वाराणसी एयरपोर्ट पर शिवसेना नेता की बंदूक से चली गोली, 2 कर्मचारी हुए घायल,आजमगढ़ से जा रहा था मुंबई
वाराणसी एयरपोर्ट पर हथियार की जांच के दौरान अचानक पिस्टल से गोली चल गई। हादसे में महिला समेत दो एयरपोर्ट कर्मचारी घायल हुए। आजमगढ़ के शिवसेना नेता कमलेश राय पत्नी के साथ मुंबई जा रहे थे और उनके पास ऑल इंडिया परमिट वाली लाइसेंसी पिस्टल थी।
वाराणसी। लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर रविवार सुबह हथियार की जांच के दौरान अचानक गोली चलने से हड़कंप मच गया। आजमगढ़ के रहने वाले शिवसेना नेता कमलेश राय अपनी पत्नी के साथ मुंबई जाने के लिए एयरपोर्ट पहुंचे थे। उनके पास लाइसेंसी पिस्टल थी, जिसे विमान में ले जाने के लिए उन्होंने पहले ही घोषित किया था। हथियार की जांच के दौरान अचानक एक राउंड फायर हो गया। गोली पहले फर्श से टकराई और फिर पास में खड़ी महिला कर्मचारी सुमन की जांघ में जा लगी। गोली के छर्रे सिक्योरिटी स्कैनर कर्मचारी रोहित राज के हाथ में भी लगे। दोनों घायल हो गए। उन्हें तत्काल न्यू लक्ष्मी ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां इलाज चल रहा है। घटना के बाद एयरपोर्ट पर सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस अधिकारियों की टीम पहुंची। यात्री कमलेश राय को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
पिस्टल जांच के दौरान हुआ फायर
एयरपोर्ट डायरेक्टर पुनीत गुप्ता के मुताबिक, कमलेश राय अपनी पत्नी के साथ एयर इंडिया एक्सप्रेस की मुंबई जाने वाली फ्लाइट से यात्रा करने वाले थे। उनके पास लाइसेंसी पिस्टल थी और उन्होंने हथियार की जानकारी पहले ही दे दी थी। बोर्डिंग से पहले मानक प्रक्रिया के तहत हथियार की जांच की जा रही थी। इसी दौरान पिस्टल से एक राउंड फायर हो गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, फायर के बाद गोली फर्श से टकराई और उसके बाद उसके टुकड़े या छर्रे कर्मचारियों को लगे। घटना के तुरंत बाद एयरपोर्ट प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हथियार और घटनास्थल की जांच शुरू कर दी।
महिला कर्मचारी की जांघ में लगी गोली
हथियार की जांच कर रही टीम में शामिल सुमन और रोहित राज इस घटना में घायल हुए हैं। सुमन बिहार की रहने वाली हैं और उनकी उम्र 32 वर्ष बताई गई है। गोली उनकी जांघ में लगी, जबकि रोहित के हाथ में छर्रे लगे। घटना के बाद दोनों खून से लथपथ हो गए। एयरपोर्ट पर मौजूद कर्मचारियों ने तत्काल दोनों को अस्पताल पहुंचाया। रोहित ने बताया कि वह सुमन के साथ हथियार की जांच के लिए एक्स-रे काउंटर पर पहुंचे थे। यात्री ने अपनी पिस्टल निकाली थी और उसमें गोली लोड थी। जांच के दौरान ट्रिगर दब गया। उस समय सुमन सामने थीं, इसलिए गोली उनके पैर में लगी और रोहित को छर्रे लगे। रोहित का कहना है कि ट्रिगर जानबूझकर दबाया गया या गलती से दब गया, इस बारे में वह कुछ नहीं बता सकते।
यात्री के पास ऑल इंडिया परमिट वाली लाइसेंसी पिस्टल
डीसीपी गोमती नीतू कादयान के मुताबिक, फूलपुर पुलिस और अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया है। कमलेश राय के पास मौजूद पिस्टल लाइसेंसी है और उसका ऑल इंडिया परमिट है। डीसीपी के अनुसार, बोर्डिंग से पहले मानक प्रक्रिया के तहत हथियार की जांच की जा रही थी। इसी दौरान दुर्घटनावश फायर हुआ, जिसमें दो ग्राउंड स्टाफ कर्मचारी घायल हुए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि जांच के दौरान हथियार किस स्थिति में था और फायर किस तरह हुआ।
