WTC Final में भारत की राह कितनी मुश्किल? सभी 9 मैच जीते तो टिकट पक्का, श्रीलंका से हारते ही बिगड़ जाएगा पूरा समीकरण
क्या टीम इंडिया WTC Final में पहुंच पाएगी? भारत के सामने अभी 9 टेस्ट बाकी हैं। सभी 9 मैच जीतने पर फाइनल की राह पक्की हो सकती है, लेकिन श्रीलंका से हारते ही समीकरण बिगड़ जाएगा। जानिए भारत के WTC Final में पहुंचने के पूरे समीकरण और पॉइंट्स टेबल पर हर संभावित नतीजे का असर।
वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के मौजूदा चक्र में टीम इंडिया आधा सफर पूरा कर चुकी है, लेकिन फाइनल की तस्वीर अभी साफ नहीं है। भारतीय टीम इस समय 48.15 प्रतिशत पॉइंट्स के साथ पांचवें स्थान पर है। अब उसके सामने हर टेस्ट बेहद अहम होने वाला है। भारत को 15 अगस्त से श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेलनी है। इसके बाद न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी मुकाबले बाकी हैं। ऐसे में सवाल सिर्फ श्रीलंका सीरीज जीतने का नहीं है, बल्कि यह है कि क्या भारत बाकी बचे मैचों में ऐसा प्रदर्शन कर पाएगा, जिससे फाइनल की दौड़ में अपनी जगह मजबूत कर सके?
सभी 9 मैच जीते तो फाइनल का टिकट पक्का
भारत के पास अभी कुल 9 टेस्ट मैच बाकी हैं। अगर टीम इंडिया अपने सभी 9 मुकाबले जीत लेती है तो उसके 74.07 प्रतिशत पॉइंट्स हो जाएंगे। इस स्थिति में भारतीय टीम का टॉप-2 में पहुंचना तय माना जा सकता है और WTC फाइनल का टिकट भी पक्का हो जाएगा। लेकिन चुनौती यह है कि बाकी बचे मुकाबलों में एक भी हार समीकरण बदल सकती है। एक मैच हारने की स्थिति में भारत के पॉइंट्स प्रतिशत 68.52 तक रह जाएंगे। तब टीम को सिर्फ अपने प्रदर्शन पर भरोसा नहीं रहेगा, बल्कि ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका जैसी टीमों के नतीजों पर भी नजर रखनी होगी। यानी भारत के लिए सबसे सुरक्षित रास्ता यही है कि बचे हुए सभी मुकाबलों में जीत हासिल की जाए।
दो मैच हारे तो फाइनल की राह लगभग बंद
अगर भारतीय टीम अपने बाकी 9 मुकाबलों में से दो मैच गंवा देती है तो स्थिति काफी मुश्किल हो जाएगी। पॉइंट्स प्रतिशत नीचे आने के साथ भारत को दूसरी टीमों के नतीजों पर निर्भर रहना पड़ेगा। WTC में फाइनल में पहुंचने के लिए टॉप-2 में रहना जरूरी है। ऐसे में लगातार हार भारत की मुश्किल बढ़ा सकती है और दूसरी टीमें बेहतर प्रदर्शन करके उसे रेस से बाहर कर सकती हैं।
श्रीलंका सीरीज क्यों है सबसे अहम?
श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट भारत के लिए सिर्फ एक और सीरीज नहीं हैं। इस सीरीज के नतीजे से पॉइंट्स टेबल में भारत की स्थिति पर सीधा असर पड़ेगा। अगर भारत 2-0 से सीरीज जीतता है तो उसके पॉइंट्स प्रतिशत 57.58 हो जाएंगे। इसके बाद भी टीम को बाकी मुकाबलों में लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा। वहीं दूसरी टीमों के नतीजे भी समीकरण को प्रभावित करेंगे। मसलन, अगर इसी दौरान ऑस्ट्रेलिया बांग्लादेश को एक भी टेस्ट हरा देता है तो भारत पॉइंट्स टेबल में चौथे स्थान पर पहुंच सकता है।
श्रीलंका से 0-2 हारे तो संकट गहरा जाएगा
भारत के लिए सबसे खराब स्थिति श्रीलंका के खिलाफ 0-2 की हार होगी। ऐसा होने पर टीम इंडिया के पॉइंट्स प्रतिशत घटकर 36.36 रह जाएंगे और वह श्रीलंका से भी नीचे जा सकती है। यहां से फाइनल की दौड़ में वापसी बेहद मुश्किल होगी। भारत की स्थिति इतनी कमजोर हो सकती है कि पॉइंट्स टेबल में पाकिस्तान भी उससे आगे निकल सकता है। हालांकि इसके लिए पाकिस्तान को इंग्लैंड के खिलाफ तीनों टेस्ट जीतने होंगे। यानी श्रीलंका सीरीज का हर मुकाबला भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
भारत के पास अभी 9 मैच, तीन सीरीज बाकी
मौजूदा WTC चक्र में टीम इंडिया को अभी 9 टेस्ट खेलने हैं। इनमें दो टेस्ट श्रीलंका के खिलाफ, दो न्यूजीलैंड के खिलाफ और पांच टेस्ट ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हैं। श्रीलंका दौरे के बाद भारतीय टीम नवंबर में न्यूजीलैंड का दौरा करेगी। वहां दो टेस्ट खेले जाएंगे। इसके बाद भारत में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज होगी। इन 9 मैचों में भारत का प्रदर्शन ही तय करेगा कि टीम फाइनल की रेस में कितनी मजबूती से बनी रहती है।
साउथ अफ्रीका से मिली 2-0 की हार ने बिगाड़ा समीकरण
भारत के लिए इस WTC चक्र की शुरुआत इंग्लैंड दौरे से हुई थी। शुभमन गिल की कप्तानी में भारतीय टीम ने पांच टेस्ट मैचों की सीरीज 2-2 से ड्रॉ कराई। इसके बाद भारत ने घरेलू मैदान पर वेस्टइंडीज को दो टेस्ट की सीरीज में 2-0 से हराया। इस जीत के बाद टीम की स्थिति अच्छी नजर आ रही थी। लेकिन इसके बाद साउथ अफ्रीका के खिलाफ दो टेस्ट की सीरीज में भारत को 0-2 से क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा। इस हार ने भारत के पॉइंट्स प्रतिशत को बड़ा नुकसान पहुंचाया और टीम टॉप पोजिशन की दौड़ से पीछे खिसक गई। अब भारत के सामने गलती की गुंजाइश काफी कम है।
फाइनल के लिए भारत को क्या करना होगा?
पूरे समीकरण को आसान भाषा में समझें तो भारत के सामने तीन तस्वीरें हैं।
- 9 में 9 जीत: 74.07 प्रतिशत पॉइंट्स और फाइनल में पहुंचने की राह सबसे सुरक्षित।
- 1 मैच हारा: 68.52 प्रतिशत पॉइंट्स, लेकिन फिर दूसरी टीमों के नतीजों पर निर्भरता बढ़ेगी।
- 2 मैच हारे: फाइनल की राह बेहद मुश्किल हो जाएगी और भारत को कई दूसरे मुकाबलों के नतीजों का इंतजार करना पड़ेगा।
यही वजह है कि श्रीलंका के खिलाफ शुरू होने वाली दो टेस्ट की सीरीज भारत के लिए WTC फाइनल की दौड़ में बेहद अहम पड़ाव है। एक तरफ जीत भारत को आगे बढ़ाएगी, वहीं हार का असर सिर्फ इस सीरीज तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे फाइनल समीकरण को बदल सकता है।
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