श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर कारसेवा स्थगित, जलाभिषेक के लिए शाही ईदगाह में जाने की कोशिश में महिला नेता समेत 4 हिरासत में, शिला पूजन हुई शुरू
मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर 9 अगस्त को प्रस्तावित कारसेवा फिलहाल स्थगित कर दी गई है। इसी बीच मंदिर निर्माण के लिए राजस्थान से लाई गई गुलाबी पत्थरों की शिलाओं का पूजन शुरू हुआ। जलाभिषेक के लिए शाही ईदगाह जाने की कोशिश कर रही महिला नेता समेत चार लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया।
मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि को लेकर मथुरा में शनिवार से रविवार तक गतिविधियां तेज रहीं। 9 अगस्त को प्रस्तावित कारसेवा को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। इसका ऐलान शनिवार शाम चित्रगुप्त पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने किया। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा और सावन महीने को देखते हुए कारसेवा को आगे बढ़ाया गया है, ताकि धार्मिक माहौल में किसी तरह का तनाव न पैदा हो। कारसेवा स्थगित होने के बावजूद रविवार सुबह मंदिर निर्माण की तैयारियों से जुड़ा धार्मिक कार्यक्रम हुआ। चित्रगुप्त पीठ आश्रम में राजस्थान से लाई गई गुलाबी पत्थरों की शिलाओं का हवन-पूजन शुरू किया गया। दूसरी ओर, शाही ईदगाह की ओर जलाभिषेक के लिए जाने की कोशिश कर रहे अखिल भारत हिंदू महासभा की आगरा जिला अध्यक्ष मीरा ठाकुर समेत चार लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। कारसेवा के ऐलान के बाद शाही ईदगाह की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है।
सावन और कांवड़ यात्रा को देखते हुए स्थगित हुई कारसेवा
स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने शनिवार शाम कारसेवा स्थगित करने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सावन का महीना चल रहा है और कांवड़ यात्री बड़ी संख्या में यात्रा कर रहे हैं। ऐसे समय में कोई ऐसा कदम नहीं उठाया जाएगा, जिससे माहौल खराब हो या बड़ी समस्या खड़ी हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि कारसेवा रद्द नहीं हुई है। अखाड़ा परिषद के फैसले के बाद इसे फिलहाल टाला गया है। उनके अनुसार सभी संत अखाड़ा परिषद के अधीन काम करते हैं और परिषद के निर्देश के अनुसार आगे की गतिविधियां तय की जाएंगी।
4 जुलाई को किया था 9 अगस्त को कारसेवा का ऐलान
स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने 4 जुलाई को श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के लिए 9 अगस्त को कारसेवा का ऐलान किया था। इस दौरान उन्होंने एक धक्का और दो का नारा भी दिया था। इसके बाद 12 जुलाई को उन्होंने हरिद्वार स्थित वात्सल्य गंगा आश्रम में साध्वी ऋतंभरा से मुलाकात की थी। स्वामी सच्चिदानंद महाराज का कहना था कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले में न्यायालय समेत कई स्तरों पर प्रयास किए गए, लेकिन समाधान नहीं निकल पाया। इसी वजह से कारसेवा का निर्णय लिया गया। कारसेवा के ऐलान के बाद पुलिस ने स्वामी सच्चिदानंद महाराज समेत ब्रज क्षेत्र के कई संतों, साध्वियों और धर्माचार्यों को नोटिस भी जारी किए थे।
न्यायालय में मामला उलझाने का लगाया आरोप
स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने आरोप लगाया कि मुस्लिम पक्ष न्यायालय में मामले को उलझा रहा है। उन्होंने पूजा स्थल अधिनियम, 1991 का हवाला देते हुए सुनवाई में बाधा डालने का आरोप लगाया और मामले की रोजाना सुनवाई की मांग की। उन्होंने 1968 के समझौते का भी जिक्र किया। उनका दावा है कि इस समझौते में जिन लोगों की भूमिका थी, वे श्रीकृष्ण जन्मस्थान ट्रस्ट का हिस्सा नहीं थे। इसी आधार पर उन्होंने कहा कि मामले को लगातार उलझाया जा रहा है और समाधान नहीं निकलने के कारण कारसेवा का फैसला लेना पड़ा।
सुलह हुई तो करेंगे स्वागत
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से चल रही सुलह वार्ता पर भी स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यदि सुलह के जरिए समाधान निकलता है तो वे इसका स्वागत करेंगे। उन्होंने कहा कि हम उनका स्वागत करेंगे, उन्हें माला पहनाएंगे। जहां उनका स्थान बनेगा, वहां जाकर हम भी एक ईंट लगाएंगे। साथ ही उन्होंने मुस्लिम पक्ष से श्रीकृष्ण जन्मस्थान छोड़ने की अपील की।
राजस्थान से आई गुलाबी पत्थरों की पहली खेप
कारसेवा स्थगित होने के बीच मंदिर निर्माण से जुड़ी तैयारियां जारी हैं। राजस्थान के बंशीपुर गांव से गुलाबी पत्थरों की पहली खेप शुक्रवार को चित्रगुप्त पीठ आश्रम पहुंची। रविवार सुबह इन शिलाओं का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन शुरू किया गया। आश्रम में हवन-यज्ञ भी कराया जा रहा है। स्वामी सच्चिदानंद महाराज के अनुसार इन पत्थरों को ओडिशा के कारीगर तराशेंगे। इसके बाद मंदिर निर्माण में इनका इस्तेमाल किया जाएगा। पत्थरों पर ब्रज संस्कृति और भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से लेकर उनकी बाल लीलाओं तक के प्रसंग उकेरे जाएंगे। उन्होंने बताया कि मंदिर निर्माण के लिए 50 हजार घन मीटर पत्थर का ऑर्डर दिया गया है। पहली खेप में 350 घन मीटर पत्थर पहुंच चुका है। आगे भी चरणबद्ध तरीके से पत्थरों की खेप आती रहेगी।
जलाभिषेक के लिए शाही ईदगाह जाने की कोशिश
कारसेवा स्थगित होने के बीच रविवार को शाही ईदगाह की ओर जाने की कोशिश को लेकर भी पुलिस सक्रिय रही। जलाभिषेक के लिए शाही ईदगाह परिसर में जाने का प्रयास कर रहीं अखिल भारत हिंदू महासभा की आगरा जिला अध्यक्ष मीरा ठाकुर समेत चार लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। कारसेवा के आह्वान के बाद से शाही ईदगाह और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। पुलिस किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए लगातार निगरानी कर रही है।
वृंदावन-राधाकुंड रोड पर स्थित है चित्रगुप्त पीठ आश्रम
स्वामी सच्चिदानंद महाराज का चित्रगुप्त पीठ आश्रम वृंदावन-राधाकुंड रोड पर स्थित है। यह वृंदावन से करीब 20 किलोमीटर दूर जुलहैंडी गांव से कोन्हाई गांव जाने वाले रास्ते पर करीब एक किलोमीटर अंदर बना हुआ है। करीब 6 बीघा क्षेत्र में बने इस आश्रम में दो गेट हैं। पहले गेट से अंदर जाने पर पूजा स्थल, संत का कमरा, रसोई और अन्य व्यवस्थाएं मौजूद हैं।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0
