जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने किया लाठीचार्ज, संसद में सरकार पर बरसे मल्लिकार्जुन खरगे, बोले- छात्रों को दबाया जा रहा
मानसून सत्र के पहले ही दिन संसद में छात्रों का मुद्दा गरमा गया। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन, लाठीचार्ज के आरोप और मल्लिकार्जुन खरगे के बयान से राज्यसभा में हंगामा मच गया। आखिर ऐसा क्या हुआ कि सदन की कार्यवाही तक स्थगित करनी पड़ी?
संसद के मानसून सत्र का पहला दिन राजनीतिक टकराव के साथ शुरू हुआ। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन और वहां कथित लाठीचार्ज का मुद्दा राज्यसभा में जोर-शोर से उठा। विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने इस मामले को छात्रों के भविष्य से जोड़ते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उनके बयान के बाद सदन में तीखी नोकझोंक हुई और कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तथा बाद में साढ़े 12 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। खरगे ने कहा कि यह केवल किसी राजनीतिक दल का मुद्दा नहीं, बल्कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा मामला है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक और NEET परीक्षा से जुड़े कथित घोटालों के विरोध में बड़ी संख्या में छात्र जंतर-मंतर पहुंचे थे, लेकिन उनकी आवाज सुनने के बजाय सरकार ने बल प्रयोग का रास्ता अपनाया।
छात्रों के प्रदर्शन पर संसद में सियासी घमासान
राज्यसभा में अपनी बात रखते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि हजारों छात्र अपनी मांगों को लेकर जंतर-मंतर पर एकत्र हुए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया और सरकार उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। खरगे ने कहा कि यह मुद्दा लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ा है, इसलिए सदन में इस पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने अपने बयान में कहा कि सरकार छात्रों की मांगों को सुनने के बजाय उन्हें हटाने और आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रही है।
संसद मार्च के दौरान क्या हुआ?
सोमवार को दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) से जुड़े छात्र और युवा कार्यकर्ता मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन से जंतर-मंतर की ओर मार्च कर रहे थे। प्रदर्शनकारी केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं। प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने इलाके में भारी सुरक्षा बल तैनात किया। मार्च को आगे बढ़ने से रोकने के दौरान प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किए जाने के आरोप लगे। हालांकि, दिल्ली पुलिस की ओर से बल प्रयोग या किसी हिरासत को लेकर तत्काल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया।
विपक्ष ने पहले ही बना ली थी रणनीति
मानसून सत्र शुरू होने से पहले विपक्षी दलों ने बैठक कर तय किया था कि वे संसद में कई मुद्दों को प्रमुखता से उठाएंगे। इनमें राम मंदिर चढ़ावा चोरी, परीक्षाओं में कथित धांधली और छात्रों के प्रदर्शन जैसे विषय शामिल थे। इसी रणनीति के तहत मानसून सत्र के पहले ही दिन विपक्ष ने सरकार को घेरने की कोशिश की।
खरगे के बयान के बाद सदन में हंगामा
राज्यसभा में जैसे ही मल्लिकार्जुन खरगे ने जंतर-मंतर पर कथित लाठीचार्ज का मुद्दा उठाया, सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। सदन में शोर-शराबा बढ़ने के बाद कार्यवाही पहले 12 बजे तक और बाद में साढ़े 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0
