लखनऊ में सीएसआर फंड के नाम पर 1.31 करोड़ की साइबर ठगी, एनजीओ का खाता किया गया खाली
साइबर जालसाजों ने सीएसआर फंड उपलब्ध कराने के नाम पर लखनऊ स्थित एक गैर सरकारी संगठन से 1.31 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की। अदालत के आदेश के बाद गोमती नगर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में साइबर ठगों ने एक बड़ी धोखाधड़ी को अंजाम दिया है। सीएसआर फंड दिलाने के नाम पर जालसाजों ने एक एनजीओ के बैंक खाते से 1.31 करोड़ रुपये से अधिक की रकम ट्रांसफर कर ली। ठगी का पता चलने के बाद पीड़ित ने गोमतीनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। पुलिस के साथ-साथ साइबर थाना भी मामले की जांच कर रहा है। यह घटना शहर में साइबर अपराध के बढ़ते मामलों की ओर इशारा करती है।
2010 से सामाजिक कार्य कर रही है संस्था
गोमतीनगर के विशाल खंड निवासी बृजेश तिवारी दिशा मानव कल्याण एवं उत्थान समिति के सचिव हैं। उन्होंने बताया कि उनकी संस्था वर्ष 2010 से हस्तशिल्प, पर्यावरण संरक्षण और समग्र विकास के क्षेत्र में लगातार काम कर रही है। सितंबर महीने में जौनपुर निवासी अमरीष मिश्रा ने फोन कर उनकी संस्था को सीएसआर फंड दिलाने की बात कही। उसने खुद को प्रभावशाली संपर्कों वाला व्यक्ति बताया।
दस्तावेज दिखाकर जीता भरोसा
14 सितंबर को अमरीष मिश्रा अपने कुछ साथियों के साथ लखनऊ आया। उसने दिल्ली और हरियाणा की कई संस्थाओं को सीएसआर फंड दिलाने से जुड़े दस्तावेज दिखाए। इन कागजातों के जरिए उसने एनजीओ पदाधिकारियों का भरोसा जीत लिया और संस्था के बैंक खाते की पूरी जानकारी हासिल कर ली। इसी दौरान ठग लखनऊ के अलग-अलग होटलों में ठहरे।
खाते में आई रकम, फिर कर दी गई ट्रांसफर
14 से 18 सितंबर तक आरोपी लखनऊ में ही रुके। 15 से 19 सितंबर के बीच एनजीओ के खाते में 1.31 करोड़ रुपये से अधिक की रकम आई। इसके तुरंत बाद यह पूरी राशि अलग-अलग बैंक खातों और डिजिटल वॉलेट्स में ट्रांसफर कर दी गई। 19 सितंबर की रात सभी आरोपी होटल से फरार हो गए। अगले दिन 20 सितंबर को पीड़ित ने बैंक खाता बंद करवाया।
कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई एफआईआर
पीड़ित का आरोप है कि उसने साइबर क्राइम थाना हजरतगंज, गोमतीनगर थाना और पुलिस आयुक्त कार्यालय में शिकायत दी, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं की गई। आखिरकार मजबूर होकर उसने न्यायालय की शरण ली। कोर्ट के आदेश के बाद गोमतीनगर थाने में मामला दर्ज किया गया। फिलहाल पुलिस और साइबर सेल मिलकर ठगों की तलाश और धन की रिकवरी की कोशिश कर रही है।
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