गाजियाबाद अग्निकांड के बाद जांच तेज, पेंट-थिनर से भड़की आग, मशीन से होगा स्ट्रक्चरल ऑडिट
गाजियाबाद स्थित एक सोसाइटी में लगी आग की जांच में पता चला है कि पेंट और थिनर के कारण भीषण आग लगी थी। संरचनात्मक ऑडिट और सुरक्षा जांच जारी है।
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित गौर ग्रीन एवेन्यू सोसायटी में हुए भीषण अग्निकांड के बाद अब जांच और राहत कार्य तेज कर दिए गए हैं। शुक्रवार को बिल्डर कंपनी गौर संस की तकनीकी टीम मौके पर पहुंची और प्रभावित टावर-डी का निरीक्षण किया। टीम ने आग से क्षतिग्रस्त फ्लैटों और बिल्डिंग के ढांचे की स्थिति का मैनुअल परीक्षण किया। हालांकि, पीड़ित परिवारों ने इस पर नाराजगी जताई और मशीन से जांच की मांग की। प्रशासनिक टीम भी मामले की जांच के लिए शनिवार को पहुंचेगी। इस हादसे ने सोसायटी के लोगों को झकझोर कर रख दिया है।
मैनुअल जांच पर उठे सवाल
गौर संस की टीम ने दीवारों, बीम और कॉलम की स्थिति का फिजिकल निरीक्षण किया। लेकिन कुछ निवासियों ने कहा कि बिना मशीन के स्ट्रक्चरल ऑडिट का कोई मतलब नहीं है। अब कंपनी की टीम अत्याधुनिक मशीनों के साथ दोबारा आएगी, जिसके बाद ही पूरी रिपोर्ट तैयार होगी।
फायर NOC के बाद ही होगा रेनोवेशन
आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों के अनुसार, अभी किसी भी फ्लैट की रिपोर्ट पूरी नहीं हुई है। जब तक फायर विभाग की ओर से एनओसी नहीं मिलती, तब तक मरम्मत या रेनोवेशन का काम शुरू नहीं किया जाएगा। लोगों को फिलहाल घर की सफाई करने से भी मना किया गया है।
जल्द जारी होगी सुरक्षा एडवाइजरी
सोसायटी प्रबंधन ने कहा है कि जल्द ही एक एडवाइजरी जारी की जाएगी। इसमें लोगों से अपील की जाएगी कि बालकनी में ज्वलनशील सामान, दीया, अगरबत्ती या अन्य खतरनाक चीजें न रखें। साथ ही अतिरिक्त निर्माण से भी बचने की सलाह दी जाएगी।
आग के बाद भावुक कर देने वाले दृश्य
हादसे के बाद लोग अपने जले हुए फ्लैटों में जरूरी सामान ढूंढते नजर आए। कहीं बच्चों का जला हुआ बैट मिला तो कहीं जरूरी दस्तावेज और मेडिकल रिपोर्ट। कई परिवारों की आंखों में अपने घर की हालत देखकर आंसू आ गए। लोग बस इस बात से संतोष कर रहे थे कि सभी की जान बच गई।
पड़ोसियों ने निभाया इंसानियत का फर्ज
मुश्किल समय में सोसायटी के लोगों ने एक-दूसरे की मदद कर मिसाल पेश की। किसी ने अपना फ्लैट दिया, तो किसी ने सामान समेटने में मदद की। कई लोगों ने अपने घरों के दरवाजे खोल दिए, जिससे प्रभावित परिवारों को राहत मिल सके।
पेंट और थिनर बने आग की वजह
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिस फ्लैट में आग लगी, वहां पेंट, थिनर और लकड़ी की पॉलिश बड़ी मात्रा में रखी थी। ये सभी चीजें बेहद ज्वलनशील होती हैं, जिससे आग तेजी से फैल गई।
ज्योतिष केंद्र बनाने की तैयारी थी
जानकारी के अनुसार, फ्लैट मालिक कमल पालीवाल यहां ज्योतिष का काम शुरू करने वाले थे। फ्लैट में लकड़ी का काम और हवन कुंड बनाया गया था। फिनिशिंग के दौरान मौजूद ज्वलनशील सामग्री ने आग को और भड़काने का काम किया।
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