बाढ़ के गंदा अब होगा पीने लायक, InstaWater की मशीन मिनटों में करेगी पानी साफ, जानिए कैसे काम करती है टेक्नोलॉजी

बाढ़ के बाद दूषित पानी से डायरिया और हैजा जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में त्रिपुरा यूनिवर्सिटी से समर्थित InstaWater की पेटेंटेड मोबाइल वॉटर प्यूरीफिकेशन तकनीक बाढ़ के पानी को शुद्ध कर पीने लायक बनाने का दावा करती है। जानिए कैसे काम करती है यह पोर्टेबल तकनीक।

Aug 9, 2026 - 13:20
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बाढ़ के गंदा अब होगा पीने लायक, InstaWater की मशीन मिनटों में करेगी पानी साफ, जानिए कैसे काम करती है टेक्नोलॉजी

बाढ़ के दौरान सिर्फ घर और सड़कें ही प्रभावित नहीं होतीं। पानी उतरने के बाद एक और बड़ा संकट सामने आता है। कुएं, तालाब, हैंडपंप और दूसरे जलस्रोत सीवेज, कचरे और गंदगी से दूषित हो जाते हैं। ऐसे में बाढ़ प्रभावित लोगों के सामने सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना बड़ी चुनौती बन जाता है। दूषित पानी के कारण डायरिया, हैजा और दूसरी जल-जनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। दूर-दराज के बाढ़ प्रभावित इलाकों में बोतलबंद पानी या टैंकर पहुंचाना भी आसान नहीं होता। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए त्रिपुरा यूनिवर्सिटी से समर्थित InstaWater नाम के स्टार्टअप ने मोबाइल वॉटर प्यूरीफिकेशन तकनीक विकसित की है। स्टार्टअप के मुताबिक यह पेटेंटेड पोर्टेबल तकनीक दूषित पानी को शुद्ध कर पीने योग्य बनाने के लिए डिजाइन की गई है।

असम के बाढ़ प्रभावित इलाके में किया इस्तेमाल
InstaWater की इस तकनीक का हाल ही में असम के अमगुरी में इस्तेमाल किया गया। स्टार्टअप की टीम के मुताबिक वहां उसकी प्यूरीफिकेशन यूनिट के जरिए करीब 2,000 लीटर बाढ़ के दूषित पानी को शुद्ध किया गया। इससे 30 से ज्यादा परिवारों को पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिली। इस टीम में InstaWater के संस्थापक प्रोफेसर हरजीत नाथ, एमटेक छात्र असीम और टेक्निशियन शांतनु शामिल थे। स्टार्टअप का कहना है कि तकनीक पूरी तरह स्वदेशी है और इसे इस तरह तैयार किया गया है कि जरूरत पड़ने पर बाढ़ प्रभावित इलाकों में ही पानी को शुद्ध किया जा सके।

मोबाइल यूनिट की सबसे बड़ी खासियत क्या है?
InstaWater की तकनीक को पोर्टेबल बनाया गया है। यानी इसे एक जगह से दूसरी जगह ले जाकर इस्तेमाल किया जा सकता है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में जहां दूषित पानी उपलब्ध है, वहीं इस यूनिट को लगाकर पानी को शुद्ध करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। इसका फायदा यह है कि राहत एजेंसियों को हर बार दूर से बड़ी मात्रा में बोतलबंद पानी पहुंचाने पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। स्थानीय जलस्रोत में मौजूद पानी को ही ट्रीट करके इस्तेमाल करने की संभावना बन सकती है।

कैसे काम करती है InstaWater की तकनीक?
इस प्यूरीफिकेशन यूनिट में एक पंप होता है, जो दूषित पानी को खींचता है। इसके बाद पानी को अलग-अलग फिल्ट्रेशन प्रक्रियाओं से गुजारा जाता है। स्टार्टअप के अनुसार इस प्रक्रिया में पानी से मिट्टी, कीचड़ और बारीक कणों जैसी अशुद्धियों को हटाया जाता है। इसके साथ ही सीवेज से दूषित पानी में मौजूद हानिकारक सूक्ष्मजीवों और अन्य प्रदूषकों को कम करने के लिए उपचार प्रक्रिया अपनाई जाती है। स्टार्टअप का दावा है कि इसकी तकनीक WHO के पेयजल मानकों को ध्यान में रखकर विकसित की गई है और उपचार के बाद पानी को सुरक्षित पेयजल के मानकों के अनुरूप बनाने का लक्ष्य है।

बाढ़ प्रभावित इलाकों में क्यों महत्वपूर्ण है यह तकनीक?
बाढ़ के दौरान सड़क संपर्क टूटने और राहत सामग्री पहुंचाने में परेशानी के कारण कई इलाकों में पेयजल की समस्या गंभीर हो जाती है। ऐसे में अगर मौके पर ही दूषित पानी को उपचारित करके पीने योग्य पानी तैयार किया जा सके, तो राहत कार्यों में काफी मदद मिल सकती है। खासकर उन गांवों और राहत शिविरों में जहां बोतलबंद पानी की लगातार सप्लाई करना मुश्किल होता है, पोर्टेबल वॉटर प्यूरीफिकेशन यूनिट उपयोगी साबित हो सकती है। हालांकि, किसी भी जल-शोधन तकनीक की वास्तविक प्रभावशीलता का आकलन उसके परीक्षण परिणामों, उपचार के बाद पानी की स्वतंत्र प्रयोगशाला जांच और संबंधित मानकों के अनुपालन के आधार पर किया जाना जरूरी है।

बाढ़ के बाद पानी से फैलने वाली बीमारियों का खतरा
बाढ़ का पानी जब सीवेज और कचरे के संपर्क में आता है तो उसमें कई तरह के रोगजनक मौजूद हो सकते हैं। यही दूषित पानी अगर बिना उचित उपचार के पीने या खाना बनाने में इस्तेमाल किया जाए तो जल-जनित बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। इसी वजह से बाढ़ के बाद राहत और पुनर्वास कार्यों में सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था सबसे अहम प्राथमिकताओं में शामिल रहती है। InstaWater जैसी पोर्टेबल तकनीक इसी चुनौती को स्थानीय स्तर पर हल करने की कोशिश करती है। यदि ऐसी तकनीक बड़े स्तर पर प्रभावी और सुरक्षित साबित होती है, तो बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल उपलब्ध कराने के तरीके में बदलाव आ सकता है।

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Sushant Pratap Singh Sushant Pratap Singh is an Indian content creator, video producer, and media professional known for creating political explainer videos, digital journalism content, and social media campaigns. He has worked with UP News Network and specializes in video production, content writing, and social media management. Sushant Pratap Singh began his media career as a content creator and video producer associated with UP News Network. During his professional journey, he worked on political and social explainer content, digital journalism, and social media engagement. He has experience in producing and editing news videos, writing articles for digital platforms, and managing online audience engagement through social media strategies. His work also includes anchoring, on-camera presentation, and graphic design for digital media content. Skills-: Content Writing and Article Writing | Social Media Management | Anchoring and Presentation | Video Editing using Adobe Premiere Pro | Video Production | Graphic Design using Canva | Political and Social Explainer Content