घर के मंदिर में क्या रख सकते हैं एक ही भगवान की दो मूर्ति, कहीं छोटी गलती न बन जाए बड़ी परेशानी, जानिए क्या कहता है वास्तु शास्त्र
घर के मंदिर में एक ही भगवान की दो मूर्तियां रखना शुभ माना जाता है या अशुभ? वास्तु गुरु मान्या ने बताया कि पूजा स्थल से जुड़ी एक छोटी-सी गलती घर की सुख-शांति, आर्थिक स्थिति और पारिवारिक माहौल पर असर डाल सकती है। जानिए पूजा घर में मूर्तियां रखने के सही नियम और किन बातों का रखना चाहिए विशेष ध्यान।
घर के मंदिर को परिवार की आस्था और सकारात्मक ऊर्जा का केंद्र माना जाता है। ऐसे में पूजा स्थल में रखी जाने वाली देवी-देवताओं की मूर्तियों और तस्वीरों को लेकर लोगों के मन में कई तरह के सवाल रहते हैं। सबसे आम सवाल यह है कि क्या घर के मंदिर में एक ही भगवान की दो मूर्तियां रखी जा सकती हैं? कई लोग श्रद्धा के भाव से अलग-अलग अवसरों पर मिली मूर्तियों को मंदिर में स्थापित कर देते हैं। हालांकि, वास्तु शास्त्र में इसे उचित नहीं माना गया है। वास्तु के अनुसार, पूजा स्थल में एक ही भगवान की दो मूर्तियां रखने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे घर की सकारात्मक ऊर्जा प्रभावित हो सकती है।
क्या कहता है वास्तु शास्त्र?
वास्तु के अनुसार, पूजा घर में एक ही भगवान की दो मूर्तियां पास-पास रखने से ऊर्जा का संतुलन बिगड़ सकता है। मान्यता है कि इससे घर का सकारात्मक वातावरण प्रभावित होता है और परिवार के सदस्यों के बीच तनाव, मतभेद और विवाद बढ़ने की संभावना रहती है। मान्यता यह भी है कि ऐसी स्थिति में आर्थिक परेशानियां बढ़ सकती हैं, अनावश्यक खर्चों में वृद्धि हो सकती है और घर में वास्तु दोष उत्पन्न होने की आशंका रहती है।
परिवार और करियर पर भी पड़ सकता है असर
वास्तु के अनुसार, एक ही भगवान की दो मूर्तियां रखने से परिवार के सदस्यों में गुस्सा और अहंकार बढ़ सकता है। धीरे-धीरे इसका असर घर की सुख-शांति पर दिखाई देने लगता है। मान्यता के मुताबिक, इसका प्रभाव स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है और परिवार का कोई न कोई सदस्य छोटी-मोटी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझता रह सकता है। वहीं आर्थिक मामलों में कर्ज बढ़ने या आय की तुलना में खर्च अधिक होने जैसी स्थितियां भी सामने आ सकती हैं। नौकरी और व्यापार से जुड़े लोगों के लिए भी इसे शुभ नहीं माना जाता। इससे कार्यों में रुकावटें आ सकती हैं और करियर में अपेक्षित प्रगति मिलने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
घर के मंदिर में मूर्तियां रखने के सही नियम
वास्तु शास्त्र के अनुसार, पूजा घर में देवी-देवताओं की केवल एक-एक मूर्ति या तस्वीर रखना अधिक उचित माना जाता है। इसके अलावा घर में स्थापित की जाने वाली मूर्ति का आकार 3 से 4 इंच तक होना बेहतर माना गया है। यदि कोई मूर्ति टूट जाए या खंडित हो जाए तो उसे पूजा घर में नहीं रखना चाहिए। ऐसी मूर्ति को सम्मानपूर्वक किसी पेड़ के नीचे स्थापित करने या नदी में प्रवाहित करने की सलाह दी जाती है। साफ-सुथरा और सीमित संख्या में मूर्तियों वाला पूजा घर सकारात्मक वातावरण बनाए रखने में सहायक माना जाता है।
नोट-: यह जानकारी वास्तु शास्त्र में प्रचलित मान्यताओं के आधार पर है। इन मान्यताओं को मानना या न मानना व्यक्तिगत आस्था और विश्वास का विषय है।
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