बांग्लादेश में चुनाव से पहले उलझन और डर का माहौल, भारत बना सबसे बड़ा मुद्दा

12 फरवरी को होने वाले बांग्लादेश चुनावों से पहले, शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद राजनीतिक अनिश्चितता, भारत का प्रभाव, हिंसा का डर और मतदाताओं में भ्रम की स्थिति हावी है।

Feb 5, 2026 - 09:14
 0  2
बांग्लादेश में चुनाव से पहले उलझन और डर का माहौल, भारत बना सबसे बड़ा मुद्दा

बांग्लादेश एक बार फिर बड़े राजनीतिक बदलाव के दौर से गुजर रहा है। शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद 12 फरवरी को देश में चुनाव होने हैं। राजधानी ढाका की सड़कों पर चुनावी पोस्टर, नारे और रैलियां दिख रही हैं, लेकिन आम लोगों में उत्साह कम और चिंता ज्यादा है। 1952 के भाषा आंदोलन की प्रतीक शहीद मीनार के पास आइसक्रीम बेचने वाले अहीदुज्जमान जैसे लोग चुनाव को लेकर असमंजस में हैं। उनका कहना है कि जिसने देश को आजादी दिलाई, वही पार्टी चुनाव में नहीं है, ऐसे में वोट किसे दें, यह समझना मुश्किल हो गया है।

शेख हसीना के बाद बदला राजनीतिक समीकरण
अगस्त 2024 में सरकार गिरने के बाद देश में हिंसा और अराजकता देखी गई थी। अब हालात सामान्य दिख रहे हैं और अंतरिम सरकार डॉ. मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में काम कर रही है। इस सरकार में छात्र आंदोलन से निकले नेता भी शामिल हैं। इस बार चुनाव में मुख्य रूप से दो धड़े हैं—बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) और जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाला गठबंधन। छात्रों की पार्टी नेशनल सिटिजन पार्टी भी जमात के साथ आ गई है।

भारत समर्थक और विरोधी वोटर आमने-सामने
चुनाव में भारत सबसे बड़ा मुद्दा बनकर उभरा है। वोटर दो हिस्सों में बंटे हैं—एक भारत समर्थक और दूसरा भारत विरोधी। कई लोगों का मानना है कि जमात-ए-इस्लामी पाकिस्तान के एजेंडे पर काम कर रही है। वहीं आम नागरिक महंगाई, बेरोजगारी और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर बात न होने से नाराज हैं।

अल्पसंख्यकों में असुरक्षा की भावना
हिंदू समुदाय, जो आबादी का करीब 8% है, खुद को पहले से कम सुरक्षित महसूस कर रहा है। छात्रा सुष्मिता मंडल का कहना है कि पहले हालात बेहतर थे, अब डर का माहौल है। अल्पसंख्यक वोटरों के सामने सबसे बड़ा सवाल है कि वे किसे समर्थन दें।

हिंसा और धांधली की आशंका
विशेषज्ञों का कहना है कि चुनाव शांतिपूर्ण होंगे या नहीं, यह बड़ा सवाल है। अगस्त 2024 की हिंसा में लूटे गए हथियारों में से ज्यादातर अब तक बरामद नहीं हुए हैं। ऐसे में हिंसा की आशंका बनी हुई है। अगर हालात बिगड़े तो सेना के हस्तक्षेप की भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0
Aniket Prajapati अनिकेत प्रजापति UP News Network असिस्टेंट न्यूज़ एडिटर है। वे 1 साल से ज्योतिष और धार्मिक, बिजनेस, नेशनल, उत्तर प्रदेश, गैजेट्स, हेल्थ आदि से जुड़े मुद्दों को कवर कर रहे हैं। अनिकेत प्रजापति पिछले 1 साल से UP News Network, (Digital) के साथ जुड़े हैं। वह TV 24 Network में भी काम कर चुके हैं। अनिकेत प्रजापति ने भारतीय जनसंचार संस्थान University of Lucknow से पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है।