'आरक्षण में देरी हुई तो दूंगा धरना' बीजेपी सरकार को संजय निषाद ने दी चेतावनी, बोले- चाहो तो मंत्री पद ले लो

निषाद पार्टी के 11वें स्थापना दिवस पर संजय निषाद ने बीजेपी सरकार के सामने आरक्षण का मुद्दा मजबूती से उठाया। बोले- BJP के साथ हूं, लेकिन आरक्षण में देरी हुई तो धरने पर बैठूंगा। जानिए उन्होंने मंत्री पद छोड़ने तक की बात क्यों कही और 2027 से पहले उनके बयान के क्या सियासी मायने हैं।

Aug 17, 2026 - 13:06
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'आरक्षण में देरी हुई तो दूंगा धरना' बीजेपी सरकार को संजय निषाद ने दी चेतावनी, बोले- चाहो तो मंत्री पद ले लो

लखनऊ। निषाद पार्टी के 11वें स्थापना दिवस पर राजधानी लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में पार्टी अध्यक्ष और यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने अपनी ही सरकार के सामने निषाद समाज के आरक्षण का मुद्दा मजबूती से उठाया। मंच से उन्होंने साफ कहा कि वह बीजेपी के साथ हैं, लेकिन अपने समाज के अधिकार की लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगे। आरक्षण के फैसले में देरी हुई तो वह धरने पर बैठने के लिए भी तैयार हैं। संजय निषाद ने यहां तक कहा कि अगर सरकार चाहे तो उनका मंत्री पद ले सकती है, लेकिन निषाद समाज के आरक्षण के मुद्दे को टाला नहीं जाना चाहिए। उनका कहना था कि वह सरकार में मंत्री जरूर हैं, लेकिन अपने समाज के लिए वकील की भूमिका में हैं।

बीजेपी के साथ गठबंधन, लेकिन आरक्षण पर घेरा
लखनऊ में आयोजित निषाद पार्टी के स्थापना दिवस कार्यक्रम में संजय निषाद ने बीजेपी विधायकों से भी निषाद समाज के आरक्षण की मांग विधानसभा में उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार को अब इस मुद्दे पर जल्द फैसला लेना चाहिए। संजय निषाद ने कहा कि बीजेपी के एजेंडे में भी निषाद समाज के आरक्षण का मुद्दा शामिल रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से भी इस विषय पर बात कही गई थी। ऐसे में अब इस समस्या का समाधान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सवर्ण वर्ग को आरक्षण मिला, महिलाओं को आरक्षण मिला और दलितों को भी आरक्षण का लाभ मिला, तो निषाद समाज को भी उसका हक मिलना चाहिए।

आरक्षण में देरी पर धरने की चेतावनी
संजय निषाद ने अपने संबोधन में आरक्षण के मुद्दे पर सरकार को सीधे चेतावनी दी। उन्होंने कहा, सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट कहती है अपनी संख्या से ज्यादा नौकरियों में साइकिल और हाथी वाले हैं, फिर निषाद समाज को आरक्षण देने में देरी क्यों हो रही है। उन्होंने आगे कहा, अब जो भी निषाद समाज के लिए हक की बात करेगा, उत्तर प्रदेश में केवल वही राज करेगा। मैं सरकार में मंत्री हूं, लेकिन अपने समाज के लिए वकील हूं। अपना मंत्री पद छोड़ने को तैयार हूं, लेकिन अगर बात नहीं सुनी गई तो धरना दिया जाएगा। संजय निषाद के इस बयान के बाद निषाद समाज के आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर यूपी की सियासत में चर्चा में आ गया है। खास तौर पर 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सहयोगी दल की ओर से अपनी ही सरकार के सामने इस तरह खुलकर मांग रखने को राजनीतिक तौर पर भी अहम माना जा रहा है।

11वें स्थापना दिवस पर जुटे पार्टी कार्यकर्ता
रविवार को निषाद पार्टी का 11वां स्थापना दिवस मनाया गया। इस मौके पर लखनऊ के डॉक्टर राम मनोहर लोहिया यूनिवर्सिटी परिसर में बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें पार्टी के कार्यकर्ता और निषाद समाज के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान पार्टी नेतृत्व ने संगठन को मजबूत करने और समाज के मुद्दों को राजनीतिक स्तर पर मजबूती से उठाने पर जोर दिया। संजय निषाद ने भी कहा कि बीजेपी के साथ रहना जरूरी है, लेकिन अपनी पार्टी को मजबूत करना भी उतना ही जरूरी है।

यूपी विधानसभा में निषाद पार्टी के पांच विधायक
उत्तर प्रदेश विधानसभा में फिलहाल निषाद पार्टी के पांच विधायक हैं। इनमें भदोही की ज्ञानपुर सीट से विपुल दुबे, जौनपुर की शाहगंज सीट से रमेश सिंह, कुशीनगर की खड्डा सीट से विवेकानंद पांडे, महाराजगंज की नौतनवां सीट से ऋषि त्रिपाठी और संत कबीर नगर की मेहदावल सीट से अनिल कुमार त्रिपाठी शामिल हैं। संजय निषाद यूपी सरकार में मत्स्य विभाग के कैबिनेट मंत्री हैं। ऐसे में उनका यह कहना कि आरक्षण की मांग पूरी नहीं हुई तो मंत्री पद छोड़ने को तैयार हूं, सरकार और बीजेपी के लिए भी राजनीतिक संदेश माना जा रहा है।

2027 से पहले सहयोगी दल की बढ़ती मांग?
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 में होने हैं। ऐसे में निषाद समाज के आरक्षण का मुद्दा आने वाले समय में राजनीतिक रूप से और अहम हो सकता है। निषाद पार्टी लंबे समय से अपने समाज के लिए आरक्षण की मांग करती रही है। संजय निषाद का ताजा बयान यह संकेत देता है कि गठबंधन के बावजूद वह अपने राजनीतिक आधार और समाज के मुद्दों को लेकर सरकार पर दबाव बनाए रखना चाहते हैं। अब देखना यह होगा कि सरकार आरक्षण की मांग पर क्या कदम उठाती है और संजय निषाद की चेतावनी के बाद यह मुद्दा आगे किस रूप में सामने आता है।

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Sushant Pratap Singh Sushant Pratap Singh is an Indian content creator, video producer, and media professional known for creating political explainer videos, digital journalism content, and social media campaigns. He has worked with UP News Network and specializes in video production, content writing, and social media management. Sushant Pratap Singh began his media career as a content creator and video producer associated with UP News Network. During his professional journey, he worked on political and social explainer content, digital journalism, and social media engagement. He has experience in producing and editing news videos, writing articles for digital platforms, and managing online audience engagement through social media strategies. His work also includes anchoring, on-camera presentation, and graphic design for digital media content. Skills-: Content Writing and Article Writing | Social Media Management | Anchoring and Presentation | Video Editing using Adobe Premiere Pro | Video Production | Graphic Design using Canva | Political and Social Explainer Content