EWS आरक्षण पर बड़ा सवाल: देशभर में एक जैसे मानक लागू हों, जमीन और उम्र की शर्तों में मिले राहत रीना एन सिंह
सुप्रीम कोर्ट की वकील रीना एन सिंह ने पूरे भारत में ईडब्ल्यूएस आरक्षण के लिए एक समान और सरल मानदंड, भूमि संबंधी नियमों को हटाने और ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों के लिए आयु में छूट देने की मांग की है।
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग यानी ईडब्ल्यूएस आरक्षण को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता और इस विषय पर जनहित याचिका दायर कर चुकीं रीना एन सिंह ने केंद्र और राज्यों की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि जब पूरे देश में ईडब्ल्यूएस के तहत 10 प्रतिशत आरक्षण भारत सरकार ने लागू किया है, तो इसके मानक हर राज्य में अलग-अलग क्यों हैं। रीना एन सिंह के मुताबिक, गरीब तो हर राज्य में एक जैसा ही होता है, ऐसे में नियमों में यह असमानता समझ से परे है। उन्होंने ईडब्ल्यूएस के नियमों को सरल और व्यावहारिक बनाने की मांग की है।
जमीन के आधार पर आर्थिक स्थिति तय करना गलत
रीना एन सिंह ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में जमीन होने के आधार पर किसी व्यक्ति को आर्थिक रूप से मजबूत मान लिया जाता है, जो पूरी तरह गलत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सवर्ण समाज में भी बड़ी संख्या में लोग ऐसे हैं जो जमीन होने के बावजूद आर्थिक रूप से बेहद कमजोर हैं। सिर्फ जमीन के आधार पर उन्हें ईडब्ल्यूएस से बाहर करना सवर्ण समाज के गरीबों के साथ अन्याय है। उनका कहना है कि ईडब्ल्यूएस के मानकों से जमीन संबंधी शर्त को हटाया जाना चाहिए।
उम्र में छूट की भी हो व्यवस्था
उन्होंने यह भी मांग की कि जैसे अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में उम्र में छूट मिलती है, उसी तरह ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों को भी उम्र में छूट दी जानी चाहिए। रीना एन सिंह के अनुसार, आर्थिक रूप से कमजोर उम्मीदवारों को समान अवसर देने के लिए यह जरूरी कदम है।
आर्थिक आधार पर मदद, लेकिन आरक्षण सामाजिक आधार पर
रीना एन सिंह ने कहा कि देश में करीब 85 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है, जो यह साबित करता है कि बड़ी आबादी आर्थिक रूप से कमजोर है। इसके बावजूद आरक्षण आज भी मुख्य रूप से सामाजिक आधार पर दिया जा रहा है। उन्होंने इसे देश के विकास में बाधा बताया और कहा कि आर्थिक आधार को ज्यादा मजबूत तरीके से लागू करने की जरूरत है।
राज्यों में अलग-अलग मानक और भ्रष्टाचार की शिकायतें
उन्होंने ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र बनवाने में आने वाली शिकायतों और भ्रष्टाचार पर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा जैसे राज्यों में ईडब्ल्यूएस के मानक अलग-अलग हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। रीना एन सिंह ने मांग की कि पूरे देश में ईडब्ल्यूएस के लिए एक समान और सरल नियम बनाए जाएं, ताकि वास्तव में जरूरतमंद लोगों को इसका लाभ मिल सके।
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