6 महीने में 1 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देगी यूपी सरकार, सीएम योगी ने किया ऐलान, लखनऊ में अभ्यर्थियों को बांटे नियुक्ति पत्र
उत्तर प्रदेश में अगले 6 महीने के भीतर 1 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में 3,572 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र बांटते हुए भर्ती आयोगों और चयन बोर्डों को प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि पदों की जानकारी मिलने के एक महीने में विज्ञापन, दो महीने में परीक्षा और एक महीने के भीतर परिणाम जारी किया जाए।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए सरकारी नौकरी को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि अगले 6 महीने के भीतर प्रदेश के 1 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। इसके लिए भर्ती आयोगों और चयन बोर्डों को प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में कृषि विभाग के नवनियुक्त 3,572 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इनमें 3,446 प्राविधिक सहायक ग्रुप-C और मंडी परिषद के 126 मंडी सचिव शामिल हैं। नियुक्ति पाने वालों में 689 महिला अभ्यर्थी भी हैं। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पिछले 9 वर्षों में सरकारी भर्तियों, भर्ती प्रक्रिया में बदलाव, यूपी की अर्थव्यवस्था, किसानों और युवाओं को विदेशों में रोजगार के अवसरों को लेकर भी अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं।
भर्ती की जानकारी मिलते ही एक महीने में निकले विज्ञापन
सीएम योगी ने भर्ती आयोगों और चयन बोर्डों से नियुक्ति प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी विभाग से खाली पदों की जानकारी मिलने के एक महीने के भीतर भर्ती का विज्ञापन जारी किया जाए। मुख्यमंत्री ने भर्ती की एक समय सीमा भी तय करने को कहा। इसके तहत विज्ञापन जारी होने के बाद अगले दो महीने में परीक्षा कराई जाए और परीक्षा के एक महीने के भीतर परिणाम घोषित किया जाए। सीएम के मुताबिक, पूरी प्रक्रिया इस तरह होनी चाहिए कि छह महीने के भीतर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र मिल सके। उन्होंने कहा कि पिछले 9 साल में प्रदेश में 9.30 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है। इन युवाओं की ऊर्जा और प्रतिभा का लाभ उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मिला है।
3,572 अभ्यर्थियों को मिले नियुक्ति पत्र
लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग और मंडी परिषद के चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इनमें सबसे बड़ी संख्या प्राविधिक सहायकों की रही। कुल 3,446 अभ्यर्थियों को प्राविधिक सहायक ग्रुप-C के पद पर नियुक्ति मिली। इसके अलावा मंडी परिषद के 126 मंडी सचिवों को भी नियुक्ति पत्र दिए गए। इन नवनियुक्त अभ्यर्थियों में 689 महिलाएं शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि सरकारी सेवा मिलने के बाद उनकी जिम्मेदारी केवल कार्यालय तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।
किसानों तक पहुंचानी होगी आधुनिक खेती की तकनीक
सीएम योगी ने नए कृषि तकनीकी सहायकों को किसानों के साथ सीधे जुड़कर काम करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि प्राविधिक सहायकों को किसानों तक आधुनिक खेती की जानकारी पहुंचानी होगी। इसमें ड्रिप इरिगेशन, स्प्रिंकलर, फसल विविधीकरण और कम लागत में अधिक आमदनी के तरीके शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि वैज्ञानिकों और तकनीकी सहायकों को लैब टू लैंड की अवधारणा के तहत सीधे खेतों तक जाना होगा। उन्होंने कहा कि जब तक किसान की जरूरत और सम्मान को ध्यान में रखकर काम नहीं किया जाएगा, तब तक कृषि क्षेत्र में अपेक्षित बदलाव संभव नहीं होगा।
बोले- अब नहीं चलता चाचा-भतीजे का सिस्टम
सरकारी नौकरी और भर्ती प्रक्रिया का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में नौकरी निकलते ही चाचा-भतीजे की जोड़ी वसूली में जुट जाती थी। युवा परीक्षा देता था, लेकिन परिणाम नहीं आता था। कई मामलों में भर्ती प्रक्रिया अदालत तक पहुंचती थी और उस पर रोक लग जाती थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे युवाओं का समय और उम्र दोनों बर्बाद होते थे। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में चाचा-भतीजे का सिस्टम नहीं चलता है। भाजपा सरकार ने नकल माफिया और भर्ती प्रक्रिया में सक्रिय माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई की है। उनकी संपत्तियां जब्त की गईं और भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने का काम किया गया।
122 चीनी मिलें चल रहीं, किसानों को 3.25 लाख करोड़ का भुगतान
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की चीनी मिलों और गन्ना किसानों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के दौरान 29 चीनी मिलें बंद कर दी गई थीं और 21 मिलों को औने-पौने दामों पर बेच दिया गया था। इसके उलट वर्तमान में प्रदेश में 122 चीनी मिलें संचालित हो रही हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक, सरकार अब तक गन्ना किसानों को करीब 3.25 लाख करोड़ रुपए का भुगतान कर चुकी है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले किसानों को बिजली की समस्या का सामना करना पड़ता था, जबकि अब किसानों को करीब 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। सीएम ने कहा कि प्रदेश के करीब 16 लाख निजी नलकूपों के बिजली बिल का भार भी सरकार उठा रही है। पहले इसके लिए किसानों को करीब 3 हजार करोड़ रुपए का भुगतान करना पड़ता था।
यूपी बोर्ड का उदाहरण देकर बताई तेज परीक्षा व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने भर्ती प्रक्रिया को तेज करने के लिए यूपी बोर्ड की परीक्षा व्यवस्था का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि पहले बोर्ड परीक्षा कराने में तीन महीने तक का समय लगता था और परिणाम आने में भी करीब तीन महीने लग जाते थे। अब व्यवस्था में बदलाव किया गया है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, 56 लाख अभ्यर्थियों की परीक्षा 14 दिन में कराई गई और अगले 14 दिन में परिणाम जारी करने की व्यवस्था की गई। उन्होंने उच्च शिक्षा संस्थानों और विश्वविद्यालयों से भी परीक्षा और परिणाम की प्रक्रिया को सरल, तेज और पारदर्शी बनाने को कहा।
जापान, जर्मनी और इजराइल में भी यूपी के युवाओं की मांग
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के युवाओं की प्रतिभा और कौशल की मांग अब विदेशों तक पहुंच रही है। उन्होंने बताया कि हाल ही में जापान का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेश आया था, जिसने प्रदेश के युवाओं को जापान में रोजगार देने की इच्छा जताई। मुख्यमंत्री के मुताबिक, जर्मनी और इजराइल भी यूपी के युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में इजराइल में उत्तर प्रदेश के करीब 5 हजार युवा काम कर रहे हैं। सीएम योगी ने कहा कि युवाओं को रोजगार मिलने से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति मिली है और प्रति व्यक्ति आय बढ़ाने में भी मदद हुई है।
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