योगी सरकार की बड़ी पहल: यूपी में एक करोड़ से ज्यादा ग्रामीण परिवारों को मिला घरौनी का अधिकार
योगी सरकार ने स्वामित्व योजना के तहत 1 करोड़ से अधिक घरौनी प्रमाण पत्र वितरित किए हैं, जिससे उत्तर प्रदेश के ग्रामीण परिवारों को संपत्ति का कानूनी अधिकार प्राप्त हुआ है।
उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए योगी सरकार की स्वामित्व योजना एक बड़ी राहत बनकर सामने आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने गांवों में संपत्ति अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में ऐतिहासिक काम किया है। केंद्र सरकार की स्वामित्व योजना को प्रभावी रूप से लागू करते हुए अब तक प्रदेश में एक करोड़ से अधिक घरौनियों का वितरण किया जा चुका है। इस योजना से न केवल ग्रामीणों को उनके मकान और जमीन का कानूनी अधिकार मिला है, बल्कि लंबे समय से चले आ रहे भूमि विवादों में भी कमी आई है।
ग्रामीण संपत्ति को मिला कानूनी दर्जा
स्वामित्व योजना के तहत गांवों की आबादी भूमि में रहने वाले परिवारों को उनके मकान और जमीन का कानूनी प्रमाण दिया जा रहा है। अब तक प्रदेश के 72,961 गांवों में प्रपत्र-10 (डिजिटाइज्ड) जारी किए जा चुके हैं। यह सर्वे योग्य गांवों का लगभग 80.59 प्रतिशत है। इन दस्तावेजों से ग्रामीणों को पहली बार अपनी संपत्ति पर स्पष्ट और मान्य अधिकार मिला है। यह प्रमाण अब बैंक ऋण, सरकारी योजनाओं और अन्य वित्तीय सुविधाओं के लिए भी उपयोगी साबित हो रहा है।
घरौनी से बढ़ी आर्थिक सुरक्षा
राजस्व विभाग के अनुसार, सहमति के आधार पर अब तक 1,14,43,688 घरौनियां तैयार की जा चुकी हैं। इनमें से 1,01,31,232 घरौनियों का वितरण ग्रामीण परिवारों को किया जा चुका है। घरौनी सिर्फ एक कागज नहीं, बल्कि ग्रामीण परिवारों के लिए आर्थिक सुरक्षा का आधार बन गई है। इसके जरिए लोग बैंक से लोन ले पा रहे हैं, स्वरोजगार शुरू कर रहे हैं और छोटे व्यवसायों को आगे बढ़ा रहे हैं।
भूमि विवादों में आई बड़ी कमी
स्वामित्व योजना का एक बड़ा असर गांवों में जमीन और मकान से जुड़े विवादों में कमी के रूप में सामने आया है। डिजिटल रिकॉर्ड और स्पष्ट दस्तावेज होने से फर्जी दावे और अवैध कब्जों पर रोक लगी है। इससे गांवों में आपसी विवाद कम हुए हैं और अदालतों में चल रहे मामलों का बोझ भी घटने की उम्मीद है। यह योजना सुशासन और पारदर्शिता को मजबूत कर रही है।
लगातार जारी है घरौनी वितरण
सरकार की ओर से घरौनी वितरण का काम लगातार जारी है। 18 जनवरी 2025 के बाद ही 13,12,456 नई घरौनियां तैयार की जा चुकी हैं। इनका वितरण चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। सरकार का साफ लक्ष्य है कि कोई भी पात्र ग्रामीण परिवार इस योजना से वंचित न रहे।
ड्रोन तकनीक से हुआ सटीक सर्वे
प्रदेश के 1,10,344 अधिसूचित गांवों में से 90,530 गांव ऐसे हैं, जहां ड्रोन तकनीक से सर्वे संभव है। आधुनिक तकनीक से किए गए इस सर्वे से सटीक और पारदर्शी डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किए जा रहे हैं। इससे भविष्य में ग्रामीण भूमि प्रबंधन और अधिक मजबूत होगा।
ग्रामीण सशक्तिकरण की मजबूत नींव
स्वामित्व योजना के जरिए योगी सरकार ने ग्रामीणों को संपत्ति अधिकार, आर्थिक आत्मनिर्भरता और सामाजिक सम्मान दिया है। यह पहल उत्तर प्रदेश को देश में भूमि सुधार और ग्रामीण विकास के मामले में अग्रणी राज्य बना रही है।
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