आजमगढ़ से मुंबई तक राजनीतिक कनेक्शन
कमलेश राय आजमगढ़ के जीयनपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। वह शिवसेना नेता बताए जा रहे हैं और मुंबई में पूर्व पार्षद रह चुके हैं। उनकी सोशल मीडिया प्रोफाइल पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और धनंजय सिंह के साथ तस्वीरें भी मौजूद हैं। कमलेश का परिवार भी स्थानीय राजनीति से जुड़ा बताया जाता है। उनका बेटा मुंबई में मौजूदा नगरसेवक है, जबकि उनकी मां प्रधान हैं। कमलेश आजमगढ़ में बाबू शिव पत्थर राय स्नातकोत्तर महाविद्यालय चलाते हैं और इसके प्रबंधक हैं। स्थानीय स्तर पर उनकी राजनीतिक और सामाजिक सक्रियता के कारण भी एयरपोर्ट की घटना के बाद उनका नाम चर्चा में आ गया।
दो बॉडीगार्ड के साथ चलते हैं कमलेश
जानकारी के मुताबिक, कमलेश राय अक्सर दो बॉडीगार्ड के साथ चलते हैं। उनके पास लाइसेंसी हथियार भी है। रविवार को वह अपनी पत्नी के साथ मुंबई जाने के लिए एयरपोर्ट पहुंचे थे। हथियार विमान में ले जाने से पहले निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसकी जांच की जा रही थी। इसी दौरान अचानक गोली चलने से पूरी सुरक्षा व्यवस्था में हड़कंप मच गया।
स्वतंत्रता दिवस के बीच हाई अलर्ट पर एयरपोर्ट
स्वतंत्रता दिवस को देखते हुए वाराणसी एयरपोर्ट को 11 से 20 अगस्त तक हाई अलर्ट जोन में रखा गया है। ऐसे समय में एयरपोर्ट परिसर के भीतर फायरिंग की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना की जानकारी मिलते ही एडीसीपी गोमती जोन समेत पुलिस अधिकारी और इंटेलिजेंस टीम मौके पर पहुंची। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और घटना से जुड़े तथ्यों की जांच शुरू कर दी। अब जांच का अहम बिंदु यही है कि लाइसेंसी और पहले से घोषित हथियार की जांच के दौरान फायर कैसे हुआ और उस समय पिस्टल में गोली क्यों लोड थी।
2010 में मुंबई एयरपोर्ट पर भी जांच के दौरान चली थी गोली
एयरपोर्ट पर लाइसेंसी हथियार की जांच के दौरान अचानक फायर होने का यह पहला मामला नहीं है। सितंबर 2010 में मुंबई एयरपोर्ट पर भी इसी तरह की घटना हुई थी। इंदौर जाने वाले यात्री गोविंद पाटीदार की लाइसेंसी पिस्टल की जांच के दौरान अचानक गोली चल गई थी। गोली फर्श से टकराई और उससे निकला टाइल का टुकड़ा महिला स्क्रीनिंग कर्मचारी रीना रॉय के पैर में लगा था। उन्हें मामूली चोट आई थी। उस समय भी यात्री के पास हथियार का वैध लाइसेंस था और पुलिस ने उसे हिरासत में लिया था। रिपोर्ट के मुताबिक, पिस्टल की मैगजीन में सात गोलियां थीं और जांच के दौरान यात्री यह देख रहा था कि पिस्टल खाली है या नहीं। वाराणसी एयरपोर्ट की घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि लाइसेंसी हथियार होने के बावजूद एयरपोर्ट पर उसकी जांच के दौरान अतिरिक्त सावधानी कितनी जरूरी है। फिलहाल पुलिस की जांच के बाद ही साफ होगा कि रविवार सुबह हुई फायरिंग पूरी तरह दुर्घटनावश हुई या इसके पीछे कोई और वजह थी।
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