संभल में स्वतंत्रता दिवस के जश्न के बीच हादसा, स्कूल का छज्जा गिरने से बच्चे की मौत, कार्यक्रम छोड़कर मौके पर पहुंचे DM-SP
संभल के मदाला फतेहपुर गांव में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान स्कूल का छज्जा गिरने से 8 साल के निजामुद्दीन की मौत हो गई। दो बच्चे घायल हुए हैं। हादसे का CCTV फुटेज सामने आया है। DM-SP कार्यक्रम छोड़कर मौके पर पहुंचे।
संभल। स्वतंत्रता दिवस पर जहां स्कूल में बच्चे देशभक्ति की प्रस्तुतियां दे रहे थे, वहीं कुछ ही दूरी पर अचानक हुए हादसे ने पूरे गांव को गम में डुबो दिया। संभल के असमोली थाना क्षेत्र के मदाला फतेहपुर गांव में शनिवार सुबह स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम देखने पहुंचे बच्चों पर स्कूल का छज्जा भरभराकर गिर गया। हादसे में 8 वर्षीय निजामुद्दीन की मौत हो गई, जबकि दो बच्चे घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने बिना देर किए मलबा हटाकर बच्चों को बाहर निकाला और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें छज्जा गिरने और उसके नीचे बच्चों के दबने का पूरा घटनाक्रम दिखाई दे रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन में भी हड़कंप मच गया। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। डीएम अंकित खंडेलवाल और एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई पुलिस लाइन में चल रहे स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम को छोड़कर घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली।
ध्वजारोहण के बीच छज्जे पर चढ़ गए बच्चे
मदाला फतेहपुर गांव में अल हसनैन पब्लिक स्कूल है। शनिवार को यहां स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। ध्वजारोहण के बाद स्कूल के बच्चे देशभक्ति से जुड़ी प्रस्तुतियां दे रहे थे। कार्यक्रम देखने के लिए आसपास के घरों से भी बच्चे स्कूल पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ बच्चे स्कूल के मुख्य गेट पर बने छज्जे के ऊपर चढ़ गए। बच्चों की संख्या बढ़ने के साथ छज्जे पर भार भी बढ़ गया। कुछ ही देर बाद छज्जा अचानक भरभराकर नीचे गिर गया। नीचे मौजूद कई बच्चे मलबे की चपेट में आ गए। हादसा होते ही कार्यक्रम में अफरा-तफरी मच गई।
लोगों ने मलबा हटाकर बच्चों को निकाला
छज्जा गिरने की आवाज सुनते ही आसपास के लोग मौके पर दौड़े। लोगों ने अपने हाथों से मलबा हटाना शुरू किया और उसके नीचे दबे बच्चों को बाहर निकाला। निजामुद्दीन, सैफ अली और शैदाना को ज्यादा चोटें आई थीं। तीनों को तत्काल सीएचसी ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने निजामुद्दीन को मृत घोषित कर दिया। दो अन्य बच्चों का इलाज कराया जा रहा है। हादसे के बाद गांव में मातम छा गया। जिस स्कूल में कुछ देर पहले स्वतंत्रता दिवस की खुशियां मनाई जा रही थीं, वहीं अचानक चीख-पुकार का माहौल बन गया।
घर से झंडा लेकर निकला था निजामुद्दीन
निजामुद्दीन के चाचा मोहम्मद सुभान ने बताया कि परिवार के बच्चे स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम देखने स्कूल गए थे। सभी तहेरे-चचेरे भाई घर से झंडा लेकर निकले थे। परिजनों के मुताबिक, निजामुद्दीन सुबह करीब 9 बजे घर से निकला था। उसने परिवार से कहा था कि आज 15 अगस्त है और वह झंडा फहराने जा रहा है। इसके बाद वह अपने तहेरे भाइयों के साथ स्कूल पहुंच गया। निजामुद्दीन लिटिल चिल्ड्रन पब्लिक स्कूल में कक्षा 3 में पढ़ता था, लेकिन 15 अगस्त का कार्यक्रम देखने वह अपने रिश्तेदारों के स्कूल चला गया था।
दो बहनों का इकलौता भाई था निजामुद्दीन
निजामुद्दीन के परिवार पर हादसे ने गहरा दुख छोड़ दिया है। वह दो बहनों फातिमा और उमामा का इकलौता भाई था। उसके पिता किसान हैं। परिवार के मुताबिक, निजामुद्दीन को लेकर किसी तरह की कानूनी कार्रवाई नहीं कराई जाएगी। चाचा मोहम्मद सुभान ने कहा कि परिवार को सरकार से भी कोई मांग नहीं है। एक तरफ गांव में स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाया जा रहा था, वहीं दूसरी तरफ परिवार अपने बच्चे को खोने के गम में डूब गया।
DM-SP ने कार्यक्रम छोड़कर संभाली स्थिति
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन सक्रिय हो गया। SDM विकास चंद्र, CO असमोली अमन सिंह और थाना प्रभारी सुधीर पंवार तत्काल मौके पर पहुंचे। इसके बाद डीएम अंकित खंडेलवाल और एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई भी पुलिस लाइन में चल रहा स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम छोड़कर घटनास्थल पर पहुंचे। BSA अलका शर्मा ने भी स्कूल पहुंचकर घटना की जानकारी ली। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और घायल बच्चों के इलाज की जानकारी ली। प्रशासन की ओर से परिवार को हरसंभव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया गया है।
DM ने बताया कैसे हुआ हादसा
डीएम अंकित खंडेलवाल ने बताया कि स्कूल प्राइमरी स्तर तक है और वहां स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम चल रहा था। आसपास के घरों से आए कुछ बच्चे स्कूल के छज्जे पर चढ़ गए थे। छज्जे के नीचे एक बच्चा खड़ा था। बच्चों के बोझ के कारण छज्जा गिर गया, जिसकी चपेट में आने से उसकी मौत हो गई। डीएम के मुताबिक, हादसे में दो अन्य बच्चों को हल्की चोटें आई हैं और उनका इलाज चल रहा है।
SP बोले- करीब 19-20 साल पुरानी है बिल्डिंग
एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि परिवार को आश्वासन दिया गया है कि राज्य सरकार की ओर से मिलने वाली सहायता उन्हें दिलाई जाएगी। परिवार के लोगों ने किसी अन्य कार्रवाई से मना किया है। एसपी ने बताया कि हादसे में दो बच्चे घायल हुए हैं, जिनका इलाज कराया जा रहा है। उनके मुताबिक स्कूल की बिल्डिंग करीब 19 से 20 साल पुरानी है। एसपी ने कहा कि शुरुआती जानकारी के अनुसार छज्जे पर आसपास के बच्चों के चढ़ जाने के कारण वह गिरा।
स्वतंत्रता दिवस के जश्न के बीच मातम
मदाला फतेहपुर में शनिवार की सुबह की शुरुआत देशभक्ति और उत्साह के साथ हुई थी। बच्चे झंडा लेकर स्कूल पहुंचे थे, कार्यक्रम चल रहा था और प्रस्तुतियां दी जा रही थीं। लेकिन कुछ ही पल में छज्जा गिरने से पूरा माहौल बदल गया। निजामुद्दीन अपने घर से जिस उत्साह के साथ स्वतंत्रता दिवस मनाने निकला था, वह वापस घर नहीं लौट सका। उसके परिवार के लिए 15 अगस्त की यह सुबह जिंदगी भर की ऐसी याद बन गई, जिसे भुला पाना शायद कभी आसान नहीं होगा।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0
