गुरुवार को तुलसी पूजा का खास महत्व, दूध, हल्दी और लाल चुनरी से दूर होती है आर्थिक तंगी
हिंदू धर्म में तुलसी के धार्मिक महत्व, गुरुवार को की जाने वाली विशेष पूजा, तुलसी से संबंधित चढ़ावे जैसे दूध, हल्दी, लाल चुनरी और धन एवं समृद्धि के लिए उनके लाभों के बारे में जानें।
हिंदू धर्म में तुलसी को अत्यंत पवित्र और पूजनीय माना गया है। शास्त्रों के अनुसार, तुलसी के बिना भगवान विष्णु की पूजा अधूरी मानी जाती है। श्री हरि को तुलसी अत्यंत प्रिय है और उनके भोग में तुलसी दल का होना आवश्यक माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कार्तिक मास में देवउठनी एकादशी के दूसरे दिन यानी द्वादशी तिथि को तुलसी का विवाह शालिग्राम भगवान से कराया जाता है। शालिग्राम को भगवान विष्णु का ही स्वरूप माना गया है। यही कारण है कि तुलसी पूजा का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व बहुत अधिक है।
गुरुवार का दिन और तुलसी पूजा का संबंध
सप्ताह का गुरुवार का दिन भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है। इस दिन नारायण की पूजा के साथ-साथ तुलसी माता की पूजा करना विशेष फलदायी माना गया है। मान्यता है कि गुरुवार के दिन सुबह तुलसी में जल अर्पित करने से घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली बनी रहती है। वहीं शाम के समय तुलसी के पास दीया जलाने से मां लक्ष्मी का आगमन होता है और घर में धन और वैभव बढ़ता है।
गुरुवार को तुलसी में चढ़ाएं ये शुभ चीजें
गुरुवार के दिन तुलसी में कच्चा दूध और जल मिलाकर चढ़ाना बहुत शुभ माना गया है। ऐसा करने से कुंडली में गुरु ग्रह मजबूत होता है, जो सुख, वैभव और संपन्नता का कारक माना जाता है। इससे व्यक्ति की मानसिक और शारीरिक स्थिति में भी सुधार आता है। साथ ही आर्थिक तंगी दूर होती है और वैवाहिक व सामाजिक जीवन में सकारात्मक परिणाम मिलते हैं।
हल्दी और लाल चुनरी का महत्व
गुरुवार के दिन तुलसी में सात हल्दी की गांठ चढ़ाने से आर्थिक स्थिति मजबूत रहती है। इससे घर में सुख-शांति, सकारात्मकता और धन लाभ की प्राप्ति होती है। इसके अलावा तुलसी माता को लाल चुनरी अर्पित करना भी शुभ माना गया है। लाल चुनरी चढ़ाने से सौभाग्य बढ़ता है और दांपत्य जीवन सुखद बना रहता है। मां लक्ष्मी की कृपा से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और परिवार में खुशहाली बनी रहती है।
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