यमुना एक्सप्रेसवे पर बढ़ी वाहनों की रफ्तार…अब 60 नहीं सीधे 100 KM/H की स्पीड, जानिए प्रशासन ने क्यों बदला नियम
कोहरे की स्थिति में सुधार होने के बाद यमुना एक्सप्रेसवे पर हल्के वाहनों के लिए गति सीमा 100 किमी/घंटा और भारी वाहनों के लिए 80 किमी/घंटा कर दी गई है। अधिकारियों ने चालकों से सुरक्षा नियमों का पालन करने का आग्रह किया है।
Uttar Pradesh News: यमुना एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। कोहरे के कारण पिछले करीब दो महीनों से वाहनों की रफ्तार पर लगी पाबंदी अब हटा दी गई है। एक्सप्रेसवे प्रबंधन ने 15 फरवरी की रात 12 बजे से पुरानी गति सीमा बहाल कर दी है। इसके बाद अब यात्री फिर से निर्धारित उच्च गति पर सफर कर सकेंगे। प्रबंधन का कहना है कि मौसम साफ होने और दृश्यता बेहतर होने के बाद यह फैसला लिया गया है। हालांकि अधिकारियों ने यात्रियों से सावधानी बरतने की अपील भी की है, क्योंकि एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा अब भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
अब हल्के वाहन 100 और भारी वाहन 80 की रफ्तार से चलेंगे
एक्सप्रेसवे के सहायक महाप्रबंधक जेके शर्मा के अनुसार सोमवार 16 फरवरी से हल्के वाहन जैसे कार आदि 100 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से चल सकेंगे। वहीं भारी वाहन जैसे बस और ट्रक के लिए 80 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड लिमिट तय की गई है।
दिसंबर में कोहरे के कारण घटाई गई थी गति सीमा
दरअसल 15 दिसंबर 2025 को घने कोहरे और कम दृश्यता को देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से गति सीमा घटा दी गई थी। उस समय हल्के वाहनों की रफ्तार 75 किमी प्रति घंटा और भारी वाहनों की 60 किमी प्रति घंटा कर दी गई थी। अब मौसम साफ होने के बाद इसे दोबारा बढ़ाया गया है।
165 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे, रोज गुजरते हैं हजारों वाहन
ग्रेटर नोएडा के परी चौक से आगरा तक फैला यह करीब 165 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे गौतमबुद्ध नगर, अलीगढ़, हाथरस, मथुरा और आगरा को जोड़ता है। यहां हर दिन औसतन करीब 35 हजार वाहन गुजरते हैं। छुट्टियों और त्योहारों के दौरान यह संख्या 50 हजार तक पहुंच जाती है। स्पीड लिमिट बढ़ने से यात्रियों का समय जरूर बचेगा, लेकिन सुरक्षा एक अहम मुद्दा बना रहेगा।
हालिया हादसों ने बढ़ाई चिंता, प्रशासन ने दी सलाह
हाल के दिनों में कई बड़े हादसे भी सामने आए हैं। 7 फरवरी 2026 को मथुरा के सुरीर क्षेत्र में सड़क किनारे खड़ी बस को कंटेनर ने टक्कर मार दी थी, जिसमें 6 लोगों की मौत हुई। 18 दिसंबर 2025 को कोहरे के कारण 8 बसों और 3 कारों की टक्कर में 19 यात्रियों की जान गई और 90 से ज्यादा घायल हुए। वहीं 22 जनवरी 2025 को राया क्षेत्र में डबल डेकर बस में ब्रेक जाम होने से आग लग गई थी, जिसमें 60 यात्री बाल-बाल बच गए थे। प्रशासन ने वाहन चालकों को सलाह दी है कि स्पीड बढ़ने के बावजूद लेन ड्राइविंग का पालन करें और थकान होने पर वाहन न चलाएं।
(रिपोर्टः संदीप शुक्ला, लखनऊ)
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