बीजेपी के खजाने में 7600 करोड़ से ज्यादा रुपए, पांच राज्यों में हुए चुनाव के दौरान मिले 1400 करोड़, खर्च हुए सिर्फ 160 करोड़
विधानसभा चुनावों के दौरान बीजेपी के केंद्रीय मुख्यालय को 1,472.8 करोड़ रुपये की धनराशि मिली। चुनाव आयोग को दिए आंकड़ों के मुताबिक असम, तमिलनाडु और पुडुचेरी में पार्टी ने कुल 160 करोड़ रुपये खर्च किए। वहीं बीजेपी का क्लोजिंग बैलेंस 6,722.6 करोड़ से बढ़कर 7,627.2 करोड़ रुपये हो गया।
नई दिल्ली। विधानसभा चुनावों के दौरान भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय मुख्यालय को बड़ी मात्रा में धनराशि प्राप्त हुई। चुनाव आयोग के समक्ष दाखिल किए गए पार्टी के खर्च और आय के आंकड़ों के मुताबिक, असम, तमिलनाडु और पुडुचेरी विधानसभा चुनावों के दौरान बीजेपी के केंद्रीय मुख्यालय को कुल 1,472.8 करोड़ रुपये मिले। इसी अवधि में पार्टी का क्लोजिंग बैलेंस बढ़कर 7,627.2 करोड़ रुपये हो गया। 15 मार्च 2026 को बीजेपी का क्लोजिंग बैलेंस 6,722.6 करोड़ रुपये था। यानी चुनावी अवधि के दौरान पार्टी के बैलेंस में 904.6 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई। हालांकि, जिन पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव हुए, उनमें से पश्चिम बंगाल और केरल के चुनाव खर्च का पूरा विवरण अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है। फिलहाल असम, तमिलनाडु और पुडुचेरी से जुड़े आंकड़े सामने आए हैं।
तीन राज्यों में BJP ने 160 करोड़ रुपये खर्च किए
चुनाव आयोग के सामने पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार, बीजेपी ने असम, तमिलनाडु और पुडुचेरी में केंद्रीय मुख्यालय, राज्य और जिला इकाइयों को मिलाकर कुल 160 करोड़ रुपये खर्च किए। इनमें सबसे ज्यादा खर्च असम में हुआ। बीजेपी ने असम में 96.3 करोड़ रुपये, तमिलनाडु में 51.6 करोड़ रुपये और पुडुचेरी में 11.9 करोड़ रुपये खर्च किए। पार्टी के कुल खर्च में करीब 130.4 करोड़ रुपये सामान्य चुनाव प्रचार पर खर्च हुए, जबकि करीब 29.6 करोड़ रुपये उम्मीदवारों को एकमुश्त भुगतान और उनके आपराधिक रिकॉर्ड के प्रचार पर खर्च किए गए।
असम में सबसे ज्यादा खर्च, विज्ञापन पर 37 करोड़
असम विधानसभा चुनाव में बीजेपी का कुल खर्च 96.3 करोड़ रुपये रहा। पार्टी के चुनावी खर्च के ब्योरे के मुताबिक, सामान्य प्रचार पर करीब 76.7 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसमें पार्टी की केंद्रीय इकाई की ओर से 23.1 करोड़ रुपये और उम्मीदवारों पर 19.5 करोड़ रुपये खर्च किए गए। बीजेपी ने असम में स्टार प्रचारकों की यात्रा पर 27.3 करोड़ रुपये खर्च किए। इसके अलावा विज्ञापनों पर 37 करोड़ रुपये और प्रचार सामग्री पर 8.9 करोड़ रुपये खर्च किए गए। राज्य इकाई के अन्य खर्चों पर 2.3 करोड़ रुपये खर्च हुए। उम्मीदवारों को कुल 19.4 करोड़ रुपये दिए गए, जबकि उनके आपराधिक रिकॉर्ड के प्रकाशन पर करीब 16.7 लाख रुपये खर्च किए गए।
तमिलनाडु में 51.6 करोड़ रुपये का खर्च
तमिलनाडु में बीजेपी ने कुल 51.6 करोड़ रुपये खर्च किए। पार्टी के आंकड़ों के अनुसार, सामान्य चुनाव प्रचार के लिए करीब 44.5 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसके अलावा उम्मीदवारों पर करीब 7 करोड़ रुपये खर्च हुए। इस तरह तमिलनाडु में पार्टी का कुल चुनावी खर्च 51.6 करोड़ रुपये रहा।
पुडुचेरी में 11.9 करोड़ रुपये खर्च
पुडुचेरी में बीजेपी का चुनावी खर्च तीनों राज्यों में सबसे कम रहा। यहां पार्टी ने कुल 11.9 करोड़ रुपये खर्च किए। असम, तमिलनाडु और पुडुचेरी के आंकड़ों को जोड़ने पर बीजेपी का कुल चुनावी खर्च करीब 160 करोड़ रुपये बैठता है।
पश्चिम बंगाल और केरल का पूरा खर्च अभी सामने नहीं आया
इन विधानसभा चुनावों में असम, तमिलनाडु और पुडुचेरी के अलावा पश्चिम बंगाल और केरल में भी चुनाव हुए थे। हालांकि, इन दोनों राज्यों के चुनाव खर्च से जुड़े आंकड़े अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। इस वजह से पांचों राज्यों को मिलाकर बीजेपी की कुल चुनावी आय और खर्च की पूरी तस्वीर अभी सामने नहीं आई है। पश्चिम बंगाल और केरल के आंकड़े आने के बाद पार्टी के चुनावी खर्च का कुल आंकड़ा और स्पष्ट हो सकेगा।
कांग्रेस ने रुपये खर्च किए थे 248.6 करोड़
इसी विधानसभा चुनाव प्रक्रिया के लिए कांग्रेस की ओर से पहले जारी किए गए चुनावी खर्च के विवरण में कुल 248.6 करोड़ रुपये खर्च होने की जानकारी दी गई थी। वहीं, बीजेपी की ओर से उपलब्ध आंकड़ों में असम, तमिलनाडु और पुडुचेरी में कुल 160 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की जानकारी सामने आई है। बीजेपी के आंकड़ों में सबसे अहम बात पार्टी के क्लोजिंग बैलेंस में हुई बढ़ोतरी है। 15 मार्च 2026 को 6,722.6 करोड़ रुपये से बढ़कर चुनावी अवधि के बाद यह राशि 7,627.2 करोड़ रुपये हो गई। यानी इस दौरान पार्टी के बैलेंस में करीब 904.6 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
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