'अखिलेश के PDA का मतलब पराया धन अपना' बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े का बड़ा हमला, यूपी प्रभारी बनने के बाद पहली बार पहुंचे लखनऊ
भाजपा के नए यूपी प्रभारी विनोद तावड़े पहली बार लखनऊ पहुंचे। उन्होंने अखिलेश यादव के PDA पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा उनके PDA को नाकाम करेगी और इसका मतलब पराया धन अपना बताया। तावड़े दो दिन के यूपी दौरे में भाजपा संगठन की समीक्षा के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक से मुलाकात करेंगे।
उत्तर प्रदेश की सियासत में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। यूपी का नया प्रभारी बनाए जाने के बाद भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े शनिवार को पहली बार लखनऊ पहुंचे। एयरपोर्ट पर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। लखनऊ पहुंचते ही तावड़े ने समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव के PDA को लेकर निशाना साधा और कहा कि भाजपा उनके PDA को नाकाम करेगी। विनोद तावड़े ने कहा कि हम अखिलेश यादव के PDA को नाकाम करेंगे। उनके पीडीए का मतलब पराया धन अपना है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भाजपा विश्व का सबसे बड़ा दल बनी है और सीएम योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में विकास की रफ्तार तेज हुई है। तावड़े ने कहा कि भाजपा और एनडीए का हर कार्यकर्ता आने वाला विधानसभा चुनाव पूरी ताकत से लड़ेगा और जीतेगा। इसके बाद अगले पांच साल यूपी की जनता की सेवा में समर्पित रहेंगे।
लखनऊ एयरपोर्ट पर हुआ जोरदार स्वागत
यूपी प्रभारी की जिम्मेदारी मिलने के बाद पहली बार लखनऊ पहुंचे विनोद तावड़े का एयरपोर्ट पर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। इस दौरान यूपी भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी, प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह, प्रदेश महामंत्री संजय राय और प्रदेश कार्यालय प्रभारी गोविंद नारायण शुक्ला समेत कई पार्टी नेता मौजूद रहे। तावड़े के लखनऊ दौरे को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दो दिन के दौरे में वह संगठन की स्थिति, सरकार और संगठन के बीच तालमेल और चुनावी तैयारियों को लेकर पार्टी नेताओं के साथ बैठकें करेंगे।
पहले संगठन की समीक्षा, फिर योगी के साथ कोर कमेटी बैठक
लखनऊ पहुंचने के बाद विनोद तावड़े पार्टी संगठन को लेकर समीक्षा बैठकों का दौर शुरू करेंगे। सबसे पहले वह भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह के साथ बंद कमरे में समीक्षा बैठक करेंगे। इसके बाद प्रदेश पदाधिकारियों के साथ बैठक में संगठनात्मक कार्यों, चल रहे अभियानों और आने वाली योजनाओं को लेकर फीडबैक लिया जाएगा। दौरे के दौरान तावड़े मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और दोनों उपमुख्यमंत्रियों केशव प्रसाद मौर्य तथा ब्रजेश पाठक से भी मुलाकात करेंगे। कोर कमेटी की बैठक में प्रदेश के मौजूदा राजनीतिक माहौल, सरकार और संगठन के बीच तालमेल तथा आगामी चुनाव की रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है।
चुनाव से पहले यूपी प्रभारी का दौरा क्यों अहम ?
2027 विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने संगठन की जिम्मेदारी विनोद तावड़े को देकर उत्तर प्रदेश में अपनी चुनावी तैयारियों को गति देने का संकेत दिया है। तावड़े का दो दिवसीय दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब सभी राजनीतिक दल जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं। भाजपा के लिए सबसे बड़ी चुनौती सरकार के कामकाज को संगठन की चुनावी रणनीति से जोड़ना और बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय रखना होगी। तावड़े की बैठकों में संगठन की मौजूदा स्थिति से लेकर कार्यकर्ताओं की सक्रियता, अभियानों और चुनावी तैयारियों तक कई मुद्दों पर चर्चा होनी है।
बिहार के बाद अब यूपी की जिम्मेदारी
भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने 18 दिसंबर को विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश का नया प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया था। वहीं जगदीश ईश्वरभाई पटेल को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई थी। तावड़े भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और राज्यसभा सांसद हैं। इससे पहले वह हरियाणा और बिहार जैसे राज्यों के प्रभारी रह चुके हैं। वर्ष 2025 में उनके प्रभार में बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा ने बड़ी जीत दर्ज की थी। अब पार्टी ने उन्हें उत्तर प्रदेश जैसे राजनीतिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण राज्य की जिम्मेदारी दी है। ऐसे में उनकी भूमिका आगामी विधानसभा चुनाव में संगठन और रणनीति के स्तर पर महत्वपूर्ण रहने वाली है।
ABVP से शुरू हुआ राजनीतिक सफर
विनोद तावड़े मूल रूप से मुंबई के रहने वाले हैं। उनकी राजनीति की शुरुआत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से हुई थी। महाराष्ट्र में लंबे समय तक संगठन के लिए काम करने के बाद वह सक्रिय राजनीति में आए। वर्ष 2014 में वह महाराष्ट्र की बोरीवली विधानसभा सीट से पहली बार विधायक चुने गए। इसके बाद महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी भी संभाली। 26 सितंबर 2020 को भाजपा ने उन्हें राष्ट्रीय सचिव बनाया। इसके साथ ही उनकी भूमिका महाराष्ट्र की राजनीति से निकलकर राष्ट्रीय संगठन में पहुंच गई। इसके बाद पार्टी ने उन्हें अलग-अलग राज्यों की जिम्मेदारी दी। हरियाणा और बिहार के प्रभारी के तौर पर काम करने के बाद अब उन्हें उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है।
PDA के मुकाबले भाजपा की रणनीति पर नजर
उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी लगातार PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक समीकरण को अपनी राजनीति का प्रमुख आधार बनाकर आगे बढ़ रही है। भाजपा अब इसी राजनीतिक नैरेटिव को चुनौती देने की तैयारी में दिखाई दे रही है। लखनऊ पहुंचते ही विनोद तावड़े का PDA पर सीधा हमला इसी रणनीति का संकेत माना जा रहा है। आने वाले दिनों में उनकी बैठकों और संगठनात्मक कार्यक्रमों में भाजपा किस तरह 2027 के लिए अपनी रणनीति तैयार करती है, इस पर राजनीतिक नजरें रहेंगी। तावड़े के सामने अब सबसे बड़ी जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश में संगठन को चुनावी मोड में लाने की है। भाजपा के लिए 2027 का चुनाव सत्ता में वापसी की अगली बड़ी परीक्षा होगा और तावड़े को इसी चुनावी रणनीति को जमीन तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई है।
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