'महिलाओं के आरक्षण पर राजनीति न करें' लाल किले की प्राचीर से PM मोदी का बड़ा संदेश, बोले- दिमागी नक्सलियों को पहचानकर अलग करें
लाल किले से PM मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर 76 मिनट के संबोधन में दिमागी नक्सलियों से सावधान रहने, महिला आरक्षण पर राजनीति न करने और 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने की बात कही। युवाओं के लिए AI ट्रेनिंग और फ्री ऑनलाइन कोचिंग समेत पीएम मोदी के भाषण की 7 बड़ी बातें जानिए।
नई दिल्ली। 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सामने 2047 के विकसित भारत का रोडमैप रखा। करीब 76 मिनट के अपने संबोधन में पीएम मोदी ने नक्सलवाद, महिला आरक्षण, युवाओं की स्किलिंग, आत्मनिर्भर भारत, ग्लोबलाइजेशन और भारत की वैश्विक ताकत जैसे कई मुद्दों पर बात की। इस बार प्रधानमंत्री के भाषण में सबसे ज्यादा चर्चा दिमागी नक्सलियों वाले बयान की रही। पीएम मोदी ने कहा कि हथियारबंद नक्सल तो चले गए, लेकिन दिमागी नक्सल मौके की तलाश में हैं। ये समाज को गलत राह पर ले जाने के लिए तरह-तरह के काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को पहचानना होगा और इन्हें आइसोलेट करना होगा, ताकि देश की युवा पीढ़ी को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में जोड़ा जा सके। लाल किले पर प्रधानमंत्री के संबोधन से पहले पहली बार वंदे मातरम गाया गया। इसके बाद पीएम मोदी ने तिरंगा फहराया और राष्ट्रगान हुआ। 21 तोपों की सलामी के बाद प्रधानमंत्री ने देश को संबोधित किया।
दिमागी नक्सलियों को लेकर पीएम मोदी ने क्यों किया आगाह?
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार ने नक्सलवाद को खत्म करने का संकल्प लिया था। आज नक्सल क्षेत्र नक्सल मुक्त होने के कारण विकास का तिरंगा लहरा रहा है। लेकिन इसके साथ ही उन्होंने देश को सावधान रहने की जरूरत बताई। पीएम मोदी ने कहा कि हथियारबंद नक्सल तो गए, लेकिन दिमागी नक्सल मौके की तलाश में हैं। ये युवाओं को भटकाने और समाज को गलत दिशा में ले जाने की कोशिश कर सकते हैं। ऐसे लोगों को पहचानना होगा और उन्हें अलग करना होगा। पीएम के इस बयान को उनके भाषण के सबसे अहम राजनीतिक संदेशों में से एक माना जा रहा है।
महिला आरक्षण पर राजनीतिक दलों से पीएम मोदी की अपील
महिला आरक्षण को लेकर भी प्रधानमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों से आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा कि माताओं और बहनों को लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए, ताकि वे भारत की नीति में अपना योगदान दे सकें। पीएम मोदी ने राजनीतिक दलों से कहा कि महिला आरक्षण लागू करके महिलाओं के सम्मान में वे भी जुड़ें और इसका क्रेडिट लें, लेकिन महिलाओं को उनका हक दें।
युवाओं के लिए AI ट्रेनिंग और फ्री ऑनलाइन कोचिंग का ऐलान
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में युवाओं को लेकर भी बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार अगले एक साल में 1 करोड़ युवाओं को AI स्किल्स की ट्रेनिंग देगी। गरीब और मिडिल क्लास परिवारों के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद देने के लिए फ्री ऑनलाइन कोचिंग व्यवस्था शुरू करने की भी बात कही गई। सरकार का फोकस युवाओं को भविष्य की तकनीक और रोजगार की बदलती जरूरतों के हिसाब से तैयार करने पर रहेगा।
