संपत्ति छिपाई तो सैलरी गई… योगी सरकार का भ्रष्टाचार पर सख्त एक्शन, 68 हजार कर्मचारियों का रोका वेतन

योगी सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। मानव संपदा पोर्टल पर चल और अचल संपत्ति का विवरण जमा न करने के कारण उत्तर प्रदेश सरकार के 68,000 कर्मचारियों का वेतन रोक दिया गया है।

Feb 1, 2026 - 16:51
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संपत्ति छिपाई तो सैलरी गई… योगी सरकार का भ्रष्टाचार पर सख्त एक्शन, 68 हजार कर्मचारियों का रोका वेतन

Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार राज्य को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की दिशा में लगातार कड़े कदम उठा रही है। इसी क्रम में सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया है। सरकार के आदेश के बावजूद जिन कर्मचारियों ने अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा नहीं दिया, उनकी सैलरी रोक दी गई है। यह कार्रवाई पारदर्शिता बढ़ाने और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के उद्देश्य से की गई है। सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी थी कि तय समय सीमा तक संपत्ति का विवरण न देने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। अब इस आदेश के अमल के बाद हजारों कर्मचारियों की सैलरी पर रोक लग गई है, जिससे प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है।

संपत्ति विवरण न देने वालों पर सख्ती
सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली 1956 के नियम-24 के तहत प्रदेश के कुल 8,66,261 सरकारी कर्मचारियों को वर्ष 2025 तक की अपनी चल और अचल संपत्ति का विवरण 31 जनवरी तक मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड करना था। मुख्य सचिव एसपी गोयल के निर्देश पर सभी विभागों के नोडल अधिकारी और आहरण-वितरण अधिकारियों को इस आदेश का सख्ती से पालन कराने को कहा गया था। आदेश में साफ लिखा था कि जो कर्मचारी तय समय तक संपत्ति का विवरण नहीं देंगे, उनकी सैलरी रोक दी जाएगी।

68,236 कर्मचारियों ने नहीं दिया ब्यौरा
सरकारी आदेश के बावजूद शनिवार रात तक कुल 68,236 राज्यकर्मियों ने अपनी संपत्ति का ब्यौरा पोर्टल पर अपलोड नहीं किया। इनमें सबसे अधिक संख्या तृतीय श्रेणी कर्मचारियों की है, जो 34,926 हैं। इसके अलावा 22,624 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, 7,204 द्वितीय श्रेणी और 2,628 प्रथम श्रेणी अधिकारी शामिल हैं। वहीं 1,612 अन्य कार्मिकों में से भी 854 ने जानकारी नहीं दी, जिससे उनकी सैलरी भी रोकी जाएगी।

कई बड़े विभागों के कर्मचारी शामिल
संपत्ति का ब्यौरा न देने वाले कर्मचारियों में लोक निर्माण विभाग, राजस्व, बेसिक व माध्यमिक शिक्षा, समाज कल्याण, महिला कल्याण, सहकारिता, आबकारी, खाद्य एवं रसद, चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण अभियंत्रण, उद्यान, पशुधन और परिवहन विभाग जैसे बड़े विभाग शामिल हैं। कुल कर्मचारियों में लगभग आठ प्रतिशत कर्मचारी ऐसे हैं जिन्होंने आदेश की अनदेखी की है।

फरवरी में नहीं मिलेगी जनवरी की सैलरी
सरकार के फैसले के अनुसार जिन कर्मचारियों ने संपत्ति का विवरण नहीं दिया है, उन्हें जनवरी महीने की सैलरी फरवरी में नहीं मिलेगी। सरकार का साफ कहना है कि जब तक संपत्ति का पूरा विवरण मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड नहीं किया जाएगा, तब तक सैलरी जारी नहीं होगी। योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत यह कदम भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की दिशा में बेहद अहम माना जा रहा है।

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Ashwani Tiwari अश्वनी तिवारी, UP News Network में सब-एडिटर हैं। वे राजनीति, क्राइम, स्पोर्ट्स, ज्योतिष और धार्मिक विषयों से जुड़ी खबरों पर सक्रिय रूप से काम करते हैं। मीडिया जगत में उन्हें 2 वर्ष का अनुभव है। उन्होंने रिपोर्टिंग, स्पेशल स्टोरीज़ और स्पेशल खरी-खोटी जैसे कार्यक्रमों पर काम किया है। कंटेंट राइटिंग के साथ-साथ वीडियो एंकरिंग का भी अनुभव रखते हैं। SumanTV, Hyderabad (डिजिटल प्लेटफॉर्म) के साथ कार्य कर चुके हैं और ZEE News व India Watch जैसे प्रतिष्ठित न्यूज़ संस्थानों में इंटर्नशिप का अनुभव हासिल किया है। पिछले 1 साल से वे यूपी न्यूज़ नेटवर्क (डिजिटल) से जुड़े हैं और उत्तर प्रदेश से जुड़ी अहम खबरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर रहे हैं। एमजेएमसी की पढ़ाई कर चुके अश्वनी तिवारी की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, ज़मीनी मुद्दों और दर्शकों तक सटीक जानकारी पहुंचाने वाली पत्रकारिता से है। उनकी जन्मस्थली वाराणसी है, जबकि कार्य के दौरान वे कई शहरों में रहकर पत्रकारिता कर चुके हैं।