रांची में जंतर-मंतर जैसा आंदोलन, 7 छात्र बैठे भूख हड़ताल पर, भर्ती विवाद पर आर-पार का ऐलान, 7 अगस्त को विधानसभा घेरने की चेतावनी

रांची में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का आंदोलन निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। 7 छात्र भूख हड़ताल पर हैं, जिनमें एक ने चार दिन तक अन्न-जल त्याग दिया था। सोनम वांगचुक की अपील पर उन्होंने पानी तो पी लिया, लेकिन अनशन जारी रखने का ऐलान किया। आखिर छात्र क्यों सड़कों पर हैं, उनकी मांगें क्या हैं और 7 अगस्त को विधानसभा घेराव की चेतावनी के पीछे पूरी कहानी क्या है?

Aug 5, 2026 - 13:04
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रांची में जंतर-मंतर जैसा आंदोलन, 7 छात्र बैठे भूख हड़ताल पर, भर्ती विवाद पर आर-पार का ऐलान, 7 अगस्त को विधानसभा घेरने की चेतावनी

रांची: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का आंदोलन अब निर्णायक दौर में पहुंचता दिखाई दे रहा है। राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में पिछले 12 दिनों से जारी धरना अब भूख हड़ताल में बदल चुका है। फिलहाल 7 प्रदर्शनकारी आमरण अनशन पर हैं और उन्होंने साफ कहा है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया तो 7 अगस्त को झारखंड विधानसभा का घेराव किया जाएगा। इस आंदोलन की सबसे चर्चित तस्वीर छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की रही, जिन्होंने 2 अगस्त से अन्न और जल दोनों का त्याग कर दिया था। बुधवार को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने उनसे वीडियो कॉल पर बात की और स्वास्थ्य का हवाला देते हुए कम से कम पानी पीने की अपील की। वांगचुक की अपील पर देवेंद्र ने पानी तो पी लिया, लेकिन स्पष्ट किया कि उनका अनशन समाप्त नहीं हुआ है और उनकी लड़ाई पहले की तरह जारी रहेगी।

आखिर क्यों भड़का छात्रों का गुस्सा?
पूरा विवाद 2 जुलाई को उस समय शुरू हुआ, जब झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) ने 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम जारी किया। आयोग ने 2,204 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित किया और 18 से 20 जुलाई के बीच मेंस परीक्षा प्रस्तावित थी। रिजल्ट जारी होते ही अभ्यर्थियों ने कई गंभीर सवाल उठाए। उनका आरोप था कि आयोग ने कट-ऑफ सार्वजनिक नहीं की। इसी दौरान सोशल मीडिया पर एक अभ्यर्थी की कथित OMR शीट वायरल हुई, जिसमें दावा किया गया कि केवल 48 प्रश्न हल करने के बावजूद अभ्यर्थी का चयन मुख्य परीक्षा के लिए हो गया। इसके अलावा परिणाम पर आयोग के अधिकारियों के हस्ताक्षर नहीं होने को लेकर भी सवाल खड़े किए गए। विवाद बढ़ने के बाद JPSC ने प्रस्तावित मेंस परीक्षा रद्द कर दी।

छात्रों का कहना- सिर्फ एक परीक्षा नहीं, पूरे सिस्टम में सुधार चाहिए
धरने पर बैठे छात्रों का कहना है कि JPSC की कई भर्ती परीक्षाएं पहले भी विवादों में रही हैं। इसलिए उनका आंदोलन केवल 14वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे भर्ती तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को लेकर है।

छात्रों की प्रमुख मांगें-:

  • 14वीं JPSC परीक्षा की CBI और ED से जांच कराई जाए। छात्रों का कहना है कि केवल CID जांच पर उन्हें भरोसा नहीं है।
  • मामले की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाए।
  • TDPL (टीएसआर डाटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड) से कराई गई सभी भर्ती परीक्षाएं रद्द की जाएं। छात्रों का आरोप है कि कंपनी से जुड़े एक अधिकारी पर भर्ती अनियमितताओं के आरोप हैं।
  • TDPL को ब्लैकलिस्ट कर भविष्य की परीक्षाएं TCS जैसी भरोसेमंद एजेंसी से कराई जाएं।
  • JPSC और JSSC के उन अधिकारियों को हटाया जाए, जिन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं, और उनकी जगह निष्पक्ष एवं साफ छवि वाले अधिकारियों की नियुक्ति की जाए।

कौन-कौन हैं भूख हड़ताल पर?
आंदोलनकारी छात्रों के मुताबिक, छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो के अनशन का बुधवार को चौथा दिन था। हालांकि उन्होंने सोनम वांगचुक की अपील पर पानी पी लिया, लेकिन अनशन जारी रखने की घोषणा की है। इसके अलावा ब्रह्मानंद कुमार तीसरे दिन से भूख हड़ताल पर हैं। वहीं सबिता कुमारी, अर्चना कुमारी, राहुल क्रांति, रूपेश कुमार और उम्मे हबीब ने मंगलवार शाम से आमरण अनशन शुरू किया है।

किन संगठनों का मिला समर्थन?
इस आंदोलन को छात्र संगठनों आइसा (AISA) और एबीवीपी (ABVP) का समर्थन मिल चुका है। वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि वे निश्चित रूप से झारखंड जाएंगे और प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ खड़े रहेंगे। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी छात्रों की सभी मांगों का समर्थन करती है। इससे पहले भी उन्होंने मोबाइल पर प्रदर्शनकारियों से बातचीत की थी।

कौन हैं देवेंद्र नाथ महतो?
देवेंद्र नाथ महतो रांची जिले के कापीडीह गांव के रहने वाले छात्र नेता हैं और JLKM से जुड़े हैं। वे लंबे समय से भर्ती परीक्षाओं और छात्र हितों से जुड़े मुद्दों पर आंदोलन करते रहे हैं। वर्ष 2024 में उन्होंने लोकसभा और विधानसभा चुनाव भी लड़ा था। उनका दावा है कि छात्र आंदोलनों में सक्रिय रहने के कारण उन पर 30 से अधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं।

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Sushant Pratap Singh Sushant Pratap Singh is an Indian content creator, video producer, and media professional known for creating political explainer videos, digital journalism content, and social media campaigns. He has worked with UP News Network and specializes in video production, content writing, and social media management. Sushant Pratap Singh began his media career as a content creator and video producer associated with UP News Network. During his professional journey, he worked on political and social explainer content, digital journalism, and social media engagement. He has experience in producing and editing news videos, writing articles for digital platforms, and managing online audience engagement through social media strategies. His work also includes anchoring, on-camera presentation, and graphic design for digital media content. Skills-: Content Writing and Article Writing | Social Media Management | Anchoring and Presentation | Video Editing using Adobe Premiere Pro | Video Production | Graphic Design using Canva | Political and Social Explainer Content