एक थप्पड़ से मचा सियासी बवाल! जानिए मेरठ SSP अविनाश पांडेय की पूरी कहानी, इंजीनियरिंग से IPS तक का सफर
मेरठ के SSP अविनाश पांडेय ललिता हत्याकांड प्रदर्शन के दौरान थप्पड़ विवाद के बाद चर्चा में हैं। विपक्ष ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। जानिए कौन हैं 2015 बैच के IPS अफसर अविनाश पांडेय...
मेरठ में ललिता हत्याकांड को लेकर शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब सिर्फ एक आपराधिक मामले तक सीमित नहीं रह गया है। प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई और SSP अविनाश पांडेय के व्यवहार को लेकर सियासत तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के बाद विपक्षी दलों ने पुलिस प्रशासन पर सवाल खड़े किए हैं। जहां एक तरफ विपक्ष इसे पुलिस की मनमानी बता रहा है, वहीं इस पूरे विवाद के बीच मेरठ के SSP अविनाश पांडेय अचानक चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। आखिर कौन हैं अविनाश पांडेय? उनका पुलिस करियर कैसा रहा है और क्यों इससे पहले भी वह कई मामलों में सुर्खियों में रह चुके हैं?
ललिता हत्याकांड प्रदर्शन में विवाद, SSP पर लगे आरोप
दरअसल, मेरठ में दलित युवती ललिता की हत्या के मामले में न्याय की मांग को लेकर कई सामाजिक संगठनों के लोग 8 जुलाई को कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। प्रदर्शनकारी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन जब प्रदर्शनकारी नहीं हटे तो पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी। इसी दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बन गई। आरोप है कि मौके पर पहुंचे SSP अविनाश पांडेय ने प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई करते हुए रवि गौतम नाम के व्यक्ति को थप्पड़ मारे। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला राजनीतिक मुद्दा बन गया। इस घटना को लेकर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद और बसपा प्रमुख मायावती ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि बीजेपी सरकार में पुलिस अन्याय का रिकॉर्ड तोड़ रही है। वहीं चंद्रशेखर आजाद और मायावती ने कहा कि कानून व्यवस्था संभालने वाले अधिकारियों को कानून के दायरे में रहकर काम करना चाहिए और किसी को भी कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं है।
इंजीनियरिंग के बाद बने IPS
विवादों के बीच चर्चा में आए SSP अविनाश पांडेय का जन्म 3 फरवरी 1988 को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में हुआ था। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में बीटेक की पढ़ाई की है। इंजीनियरिंग बैकग्राउंड के बाद उन्होंने सिविल सर्विस की तैयारी की और साल 2015 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी बने। IPS बनने के बाद उनकी पहली तैनाती गाजियाबाद में हुई, जहां उन्होंने SP सिटी के पद पर जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद प्रयागराज महाकुंभ के दौरान भी उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई।
कई जिलों में संभाली जिम्मेदारी
अविनाश पांडेय ने अपने पुलिस करियर में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। साल 2019 में वह SP देहात के पद पर तैनात रहे। इसके बाद उनकी तैनाती लखनऊ में हुई, जहां उन्होंने पुलिस प्रशासन से जुड़े कई अहम दायित्व संभाले। उनकी पहचान एक ऐसे पुलिस अधिकारी के रूप में रही है, जिन्हें कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण के मामलों में सक्रिय अधिकारी माना जाता है।
एनकाउंटर से लेकर पुलिसिंग तक
SSP अविनाश पांडेय को बेहतर पुलिसिंग के लिए दो बार डीजीपी प्रशंसा चिह्न से सम्मानित किया जा चुका है। 15 अगस्त 2022 को उन्हें सिल्वर मेडल और 26 जनवरी 2025 को गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया। इसके अलावा वह पीलीभीत के पूरनपुर इलाके में खालिस्तानी आतंकियों के एनकाउंटर को लेकर भी चर्चा में रहे थे। पुलिस के अनुसार, पंजाब में पुलिस चौकी पर ग्रेनेड हमला करने वाले आरोपी पीलीभीत पहुंचे थे, जिसके बाद पुलिस कार्रवाई में उनका एनकाउंटर किया गया था।
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