सहारनपुर में मस्जिद ढहाए जाने के बाद बढ़ी सियासी गरमाहट, अखिलेश यादव के खिलाफ लगे पोस्टर, सपा डेलिगेशन के पहुंचने से पहले बढ़ा तनाव
सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद ढहाए जाने के बाद सियासत तेज हो गई है। सपा, कांग्रेस और AIMIM के डेलिगेशन के सहारनपुर पहुंचने से पहले अखिलेश यादव के खिलाफ पोस्टर लगाए गए। पोस्टरों में 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों की तस्वीरों के साथ न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे लिखा था। पुलिस ने पोस्टर हटाकर जांच शुरू कर दी है। वहीं, मस्जिद के मलबे के नीचे मिले 20 फीट गहरे कुएं को लेकर भी जांच शुरू हो गई है। जानिए सहारनपुर में अब तक क्या-क्या हुआ।
सहारनपुर। कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद ढहाए जाने के बाद सहारनपुर में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM समेत विपक्षी दलों का डेलिगेशन आज सहारनपुर पहुंचने वाला है। डेलिगेशन के पहुंचने से पहले ही शहर में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ पोस्टर लगाए जाने से माहौल और गरमा गया। इन पोस्टरों में 7 सितंबर 2013 को हुए मुजफ्फरनगर दंगों की तस्वीरें लगाई गई थीं। अखिलेश यादव की तस्वीर के साथ न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे लिखा गया था। पोस्टर सामने आने की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें हटवा दिया। फिलहाल पोस्टर किसने लगाए, इसकी जांच की जा रही है। मामले को लेकर प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है। वहीं, सहारनपुर जाने की तैयारी कर रहे सपा विधायक अतुल प्रधान को मेरठ में हाउस अरेस्ट किए जाने की बात सामने आई है। AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता शादाब चौहान को भी नजरबंद किया गया है।
डेलिगेशन के पहुंचने से पहले पोस्टर ने बढ़ाई सियासी हलचल
मस्जिद गिराए जाने के बाद विपक्षी दलों ने मामले को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। इसी बीच सहारनपुर, शामली और मुजफ्फरनगर में अखिलेश यादव की तस्वीर वाले पोस्टर सामने आए। पोस्टरों में 7 सितंबर 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों से जुड़ी तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया था। अखिलेश यादव की तस्वीर के साथ न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे जैसा संदेश लिखा गया था। पोस्टर किस व्यक्ति या संगठन की ओर से लगाए गए, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है। पुलिस ने पोस्टर हटवा दिए हैं और लगाने वालों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस की ओर से यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि पोस्टर लगाने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई हुई है या नहीं।
अतुल प्रधान हाउस अरेस्ट, AIMIM प्रवक्ता भी नजरबंद
सहारनपुर जाने की तैयारी कर रहे मेरठ के सपा विधायक अतुल प्रधान को पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर लिया। इसी तरह AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता शादाब चौहान को भी नजरबंद किए जाने की जानकारी सामने आई है। शादाब चौहान ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि रात के अंधेरे में हमें कैद करना मौलिक अधिकारों का हनन है। विपक्षी दलों के डेलिगेशन के सहारनपुर पहुंचने से पहले पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
16 घंटे बुलडोजर चला, फिर मलबे के नीचे मिला कुआं
सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद को शनिवार को करीब 16 घंटे तक बुलडोजर चलाकर ढहाया गया था। रविवार सुबह जब मलबा हटाने का काम शुरू हुआ तो उसके नीचे एक कुआं मिला। बताया गया कि कुआं करीब 20 फीट गहरा और डेढ़ मीटर चौड़ा है। पुलिस ने फिलहाल इसे लोहे की चादर से ढक दिया है, ताकि मलबा उसके अंदर न जाए। कुआं कितना पुराना है और परिसर में इसका ऐतिहासिक महत्व क्या है, इसका पता लगाने के लिए प्रशासन ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी ASI को बुलाया है।
मस्जिद की जगह को लेकर भी दो दावे
मस्जिद को लेकर शिकायत करने वाले विकास त्यागी का दावा है कि इस स्थान पर पहले मंदिर रहा होगा और उसे तोड़कर मस्जिद बनाई गई। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। वहीं, मुस्लिम धर्मगुरुओं और मस्जिद पक्ष की ओर से मस्जिद को करीब 100 साल पुराना बताया जा रहा है। उनका दावा है कि करीब 70 साल पुराने वक्फ दस्तावेजों में भी इस मस्जिद का उल्लेख है। इस तरह एक ही स्थान के इतिहास को लेकर दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आए हैं। प्रशासन अब उपलब्ध दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर स्थिति स्पष्ट करने की प्रक्रिया में है।
मौके पर भारी पुलिस फोर्स तैनात
मस्जिद ढहाए जाने के बाद मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है। इलाके में बैरिकेडिंग की गई है और लोगों को घटनास्थल की ओर जाने से रोका जा रहा है। प्रशासन की कोशिश है कि मौके पर भीड़ जमा न हो और किसी तरह की स्थिति न बिगड़े। दूसरी तरफ विपक्षी दलों के नेताओं के सहारनपुर पहुंचने की खबर के बीच राजनीतिक गतिविधियां भी बढ़ गई हैं।
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