लाइब्रेरियन भर्ती के लिए डिप्टी CM के आवास पहुंचे युवा, बृजेश पाठक के सामने जोड़े हाथ, बोले- सर नौकरी चाहिए
उत्तर प्रदेश में लाइब्रेरियन भर्ती की मांग को लेकर अलग-अलग जिलों से युवा लखनऊ में डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के आवास पहुंच गए। अभ्यर्थियों ने हाथ जोड़कर नौकरी की मांग की और नई वैकेंसी निकालने की अपील की। युवाओं का कहना है कि 2016 के बाद लाइब्रेरियन भर्ती नहीं हुई है और अब PET-2025 के आधार पर नई भर्ती निकाली जानी चाहिए। डिप्टी सीएम ने UPSSSC अध्यक्ष से बात कर समाधान निकालने का आश्वासन दिया।
लखनऊ। लाइब्रेरियन भर्ती की मांग को लेकर मंगलवार को बड़ी संख्या में युवा डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के आवास पहुंच गए। अलग-अलग जिलों से आए अभ्यर्थियों ने आवास का घेराव करते हुए नई भर्ती निकालने की मांग की। इस दौरान डिप्टी सीएम खुद घर से बाहर आए और प्रदर्शन कर रहे युवाओं से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान कुछ अभ्यर्थियों ने बृजेश पाठक के सामने हाथ जोड़कर नौकरी की मांग की, जबकि कुछ युवाओं ने उनके पैर छूते हुए भर्ती प्रक्रिया शुरू कराने की अपील की। अभ्यर्थियों का कहना था कि लाइब्रेरी साइंस की डिग्री लेने के बावजूद वर्षों से भर्ती का इंतजार कर रहे हैं। युवाओं की मांग सुनने के बाद डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने UPSSSC अध्यक्ष से बात की और अभ्यर्थियों की समस्या का समाधान निकालने के लिए कहा।
2016 के बाद नहीं हुई लाइब्रेरियन भर्ती
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि उत्तर प्रदेश में वर्ष 2016 के बाद से लाइब्रेरियन के पदों पर कोई बड़ी भर्ती नहीं हुई है। ऐसे में लाइब्रेरी साइंस की पढ़ाई और डिग्री हासिल करने वाले हजारों युवा लंबे समय से नौकरी का इंतजार कर रहे हैं। अभ्यर्थियों ने मांग की है कि PET-2025 के आधार पर लाइब्रेरियन के पदों पर नई भर्ती निकाली जाए। उनका कहना है कि इससे लंबे समय से तैयारी कर रहे युवाओं को नौकरी का अवसर मिलेगा और लाइब्रेरी साइंस की पढ़ाई करने वाले छात्रों को भी भविष्य को लेकर भरोसा मिलेगा। युवाओं का आरोप है कि कई जगह लाइब्रेरी साइंस की डिग्री न रखने वाले लोगों से लाइब्रेरी का काम कराया जा रहा है, जबकि संबंधित डिग्री हासिल करने वाले अभ्यर्थी नौकरी के लिए भटक रहे हैं।
पहले भी कई बार कर चुके हैं प्रदर्शन
लाइब्रेरियन भर्ती की मांग को लेकर अभ्यर्थी इससे पहले भी उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग यानी UPSSSC के मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन कर चुके हैं। प्रदर्शन में शामिल अमित ने बताया कि 14 मई, 2 जून और 19 जून 2026 को भी अभ्यर्थियों ने पिकप भवन का घेराव किया था। उनका आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान उन्हें आयोग के अधिकारियों से मिलने नहीं दिया जाता और कर्मचारी ही उनसे बातचीत करते हैं। अभ्यर्थियों के अनुसार, अधिकारियों की ओर से पहले बताया गया था कि लाइब्रेरियन के 362 पदों की अधियाचना मिली हुई है। इसके बावजूद भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं हुई। अमित का कहना है कि हर बार अगले महीने भर्ती निकालने की बात कहकर मामला टाल दिया जाता है। पिछली भर्ती 2016 में हुई थी और उसके बाद से लाइब्रेरी साइंस की डिग्री लेने वाले युवा नौकरी का इंतजार कर रहे हैं।
घरवाले पूछते हैं नौकरी कब मिलेगी
प्रदर्शन में शामिल युवाओं ने कहा कि लंबे समय से भर्ती का इंतजार करते-करते उनके सामने आर्थिक और पारिवारिक दबाव भी बढ़ता जा रहा है। अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने लाइब्रेरी साइंस की पढ़ाई इसलिए की थी ताकि इसी क्षेत्र में नौकरी मिल सके। लेकिन वर्षों से भर्ती नहीं निकलने के कारण उन्हें लगातार इंतजार करना पड़ रहा है। युवाओं के मुताबिक, घरवाले भी रोज नौकरी को लेकर सवाल करते हैं और अब स्थिति ऐसी हो गई है कि डिग्री होने के बावजूद भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
लाइब्रेरी एक्ट के पालन पर भी उठाए सवाल
प्रदर्शनकारी मनीष ने कहा कि उत्तर प्रदेश में वर्ष 2006 में लाइब्रेरी एक्ट बनाया गया था, लेकिन उसका सही तरीके से पालन नहीं हो रहा है। उनका आरोप है कि कई जगह लाइब्रेरी साइंस की डिग्री न रखने वाले लोगों से लाइब्रेरी का काम कराया जा रहा है। जबकि इस विषय में पढ़ाई करने वाले युवा वर्षों से भर्ती का इंतजार कर रहे हैं। मनीष ने कहा कि अभ्यर्थियों ने लाइब्रेरी साइंस की डिग्री लेकर अपना करियर इस क्षेत्र में बनाने की उम्मीद की थी। यदि भर्ती नहीं निकाली जाती है तो सरकार को इस कोर्स के भविष्य को लेकर भी स्पष्ट स्थिति बतानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक लाइब्रेरियन के पदों पर नई भर्ती नहीं निकाली जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
बृजेश पाठक बोले- हर स्तर पर समाधान निकालने का प्रयास होगा
अभ्यर्थियों से मुलाकात के बाद डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने कहा कि छात्रों और युवाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया है। उन्होंने कहा कि शासन से लेकर आयोग तक हर स्तर पर इस मामले का समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। बृजेश पाठक ने कहा कि प्रदेश सरकार छात्रों और युवाओं के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि वह खुद छात्र राजनीति से निकलकर आए हैं और छात्रों की समस्याओं को अच्छी तरह समझते हैं। सरकार में रहते हुए वह युवाओं और छात्रों की समस्याओं का प्रतिनिधित्व करते हैं और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। अब डिप्टी सीएम की ओर से UPSSSC अध्यक्ष से बातचीत के बाद लाइब्रेरियन भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों की उम्मीद बढ़ गई है। हालांकि, युवाओं का कहना है कि जब तक भर्ती का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं होता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
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