पुलिसवालों को गोली मारने वाले दो बदमाशों का हुआ एनकाउंटर, 300 जवानों ने घेरा खेत, 2 घंटे तक चला मुठभेड़, ट्रेन से कूदकर भागे थे
गाजियाबाद से झारखंड जा रही ट्रेन में मिले इनपुट के बाद शिकोहाबाद रेलवे स्टेशन पर शुरू हुआ पुलिस ऑपरेशन कुछ ही मिनटों में मुठभेड़ में बदल गया। बदमाशों की गोली से SOG के दो जवान घायल हुए, लेकिन करीब एक किलोमीटर पीछा करने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को मार गिराया। आखिर कौन थे ये बदमाश, पुलिस को कैसे मिली सूचना और पूरे ऑपरेशन में क्या-क्या हुआ?
उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में शुक्रवार सुबह एक खुफिया सूचना के आधार पर शुरू हुआ पुलिस ऑपरेशन कुछ ही मिनटों में बड़े एनकाउंटर में बदल गया। गाजियाबाद से झारखंड जा रही संबलपुर एक्सप्रेस में सवार दो वांछित बदमाशों को पकड़ने पहुंची इटावा की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) पर बदमाशों ने अचानक ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस हमले में SOG के दो सिपाही डेविड चौहान और पुष्पेंद्र गोली लगने से घायल हो गए। हालांकि, जवाबी कार्रवाई और लंबे पीछा करने के बाद पुलिस ने दोनों बदमाशों को मार गिराया।
खुफिया सूचना पर रेलवे स्टेशन पहुंची थी SOG
पुलिस को सूचना मिली थी कि गाजियाबाद से झारखंड जा रही संबलपुर एक्सप्रेस में दो वांछित बदमाश सफर कर रहे हैं। इसी इनपुट के आधार पर इटावा SOG ने शुक्रवार सुबह करीब 11:45 बजे फिरोजाबाद के शिकोहाबाद रेलवे स्टेशन पर ट्रेन की घेराबंदी कर दी। जैसे ही पुलिस टीम ने दोनों संदिग्धों को घेरने की कोशिश की, वे ट्रेन से उतरकर भागने लगे। खुद को घिरता देख बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। बदमाशों की गोलीबारी में SOG के सिपाही डेविड चौहान और पुष्पेंद्र घायल हो गए। एक जवान के पेट में जबकि दूसरे के कंधे में गोली लगी। दोनों को तत्काल अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस टीम ने भी जवाबी फायरिंग की, लेकिन शुरुआती मुठभेड़ का फायदा उठाकर दोनों बदमाश वहां से भाग निकले।
करीब एक किलोमीटर पीछा, फिर गांव और खेतों में घेराबंदी
रेलवे स्टेशन से भागने के बाद दोनों आरोपी करीब एक किलोमीटर दूर नगला कन्हई गांव की ओर पहुंच गए। पुलिस ने तत्काल पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी और गांव के साथ आसपास के खेतों में कॉम्बिंग ऑपरेशन शुरू कर दिया। करीब 300 पुलिसकर्मियों ने पूरे क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चलाया। इसी दौरान हुई दूसरी मुठभेड़ में पुलिस ने दोनों बदमाशों को मार गिराया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मारे गए दोनों बदमाश इटावा में एक डॉक्टर के साथ हुई लूट की वारदात के आरोपी थे। पुलिस के अनुसार, दोनों के खिलाफ करीब एक दर्जन आपराधिक मुकदमे दर्ज थे और वे लंबे समय से वांछित चल रहे थे।
वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे
घटना की जानकारी मिलते ही डीआईजी, इटावा के एसएसपी ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव, एएसपी अभय नाथ त्रिपाठी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। वहीं फिरोजाबाद के एसएसपी आदित्य लांगहे ने भी पूरे अभियान की निगरानी की। इटावा के एसएसपी ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि खुफिया सूचना के आधार पर बदमाशों को पकड़ने की कार्रवाई की गई थी। मुठभेड़ के बाद आरोपी नगला कन्हई गांव की ओर भाग गए थे। पूरे क्षेत्र में नाकाबंदी कर लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया गया।
अफवाहों पर भी पुलिस ने दिया जवाब
घटना के बाद सोशल मीडिया पर बच्चों को बंधक बनाए जाने जैसी चर्चाएं भी सामने आईं। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया कि ऐसी कोई जानकारी सही नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक, मामला केवल पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ का है। फिलहाल घायल दोनों पुलिसकर्मियों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस मुठभेड़ स्थल से मिले साक्ष्य जुटा रही है और आसपास के इलाके में तलाशी अभियान जारी है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बदमाशों के साथ कोई अन्य साथी मौजूद तो नहीं था।
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