BCCI ने फिटनेस टेस्ट को बनाया और कठिन, खिलाड़ियों की बढ़ती इंजरी के चलते लिया बड़ा फैसला, अब 40 सेकेंड कम समय में पूरा करना होगा टेस्ट 

टीम इंडिया में बढ़ती इंजरी और गिरते फिटनेस स्तर के बीच BCCI ने बड़ा फैसला लिया है। ब्रोंको टेस्ट के नियम पहले से ज्यादा सख्त कर दिए गए हैं। अब खिलाड़ियों को कम समय में 1200 मीटर दौड़ पूरी करनी होगी। आखिर क्या बदला, क्यों बदला और इसका खिलाड़ियों पर क्या असर पड़ेगा?

Aug 6, 2026 - 13:13
Aug 6, 2026 - 13:13
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BCCI ने फिटनेस टेस्ट को बनाया और कठिन, खिलाड़ियों की बढ़ती इंजरी के चलते लिया बड़ा फैसला, अब 40 सेकेंड कम समय में पूरा करना होगा टेस्ट 

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम में लगातार सामने आ रही फिटनेस संबंधी समस्याओं के बीच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने खिलाड़ियों के लिए फिटनेस मानकों को पहले से ज्यादा सख्त कर दिया है। अब टीम इंडिया में जगह बनाए रखने के लिए खिलाड़ियों को पहले की तुलना में कम समय में ब्रोंको टेस्ट पास करना होगा। इसके साथ ही दो किलोमीटर दौड़ के लिए भी तय समय सीमा निर्धारित कर दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक BCCI ने खिलाड़ियों में बढ़ती इंजरी, मैदान पर घटती फुर्ती और फिटनेस स्टैंडर्ड में आई गिरावट को देखते हुए यह फैसला लिया है। नए नियमों को बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) की सिफारिश के बाद लागू किया गया है।

अब 40 सेकेंड कम समय में पूरा करना होगा ब्रोंको टेस्ट
नई व्यवस्था के तहत ब्रोंको टेस्ट का बेस टाइम छह मिनट से घटाकर पांच मिनट 15 सेकेंड से पांच मिनट 20 सेकेंड कर दिया गया है। यानी खिलाड़ियों को अब 1200 मीटर की दौड़ पहले की तुलना में करीब 40 सेकेंड कम समय में पूरी करनी होगी। इसके अलावा दो किलोमीटर दौड़ के लिए नौ से दस मिनट का समय निर्धारित किया गया है। BCCI अब खिलाड़ियों की फिटनेस जांचने के लिए यो-यो टेस्ट की जगह ब्रोंको टेस्ट को प्राथमिक मानक बना रहा है।

क्यों बदले गए फिटनेस नियम ?
BCCI का मानना है कि पिछले कुछ समय में खिलाड़ियों की फिटनेस का स्तर लगातार प्रभावित हुआ है। कई खिलाड़ियों की मैदान पर मूवमेंट पहले जैसी नहीं रही और लंबे समय तक बल्लेबाजी के दौरान रनिंग बिटवीन द विकेट्स में भी दिक्कतें देखने को मिलीं। टीम मैनेजमेंट और मेडिकल स्टाफ के बीच बेहतर समन्वय बनाने के लिए बोर्ड ने नए बेस पैरामीटर्स भी तय किए हैं, ताकि फिटनेस को लेकर एक समान मानक लागू किए जा सकें।

हर्षित राणा और नीतीश कुमार रेड्डी के मामले ने बढ़ाई चिंता 
सूत्रों के मुताबिक पिछले एक साल के दौरान फिटनेस मानकों का हर मामले में सख्ती से पालन नहीं किया गया। टीम मैनेजमेंट की सिफारिश पर हर्षित राणा और नीतीश कुमार रेड्डी को पूरी तरह फिट नहीं होने के बावजूद खेलने की अनुमति दे दी गई थी। इंग्लैंड दौरे के दौरान हर्षित राणा को वापस भेजा गया था। उस समय बताया गया था कि उनका वजन तय सीमा से अधिक था। टीम मैनेजमेंट के अनुसार उनका वजन 97 किलोग्राम था। अब सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ने उनके लिए 96 किलोग्राम से कम वजन का लक्ष्य तय किया है। फिलहाल उनका वजन 94 किलोग्राम बताया जा रहा है और अगले सप्ताह तक उन्हें फिट घोषित किया जा सकता है।

