इंडिगो की वेबसाइट हफ्ते में दूसरी बार ठप, टिकट बुकिंग से वेब चेक-इन तक अटकी सेवाएं, ऐप लॉगिन और पेमेंट में भी आई परेशानी
इंडिगो की वेबसाइट हफ्ते में दूसरी बार तकनीकी गड़बड़ी का शिकार हुई है। यात्रियों को फ्लाइट टिकट बुक करने, वेब चेक-इन करने, मोबाइल ऐप में लॉगिन और पेमेंट कन्फर्मेशन तक में परेशानी का सामना करना पड़ा। वेबसाइट पर कई यूजर्स को नो डेटा अवेलेबल का मैसेज दिखाई दिया। दो दिन पहले भी एयरलाइन के रिजर्वेशन सिस्टम में ऐसी ही समस्या सामने आई थी। इंडिगो ने कहा है कि उसकी टेक्निकल टीमें गड़बड़ी को दूर करने में जुटी हैं, लेकिन सवाल यह है कि भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन के डिजिटल सिस्टम में बार-बार आ रही इन दिक्कतों की वजह क्या है और यात्रियों की परेशानी कब तक खत्म होगी ?
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो की ऑनलाइन सेवाएं एक बार फिर यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन गईं। शुक्रवार को इंडिगो की वेबसाइट और कुछ डिजिटल सेवाओं में गड़बड़ी आ गई। यात्रियों को टिकट बुकिंग, वेब चेक-इन, मोबाइल ऐप में लॉगिन और पेमेंट से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ा। वेबसाइट पर फ्लाइट बुकिंग का विकल्प खोलने पर कई यूजर्स को नो डेटा अवेलेबल का मैसेज दिखाई दिया। यह इस हफ्ते दूसरा मौका है, जब इंडिगो की वेबसाइट और ऑनलाइन सर्विसेज में तकनीकी दिक्कत सामने आई है। एयरलाइन ने सर्विस एडवाइजरी जारी कर माना कि सिस्टम में रुक-रुककर गड़बड़ी हो रही है। इंडिगो ने कहा कि इस वजह से कुछ ग्राहकों को ऑनलाइन सेवाओं का इस्तेमाल करने में परेशानी हो सकती है और टेक्निकल टीमें समस्या को जल्द ठीक करने में लगी हैं।
दो दिन पहले भी सामने आई थी तकनीकी दिक्कत
शुक्रवार की समस्या ऐसे समय आई है, जब इससे दो दिन पहले भी इंडिगो के मुख्य रिजर्वेशन सिस्टम में गड़बड़ी की जानकारी सामने आई थी। बुधवार को एयरलाइन ने बताया था कि उसके रिजर्वेशन प्लेटफॉर्म में रुक-रुककर तकनीकी समस्या आ रही है। इसके चलते ग्राहकों को टिकट बुकिंग और दूसरी ऑनलाइन सेवाओं का इस्तेमाल करने में परेशानी हुई थी। उस समय इंडिगो ने कहा था कि वह अपने टेक्नोलॉजी पार्टनर के साथ मिलकर समस्या को दूर करने पर काम कर रही है। हालांकि, एयरलाइन ने तकनीकी गड़बड़ी की वजह के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी थी। अब हफ्ते में दूसरी बार ऑनलाइन सिस्टम में परेशानी आने के बाद यात्रियों की चिंता बढ़ गई है।
टिकट बुकिंग फेल, वेब चेक-इन और पेमेंट में भी दिक्कत
शुक्रवार को कई यात्रियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इंडिगो से अपनी परेशानी साझा की। किसी की फ्लाइट बुकिंग पूरी नहीं हो पा रही थी, तो कुछ लोग वेब चेक-इन नहीं कर पा रहे थे। कई यूजर्स को मोबाइल ऐप में लॉगिन करने में परेशानी हुई। वहीं कुछ यात्रियों ने पेमेंट करने के बाद भी कन्फर्मेशन न मिलने की शिकायत की। ऑनलाइन टिकट बुक करने वाले और अपनी मौजूदा फ्लाइट को डिजिटल तरीके से मैनेज करने वाले यात्रियों पर इस तकनीकी गड़बड़ी का सीधा असर पड़ा।
इंडिगो ने कहा, कुछ समय बाद दोबारा करें कोशिश
इंडिगो ने यात्रियों से अपील की कि वे कुछ समय बाद वेबसाइट और अन्य डिजिटल चैनलों का दोबारा इस्तेमाल करने की कोशिश करें। एयरलाइन ने यह भी कहा कि जिन यात्रियों को अपनी यात्रा से जुड़ी तुरंत मदद चाहिए, वे कस्टमर सपोर्ट हेल्पलाइन के जरिए संपर्क कर सकते हैं। जिन यात्रियों की यात्रा बाद में है, उन्हें कुछ समय इंतजार करने और फिर से ऑनलाइन सर्विसेज इस्तेमाल करने की सलाह दी गई। फिलहाल एयरलाइन की टीमें समस्या को ठीक करने में जुटी हैं, लेकिन यह साफ नहीं किया गया कि तकनीकी गड़बड़ी पूरी तरह कब तक दूर हो जाएगी।
देश के एयरलाइन मार्केट में इंडिगो की करीब 67% हिस्सेदारी
इंडिगो घरेलू बाजार हिस्सेदारी के लिहाज से भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन है। जुलाई के आंकड़ों के अनुसार देश के घरेलू विमानन बाजार में उसकी हिस्सेदारी करीब 67% है। इंडिगो का नेटवर्क देशभर में फैला हुआ है और हर दिन बड़ी संख्या में यात्री इसकी उड़ानों से सफर करते हैं। ऐसे में वेबसाइट, मोबाइल ऐप या रिजर्वेशन सिस्टम में गड़बड़ी का असर सिर्फ कुछ यात्रियों तक सीमित नहीं रहता। टिकट बुकिंग से लेकर वेब चेक-इन और फ्लाइट मैनेजमेंट तक बड़ी संख्या में लोग एयरलाइन के डिजिटल सिस्टम पर निर्भर हैं। यही वजह है कि बार-बार आने वाली तकनीकी समस्याएं यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी बन सकती हैं।
दिसंबर में रद्द हुई थीं करीब 4,500 फ्लाइट्स
इंडिगो पहले भी संचालन से जुड़ी बड़ी चुनौतियों का सामना कर चुकी है। दिसंबर में पायलट रोस्टर प्लानिंग से जुड़ी समस्याओं के बाद एयरलाइन की करीब 4,500 फ्लाइट्स रद्द हुई थीं। इसका असर देशभर में हवाई यात्रा पर पड़ा था और हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा था। फ्लाइट्स रद्द होने के बाद नियामक संस्थाओं ने भी मामले की जांच की और एयरलाइन पर कार्रवाई की गई। हालांकि, शुक्रवार को वेबसाइट और ऑनलाइन सर्विसेज में आई गड़बड़ी का दिसंबर में हुए ऑपरेशनल संकट से सीधा संबंध नहीं बताया गया है। लेकिन हफ्ते में दूसरी बार रिजर्वेशन और डिजिटल सिस्टम में समस्या आने के बाद इंडिगो की टेक्नोलॉजी और ऑनलाइन सेवाओं की विश्वसनीयता पर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं।
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