T20 क्रिकेट में टीम इंडिया को मिल रही लगातार हार, आयरलैंड के बाद इंग्लैंड से भी मिली शिकस्त, कोच गंभीर ने बताई वजह
इंग्लैंड के खिलाफ लगातार चौथी टी20 हार के बाद गौतम गंभीर ने टीम इंडिया की कमजोरी का खुलासा किया। 76 रन पर ऑलआउट होने के बावजूद कोच ने बताया कि क्यों यह हार भविष्य की बड़ी जीत की तैयारी का हिस्सा है और टीम को किस एक चीज में सुधार की सबसे ज्यादा जरूरत है।
इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टी20 मुकाबले में 125 रन की शर्मनाक हार के बाद टीम इंडिया पर सवाल उठने लगे हैं। लगातार चार टी20 मैच गंवाने के बाद भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने पहली बार खुलकर टीम के प्रदर्शन पर अपनी राय रखी। गंभीर ने साफ कहा कि मौजूदा टीम को सिर्फ हार-जीत के आंकड़ों से नहीं परखा जाना चाहिए, क्योंकि भारतीय टीम इस समय बदलाव के दौर से गुजर रही है। उनके मुताबिक टीम में कई नए चेहरे हैं और उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के दबाव को समझने के लिए समय देना जरूरी है। लेकिन गंभीर ने हार की सबसे बड़ी वजह भी बता दी। उनके अनुसार टीम की असली कमजोरी बल्लेबाजी या गेंदबाजी नहीं, बल्कि मैच की परिस्थितियों को समझने की क्षमता यानी गेम अवेयरनेस है।
गंभीर बोले- खिलाड़ी हालात पढ़ने में लगातार कर रहे हैं गलती
गौतम गंभीर ने कहा कि टी20 क्रिकेट सिर्फ बड़े शॉट खेलने या तेज गेंदबाजी करने का खेल नहीं है। इस फॉर्मेट में सबसे ज्यादा जरूरी है कि खिलाड़ी मैदान की स्थिति को कितनी जल्दी समझ पाता है। उन्होंने कहा कि टीम कई मुकाबलों में यह पहचानने में नाकाम रही कि पिच किस तरह व्यवहार कर रही है, हवा किस दिशा में चल रही है और किस समय आक्रामक क्रिकेट खेलना सही रहेगा। गंभीर के मुताबिक, "अगर खिलाड़ी परिस्थितियों को बेहतर तरीके से पढ़ पाए होते तो शायद लगातार चार मुकाबलों में हार का सामना नहीं करना पड़ता।"
टी20 वर्ल्ड कप वाली टीम से तुलना गलत
गंभीर ने कहा कि मौजूदा टीम की तुलना टी20 विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम से करना सही नहीं होगा। उन्होंने बताया कि इस टीम में कई बड़े बदलाव हुए हैं। कप्तानी में बदलाव आया है, ओपनिंग जोड़ी नई है और जसप्रीत बुमराह व हार्दिक पंड्या जैसे अनुभवी खिलाड़ी भी टीम का हिस्सा नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जब कोई टीम रीसेट होती है तो उसे समय लगता है। हमें सिर्फ नतीजों के आधार पर खिलाड़ियों का मूल्यांकन नहीं करना चाहिए। गंभीर ने उदाहरण देते हुए कहा कि 15 साल के वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा खिलाड़ी को बड़ी टीमों के खिलाफ खेलने का मौका देना जरूरी है। वहीं प्रिंस यादव जैसे खिलाड़ी अभी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
76 रन पर ऑलआउट के बाद भी गंभीर को क्यों है भरोसा?
इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टी20 में भारतीय टीम महज 76 रन पर सिमट गई। यह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत की सबसे बड़ी हार में से एक रही। लेकिन गंभीर ने इसे टीम की स्थायी कमजोरी मानने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि इससे पहले मुकाबलों में भारतीय बल्लेबाजों ने करीब 190 रन तक बनाए हैं। टीम जिस आक्रामक शैली के साथ खेल रही है, उसमें कभी-कभी ऐसे खराब दिन भी आते हैं। गंभीर का मानना है कि अगर युवा खिलाड़ियों को मजबूत टीमों के खिलाफ खेलने का मौका नहीं मिलेगा तो भविष्य की मजबूत टीम तैयार नहीं हो पाएगी।
प्रिंस यादव की तारीफ में क्या बोले गंभीर ?
भले ही भारतीय बल्लेबाजी पूरी तरह फ्लॉप रही, लेकिन युवा तेज गेंदबाज प्रिंस यादव ने अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया। अपने दूसरे टी20 मुकाबले में प्रिंस यादव ने दो विकेट हासिल किए और पावरप्ले से लेकर डेथ ओवर तक जिम्मेदारी निभाई। गंभीर ने उनकी तारीफ करते हुए कहा कि किसी खिलाड़ी का मूल्यांकन सिर्फ विकेट या रन से नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह देखना जरूरी है कि खिलाड़ी किस परिस्थिति में प्रदर्शन कर रहा है। उनके मुताबिक प्रिंस यादव में भविष्य का अच्छा तेज गेंदबाज बनने की क्षमता है।
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