बार-बार चोटिल होने पर फिजियो से मांगा गया जवाब
हाल के दौर में खिलाड़ियों के बार-बार चोटिल होने और इंग्लैंड जैसे मौसम में भी मांसपेशियों में खिंचाव की शिकायतें सामने आने के बाद BCCI ने टीम के फिजियो कमलेश जैन से जवाब मांगा है। बोर्ड की ओर से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी खिलाड़ी का कद या स्टार स्टेटस नहीं देखा जाएगा। यदि किसी खिलाड़ी की फिटनेस तय मानकों पर खरी नहीं उतरती है तो इसकी जानकारी तुरंत टीम मैनेजमेंट को दी जाएगी।

बुमराह की फिटनेस पर भी उठा सवाल
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और टीम मैनेजमेंट के बीच तालमेल की कमी भी इस दौरान सामने आई। जसप्रीत बुमराह को श्रीलंका के खिलाफ 15 अगस्त से शुरू होने वाली टेस्ट सीरीज के पहले मैच तक फिट करने का भरोसा दिया गया था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। वहीं सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट वाले कई खिलाड़ियों को भी नए फिटनेस मानकों की जानकारी समय पर नहीं मिल सकी। मोहम्मद सिराज जब श्रीलंका दौरे से पहले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पहुंचे तो अचानक ब्रोंको और 2K टेस्ट कराए जाने से हैरान रह गए। अब सभी खिलाड़ियों को इन्हीं नए फिटनेस मानकों के अनुसार तैयारी करने को कहा गया है।

ओवर-ट्रेनिंग को लेकर भी बढ़ी चिंता
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि फिटनेस जरूरी है, लेकिन जरूरत से ज्यादा टेस्ट और लगातार वर्कलोड खिलाड़ियों के लिए नुकसानदायक भी साबित हो सकता है। 2023 वनडे वर्ल्ड कप, 2024 टी-20 वर्ल्ड कप और 2025 चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान भारतीय टीम का इंजरी मैनेजमेंट काफी प्रभावी माना गया था। उस समय खिलाड़ियों की रिकवरी और वर्कलोड मैनेजमेंट पर अधिक ध्यान दिया जाता था। अब सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में खिलाड़ियों से बार-बार यो-यो टेस्ट, ब्रोंको टेस्ट और 2K रन टेस्ट कराए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इंजरी प्रिवेंशन के साथ संतुलन नहीं रखा गया तो खिलाड़ियों में शारीरिक थकान के साथ मानसिक बर्नआउट का खतरा भी बढ़ सकता है।

क्या हैं नए फिटनेस नियम?

  • ब्रोंको टेस्ट का समय 6 मिनट से घटाकर 5 मिनट 15-20 सेकेंड किया गया।
  • खिलाड़ियों को 1200 मीटर दौड़ कम समय में पूरी करनी होगी।
  • 2 किलोमीटर रन के लिए 9 से 10 मिनट की समय सीमा तय।
  • यो-यो टेस्ट की जगह ब्रोंको टेस्ट को प्राथमिक फिटनेस टेस्ट बनाया गया।
  • फिटनेस में कमी मिलने पर किसी भी खिलाड़ी को छूट नहीं मिलेगी।
  • टीम मैनेजमेंट और मेडिकल स्टाफ के बीच नए फिटनेस पैरामीटर्स लागू किए गए।

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Sushant Pratap Singh Sushant Pratap Singh is an Indian content creator, video producer, and media professional known for creating political explainer videos, digital journalism content, and social media campaigns. He has worked with UP News Network and specializes in video production, content writing, and social media management. Sushant Pratap Singh began his media career as a content creator and video producer associated with UP News Network. During his professional journey, he worked on political and social explainer content, digital journalism, and social media engagement. He has experience in producing and editing news videos, writing articles for digital platforms, and managing online audience engagement through social media strategies. His work also includes anchoring, on-camera presentation, and graphic design for digital media content. Skills-: Content Writing and Article Writing | Social Media Management | Anchoring and Presentation | Video Editing using Adobe Premiere Pro | Video Production | Graphic Design using Canva | Political and Social Explainer Content