2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने कहा कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है और देश की दिशा तय हो चुकी है। अब इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इसके लिए वर्क कल्चर और सोच में बदलाव करना होगा। जो काम पिछले 5-7 दशकों में नहीं हुए, उन्हें आने वाले 5-7 साल में पूरा करने की दिशा में काम करना होगा। पीएम मोदी ने कहा कि अब देश छोटे सपनों से काम नहीं चला सकता। बड़े सपने देखने होंगे, क्योंकि बड़े सपने सोच का विस्तार करते हैं और मजबूत संकल्प मुश्किल परिस्थितियों से रास्ता निकालने की क्षमता पैदा करते हैं। प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भरता को देश की ताकत से जोड़ते हुए कहा कि भारत अब दूसरे देशों पर निर्भर रहकर नहीं जी सकता। दुनिया में बहुत कुछ सस्ता और जल्दी मिल सकता है, लेकिन इससे देश की अपनी क्षमता तैयार नहीं होती। उन्होंने कहा कि भारत को अपनी क्षमताओं को बढ़ाना होगा और अपने हितों की सुरक्षा खुद करनी होगी। इसी सोच के साथ आत्मनिर्भर भारत का संकल्प लेकर आगे बढ़ने की बात प्रधानमंत्री ने कही।
ग्लोबलाइजेशन पर बोले मोदी, बदलती दुनिया का किया जिक्र
प्रधानमंत्री ने ग्लोबलाइजेशन के बदलते स्वरूप का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब वह आत्मनिर्भरता की बात कर रहे थे तो कुछ एयर कंडीशन चेंबर में बैठकर सोचने वाले लोग ग्लोबलाइजेशन का हवाला देते थे। पीएम मोदी ने कहा कि पिछले एक दशक में पूरी दुनिया के सामने परिस्थितियां बदली हैं और ऐसा लग रहा है कि लोगों ने ग्लोबलाइजेशन बोलना ही बंद कर दिया है। प्रधानमंत्री ने देश की आर्थिक ताकत को लेकर भी बड़े लक्ष्य सामने रखे। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में फॉर्च्यून 500 में भारत की 50 कंपनियां होनी चाहिए। दुनिया की टॉप 5 बैंकों में भारत की एक बैंक हो, यह भी लक्ष्य होना चाहिए। इसके साथ ही भारत की कंसलटिंग और अकाउंटिंग फर्म्स को दुनिया में शीर्ष स्थान पर पहुंचाने की जरूरत पर पीएम मोदी ने जोर दिया।
योग से लेकर सिनेमा तक भारत की सॉफ्ट पावर का जिक्र
प्रधानमंत्री ने भारत की सॉफ्ट पावर को भी देश की बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि योग ने पूरी दुनिया को भारत के साथ जोड़कर रखा है। पीएम मोदी ने आस्था के केंद्रों, आयुर्वेद, होलिस्टिक हेल्थकेयर, हीलिंग मूवमेंट, हैंडीक्राफ्ट, संस्कृति, फिल्मों, गेमिंग, क्रिएटिव वर्ल्ड, VFX, एनिमेशन और डिजिटल कंटेंट को भारत की वैश्विक क्षमता से जोड़ने की बात कही। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में भारत अपना रुतबा दिखा सकता है और इन्हें वैश्विक सामर्थ्य के रूप में विकसित करना होगा। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि दुनिया आज भारत के वर्ल्ड ऑडियो विजुअल और एंटरटेनमेंट समिट का इंतजार करती है।
बच्चों से मिले पीएम मोदी, छात्रा की टोपी उठाकर फिर पहनाई
लाल किले से संबोधन के बाद प्रधानमंत्री बच्चों से मिले। इसी दौरान एक छात्रा पैर छूने के लिए झुकी तो उसके सिर से टोपी जमीन पर गिर गई। प्रधानमंत्री मोदी ने जमीन पर गिरी टोपी उठाई और उसे दोबारा बच्ची के सिर पर रख दिया। इस दौरान का यह छोटा सा पल भी लोगों के बीच चर्चा में रहा।
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