पति की हत्या कर बाथरूम में दफनाया शव, आगरा में 45 दिन तक पुलिस को गुमराह करती रही पत्नी, फिर जेठ के एक सवाल ने खोल दिया पूरा राज
आगरा में एक ऐसी वारदात सामने आई जिसने पुलिस को भी हैरान कर दिया। महिला ने पति की हत्या कर शव को घर के बाथरूम में दफना दिया, ऊपर नई फर्श बनवा दी और 45 दिन तक सभी को गुमराह करती रही। पुलिस के साथ पति को खोजने का नाटक करती रही, लेकिन आखिरकार जेठ के एक सवाल ने पूरे राज से पर्दा उठा दिया।
उत्तर प्रदेश के आगरा से सामने आई एक सनसनीखेज वारदात ने हर किसी को हैरान कर दिया है। यहां एक महिला ने पहले अपने पति की कथित तौर पर नींद की गोलियां खिलाकर हत्या कर दी, फिर शव को घर के बाथरूम में दफना दिया। इतना ही नहीं, शव के ऊपर नई फर्श भी बनवा दी और करीब डेढ़ महीने तक उसी बाथरूम का इस्तेमाल करती रही। इस दौरान वह पुलिस के साथ पति की तलाश करती रही, रिश्तेदारों के सामने रोती रही और लगातार यह कहानी दोहराती रही कि उसका पति घर छोड़कर चला गया है। लेकिन आखिरकार जेठ के सामने टूट गई और पूरे हत्याकांड का सच सामने आ गया।
एक गुमशुदगी की जांच से खुली खौफनाक साजिश
मामला सिकंदरा थाना क्षेत्र के दहतोरा स्थित रेणुका धाम कॉलोनी का है। मूल रूप से राजस्थान के भरतपुर निवासी 44 वर्षीय सुरेंद्र कुमार शर्मा अपनी पत्नी रूबी, दो बेटियों और मां कमला के साथ आगरा में रहते थे। सुरेंद्र के बड़े भाई अनिल शर्मा के मुताबिक, पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता रहता था, लेकिन किसी ने यह नहीं सोचा था कि मामला इतनी भयावह घटना तक पहुंच जाएगा। 18 मई की सुबह रूबी ने अनिल शर्मा को फोन कर जल्द आगरा आने को कहा। उसने बताया कि घर में पुलिस का कोई मामला हो गया है और मां तथा दोनों बच्चियों को तुरंत अपने साथ भरतपुर ले जाएं। जब अनिल ने पूरी बात पूछनी चाही तो रूबी ने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया और कहा कि घर मत आना, तीनों को पास की दुकान पर बैठा दिया है, वहीं से ले जाना।
घर पहुंचने से पहले बदल गई पूरी कहानी
अनिल शर्मा बच्चों और मां को लेकर भरतपुर रवाना होने ही वाले थे कि रूबी का फिर फोन आया। इस बार उसने दावा किया कि सुरेंद्र उससे झगड़ा कर घर से 5 हजार रुपये लेकर चले गए हैं और कहकर गए हैं कि दो-तीन दिन बाद खुद संपर्क करेंगे। कुछ दिन बाद रूबी भी भरतपुर पहुंच गई और सामान्य व्यवहार करती रही। परिवार को उम्मीद थी कि सुरेंद्र वापस लौट आएंगे, लेकिन समय बीतने के बाद भी जब उनका कोई पता नहीं चला तो 26 मई को उनकी गुमशुदगी दर्ज करा दी गई।
पुलिस के साथ पति को ढूंढने का करती रही नाटक
गुमशुदगी दर्ज होने के बाद पुलिस जांच में जुटी तो रूबी भी हर कदम पर सहयोग करती नजर आई। वह पुलिस के साथ सीसीटीवी फुटेज देखती, रिश्तेदारों के सामने रोती और पति की तलाश में परेशान होने का अभिनय करती रही। लगातार 45 दिनों तक उसने ऐसा माहौल बनाए रखा कि किसी को भी उस पर शक नहीं हुआ। हालांकि, परिवार के बड़े भाई अनिल शर्मा को उसके व्यवहार में कुछ असामान्य लगने लगा। उन्हें महसूस हुआ कि रूबी की बातें और उसका रवैया मेल नहीं खा रहा है।
जेठ के एक भरोसे ने तोड़ दी चुप्पी
शुक्रवार सुबह अनिल शर्मा ने रूबी से अकेले में बात की। उन्होंने उससे कहा कि अगर कोई परेशानी है तो सच बता दो, परिवार तुम्हारे साथ खड़ा रहेगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अगर वह किसी मुश्किल में फंस गई है तो उसे बचाने की पूरी कोशिश करेंगे। बताया जाता है कि यही भरोसा रूबी की हिम्मत तोड़ गया। उसने रोते हुए स्वीकार कर लिया कि सुरेंद्र अब जीवित नहीं हैं और उनका शव घर के बाथरूम में दफन है। यह सुनते ही अनिल ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मजदूर बुलाकर बाथरूम की फर्श तुड़वाई। करीब 20 मिनट तक फर्श तोड़ने और गड्ढा खोदने के बाद जो दृश्य सामने आया, उसने सभी को स्तब्ध कर दिया। जमीन के नीचे से सुरेंद्र का शव पूरी तरह गल चुका था और केवल कंकाल बरामद हुआ। शव की स्थिति को देखते हुए तत्काल पोस्टमार्टम संभव नहीं हो सका। पुलिस ने फॉरेंसिक जांच के लिए विशेषज्ञ टीम गठित करने की तैयारी शुरू कर दी है ताकि मौत के कारणों की वैज्ञानिक तरीके से पुष्टि की जा सके।
'शराब पीकर करता था मारपीट'
पुलिस पूछताछ में रूबी ने बताया कि उसका पति शराब पीने का आदी था और अक्सर उसके साथ मारपीट करता था। लगातार हो रहे घरेलू विवादों से परेशान होकर उसने पति की हत्या की योजना बनाई। उसने पुलिस को बताया कि 17 मई की रात उसने खीर में 18 से अधिक नींद की गोलियां मिलाकर सुरेंद्र को खिला दीं। अगले दिन सुबह जब उसने पति को मृत पाया तो घबरा गई, लेकिन बाद में शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। रूबी के मुताबिक उसने पहले बच्चों और सास को भरतपुर भिजवाया। फिर कमरे से शव को घसीटकर बाथरूम तक ले गई और फावड़े से गड्ढा खोदकर उसे वहीं दफना दिया। इसके बाद कुछ दिनों के लिए खुद भी भरतपुर चली गई। लौटने पर मजदूर बुलाकर बाथरूम में नई फर्श डलवा दी, ताकि किसी को शक न हो।
एसीपी ने क्या कहा?
एसीपी अमीषा सिंह ने बताया कि सुरेंद्र शर्मा की गुमशुदगी की जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि उनकी हत्या उनकी पत्नी ने ही की थी। आरोपी महिला से पूछताछ जारी है और मामले में फॉरेंसिक रिपोर्ट समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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