गाजियाबाद में फर्जी डॉक्टर बनकर करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, महंगी दवाइयों का बड़ा फर्जीवाड़ा आया सामने
गाजियाबाद पुलिस ने फर्जी चेकों का इस्तेमाल करके मेडिकल स्टोरों को धोखा देने वाले फर्जी डॉक्टरों के गिरोह को गिरफ्तार किया है। पूरी जानकारी पढ़ें।
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में पुलिस ने एक ऐसे शातिर ठग गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो खुद को बड़े और नामी अस्पतालों का डॉक्टर बताकर मेडिकल स्टोरों से महंगी दवाइयां मंगवाता था और फिर फर्जी चेक देकर फरार हो जाता था। स्वॉट टीम और क्राइम ब्रांच की संयुक्त कार्रवाई में इस गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इनके कब्जे से लाखों रुपये की कीमती दवाइयां, कई मोबाइल फोन और बड़ी संख्या में सिम कार्ड बरामद किए हैं। यह गिरोह दिल्ली-एनसीआर सहित कई राज्यों में 50 से ज्यादा मेडिकल स्टोरों को अपना शिकार बना चुका है।
डॉक्टर बनकर भरोसा जीतते थे आरोपी
एडीसीपी क्राइम पीयूष सिंह ने बताया कि आरोपी फोन पर खुद को बड़े अस्पतालों का डॉक्टर, एचओडी या वरिष्ठ मेडिकल स्टाफ बताकर मेडिकल स्टोर संचालकों से संपर्क करते थे। वे बड़े अस्पतालों का नाम लेकर भरोसा जमाते थे और तुरंत महंगी दवाइयों की डिलीवरी की मांग करते थे। दवाइयां मिलने के बाद आरोपी मेडिकल स्टोर को चेक देते थे, जो बाद में फर्जी निकलता था। जब तक दुकानदार को चेक बाउंस होने की जानकारी मिलती, तब तक आरोपी शहर छोड़ चुके होते थे।
मुकेश तनेजा निकला गिरोह का सरगना
पुलिस को सूचना मिली थी कि यह गिरोह कोतवाली थाना क्षेत्र में सक्रिय है। इसके बाद रेलवे स्टेशन के पास मालगोदाम रोड से चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उनकी पहचान मुकेश तनेजा, अमित खुराना, दीप सिंह चुग और मुकेश अखरिया उर्फ सुंदर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार मुकेश तनेजा इस गिरोह का सरगना है और वह पहले भी दिल्ली के रोहिणी इलाके में इसी तरह की ठगी के मामले में जेल जा चुका है।
सिम कार्ड बदलकर करते थे ठगी
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह हर शहर में नए सिम कार्ड का इस्तेमाल करता था ताकि उनकी पहचान छुपी रहे। आरोपियों के पास से 30 से ज्यादा महंगी दवाइयां, कई मोबाइल फोन और बड़ी संख्या में सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। इससे साफ है कि गिरोह पूरी प्लानिंग के साथ ठगी की वारदातों को अंजाम देता था।
50 से ज्यादा मेडिकल स्टोरों को बनाया शिकार
एडीसीपी ने बताया कि आरोपी इंडिया मार्ट जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से फार्मेसियों के नंबर निकालते थे और फिर उनसे संपर्क कर ठगी करते थे। यह गिरोह दिल्ली-एनसीआर के अलावा जयपुर, सूरत, अहमदाबाद और भोपाल जैसे शहरों में भी वारदात कर चुका है। अब तक यह गिरोह करोड़ों रुपये की दवाइयों की ठगी कर चुका है। कोतवाली और सिहानी गेट थानों में इनके खिलाफ मुकदमे दर्ज हैं और पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0