लखनऊ में एटीएम बदलकर ठगी करने वाले दो शातिर गिरफ्तार, 181 कार्ड और फर्जी आधार बरामद
लखनऊ पुलिस ने एटीएम कार्ड की अदला-बदली के आरोप में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 181 एटीएम कार्ड, फर्जी आधार कार्ड और धोखाधड़ी के पैसों से खरीदी गई एक साइकिल बरामद की गई है।
लखनऊ के मड़ियांव क्षेत्र में पुलिस ने एटीएम बदलकर टप्पेबाजी करने वाले दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी 14 फरवरी, शनिवार की रात की गई। आरोपी एटीएम बूथ के बाहर खड़े होकर बुजुर्गों और महिलाओं को मदद के बहाने अपना निशाना बनाते थे। पुलिस को लंबे समय से एटीएम कार्ड बदलकर रुपये निकालने की शिकायत मिल रही थी। सूचना के आधार पर पुलिस ने जीएसआई ई-पॉवर हाउस चौराहे के पास स्थित एसबीआई एटीएम से दोनों को बिना नंबर प्लेट की बाइक के साथ दबोच लिया।
181 एटीएम कार्ड और फर्जी आधार कार्ड बरामद
एडीसीपी नार्थ रिषभ रुढ़वाल ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों की पहचान शहबान (28) निवासी मधई का पुरवा, सदर कोतवाली प्रतापगढ़ और दिलशाद (26) निवासी लीलीपुर प्रतापगढ़ के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उनके पास से अलग-अलग बैंकों के 181 एटीएम कार्ड, चार फर्जी आधार कार्ड, एक मोबाइल फोन और ठगी के पैसों से खरीदी गई बाइक बरामद की गई। पुलिस के अनुसार बरामद सामान ठगी से जुड़ा है।
दोस्त को छुड़ाने के नाम पर जुटाए पैसे
पूछताछ में दिलशाद ने बताया कि उनका साथी हिमांशु सिंह अयोध्या जेल में बंद है। उसे छुड़ाने के लिए करीब चार लाख रुपये की जरूरत थी। इसी वजह से वे ठगी कर पैसे जमा कर रहे थे। तीनों ने पहले पारा इलाके में मिलकर ठगी की थी। करीब तीन महीने पहले हिमांशु को अयोध्या पुलिस ने पकड़ लिया था। हालांकि आरोपियों ने लगभग 30 लाख रुपये जुटा लिए, लेकिन दोस्त को छुड़ाने के बजाय उन पैसों से गाड़ी और पत्नी के लिए ज्वेलरी खरीद ली। महंगे कपड़े और क्लबों का शौक भी बताया गया।
100 से ज्यादा लोगों को बनाया शिकार
आरोपियों ने कबूल किया कि वे 100 से ज्यादा लोगों से 30 लाख रुपये से अधिक की ठगी कर चुके हैं। उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों में भी वारदात कर चुके हैं। अब तक 100 से अधिक खातों से रुपये निकाले जा चुके हैं।
ऐसे देते थे वारदात को अंजाम
दोनों एटीएम बूथ के पास खड़े होकर मदद का झांसा देते थे। जैसे ही कोई बुजुर्ग या महिला कार्ड चलाने में मदद मांगता, वे चालाकी से कार्ड बदल देते और बाद में खाते से पैसे निकाल लेते। दिलशाद बीटेक पास है और पहले नोएडा में आईटी सेक्टर की निजी कंपनी में नौकरी करता था, लेकिन नौकरी छोड़कर अपने दोस्तों के साथ ठगी करने लगा।
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