सिद्धार्थनगर में जमीन के विवाद ने लिया खूनी रूप, गोली लगने से 47 वर्षीय रामशंकर की मौत, हिरासत में ली गई तीन महिलाएं

सिद्धार्थनगर के जगदीशपुर में करीब 200 वर्गफीट जमीन के विवाद को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष हो गया। गोली लगने से 47 वर्षीय रामशंकर की मौत हो गई। परिजनों ने घर के अंदर ले जाकर गोली मारने का आरोप लगाया है, जबकि दूसरे पक्ष का कहना है कि मारपीट के दौरान गोली चली। पुलिस ने तीन महिलाओं को हिरासत में लिया है और CCTV फुटेज व फोरेंसिक साक्ष्यों की जांच कर रही है।

Sep 6, 2026 - 17:53
Sep 6, 2026 - 17:54
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सिद्धार्थनगर में जमीन के विवाद ने लिया खूनी रूप, गोली लगने से 47 वर्षीय रामशंकर की मौत, हिरासत में ली गई तीन महिलाएं

सिद्धार्थनगर। सदर थाना क्षेत्र के जगदीशपुर मोहल्ले में रविवार सुबह करीब 200 वर्गफीट जमीन को लेकर चल रहा पुराना विवाद अचानक खूनी संघर्ष में बदल गया। दोनों पक्षों के बीच कहासुनी के बाद गोली चल गई। गोली 47 वर्षीय रामशंकर के सीने में लगी और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद मोहल्ले में तनाव और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने मामले में पड़ोसी पक्ष की तीन महिलाओं को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। घटनास्थल पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज, फोरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के जरिए यह पता लगाने में जुटी है कि विवाद के दौरान वास्तव में क्या हुआ था।

200 वर्गफीट जमीन को लेकर लंबे समय से चल रहा था विवाद
जगदीशपुर निवासी रामशंकर और उनके पड़ोसी अतुल दुबे के बीच घर के बगल स्थित करीब 200 वर्गफीट जमीन को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था। मामला न्यायालय में भी विचाराधीन है। बताया जा रहा है कि विवादित जमीन के पास नगरपालिका की ओर से सड़क निर्माण कराया जा रहा है। सड़क से जमीन तक आने-जाने के लिए अतुल दुबे पक्ष मजदूरों से स्लोप बनवा रहा था। इसी को लेकर रविवार सुबह दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। शुरुआत कहासुनी से हुई और कुछ ही देर में मामला हिंसक हो गया।

रामशंकर को घर के अंदर ले जाकर गोली मारने का आरोप
रामशंकर के परिजनों ने दूसरे पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि विवाद के दौरान अतुल दुबे रामशंकर को खींचकर अपने घर के अंदर ले गया। आरोप है कि वहां लाइसेंसी डबल बैरल बंदूक से रामशंकर को गोली मार दी गई। गोली उनके सीने में लगी। गंभीर रूप से घायल रामशंकर की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार के लोग मौके पर पहुंचे। देखते ही देखते आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। परिवार में चीख-पुकार मच गई और इलाके में तनाव का माहौल बन गया।

दूसरे पक्ष का दावा- मारपीट करने घर पहुंचे थे रामशंकर पक्ष के लोग
दूसरे पक्ष ने घटना को लेकर अलग दावा किया है। अतुल दुबे के परिजनों का कहना है कि रामशंकर पक्ष के लोग उनके घर पर चढ़कर मारपीट करने पहुंचे थे। उनका आरोप है कि दोनों परिवारों के बीच पहले भी जमीन को लेकर कई बार विवाद और झड़प हो चुकी है। इसी दौरान परिवार के किसी सदस्य की लाइसेंसी बंदूक से गोली चल गई, जिससे रामशंकर की मौत हो गई। पुलिस अब दोनों पक्षों के दावों की जांच कर रही है।

CCTV फुटेज से सामने आ सकता है पूरा घटनाक्रम
घटना के बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि विवाद की शुरुआत कैसे हुई और गोली किन परिस्थितियों में चली। स्थानीय लोगों के अनुसार अतुल दुबे के घर में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। पुलिस आसपास लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाल रही है। फुटेज से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि दोनों पक्षों के बीच विवाद कब और कैसे शुरू हुआ, रामशंकर घर के अंदर कैसे पहुंचे और गोली चलने से पहले वहां क्या घटनाक्रम हुआ। जांच में सीसीटीवी फुटेज को अहम साक्ष्य माना जा रहा है।

तीन महिलाएं हिरासत में, भाजपा नेता के नाम की भी चर्चा
पुलिस ने पूछताछ के लिए अतुल दुबे के परिवार की तीन महिलाओं को हिरासत में लिया है। पुलिस उनसे घटना के संबंध में जानकारी जुटा रही है। वहीं, मृतक पक्ष के परिजनों की ओर से एक भाजपा नेता का नाम भी सामने लाया जा रहा है। हालांकि पुलिस की ओर से अभी तक भाजपा नेता की भूमिका को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही किसी व्यक्ति की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।

एएसपी बोले- गोली लगने से मौत की पुष्टि, जांच जारी
अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया रामशंकर की गोली मारकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई है। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य एकत्र किए हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। एएसपी के मुताबिक, मामले में सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। परिजनों की तहरीर मिलने के बाद मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल पुलिस के सामने घटना से जुड़े दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे हैं। एक पक्ष जहां रामशंकर को घर के अंदर ले जाकर गोली मारने का आरोप लगा रहा है, वहीं दूसरा पक्ष इसे विवाद के दौरान चली गोली बता रहा है। ऐसे में पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले फोरेंसिक साक्ष्य और सीसीटीवी फुटेज की जांच इस मामले में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जमीन के विवाद ने किस तरह इतना गंभीर रूप लिया और रामशंकर की मौत किन परिस्थितियों में हुई।

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