएम से कहा कि अगर मच्छर के काटने से उनकी बेटी किसी बीमारी की चपेट में आती है तो इसके लिए जिम्मेदार कौन होगा। उनके मुताबिक, बच्चों को केवल पढ़ाई का माहौल देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि स्कूल परिसर की साफ-सफाई और स्वास्थ्य सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।
8 साल अमेरिका में की रिसर्च, बोले- मच्छरों से होने वाले खतरे समझता हूं
डॉ. सोनू सिंह एमिटी यूनिवर्सिटी नोएडा में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। उन्होंने बताया कि वह करीब 8 साल तक अमेरिका में न्यूरोसाइकोलॉजी और न्यूरोसाइंसेज के क्षेत्र में रिसर्च कर चुके हैं। उनका कहना है कि इसी वजह से वह मच्छरों से होने वाली बीमारियों और उनसे जुड़े स्वास्थ्य संबंधी खतरों को अच्छी तरह समझते हैं। उन्होंने स्कूल प्रशासन की जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए कहा कि बच्चों को ऐसे माहौल में रखा जाना चाहिए, जहां उनके स्वास्थ्य को लेकर जरूरी सावधानियां बरती जाएं।
DM के संज्ञान में पहुंचा मामला
प्रोफेसर की शिकायत जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया तक पहुंचने के बाद प्रशासन ने मामले को संज्ञान में लिया। डीएम ने जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देशित किया कि केवल संबंधित स्कूल ही नहीं, बल्कि जिले के अन्य स्कूलों में भी साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। प्रशासन का फोकस अब स्कूल परिसरों में स्वच्छता व्यवस्था और बच्चों के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने पर है।
DIOS ने दिए फॉगिंग के निर्देश
जिला विद्यालय निरीक्षक ऋतु तोमर ने बताया कि प्रोफेसर की शिकायत उनके संज्ञान में है। संबंधित निजी स्कूल को फॉगिंग कराने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल को साफ-सफाई और मच्छरों से बचाव के लिए जरूरी व्यवस्था करने को कहा गया है। यदि निर्देशों का पालन नहीं किया गया तो कार्रवाई की जाएगी। एक बच्ची को स्कूल में मच्छर काटने से शुरू हुआ मामला अब प्रशासन तक पहुंच चुका है। प्रोफेसर पिता के एक सवाल ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा, साफ-सफाई और जवाबदेही को लेकर बहस खड़ी कर दी है कि आखिर स्कूल परिसर में बच्चों के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी तय करने की जरूरत कितनी जरूरी है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0
