गाबा का किला ढहाने वाले रहाणे ने इंटरनेशनल क्रिकेट से लिया संन्यास, वीडियो में हुए भावुक, बोले-जिंदगी का नया पड़ाव, मेलबर्न में लगाया था शतक
भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी है। इंस्टाग्राम पर जारी भावुक वीडियो में उन्होंने अपने फैसले की वजह बताई और क्रिकेट यात्रा को याद किया। मेलबर्न टेस्ट की शतकीय पारी, गाबा में ऐतिहासिक सीरीज जीत, कप्तानी के रिकॉर्ड और 12 साल लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर की अहम उपलब्धियां एक साथ उनके विदाई सफर का हिस्सा बन गईं।
भारतीय क्रिकेट में कुछ खिलाड़ी ऐसे होते हैं, जिनकी पहचान सिर्फ उनके बनाए रन नहीं होते, बल्कि मुश्किल वक्त में टीम को संभालने की क्षमता होती है। अजिंक्य रहाणे उन्हीं खिलाड़ियों में शामिल रहे। अब इस शांत स्वभाव वाले बल्लेबाज ने इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। गुरुवार को रहाणे ने इंस्टाग्राम पर एक भावुक वीडियो साझा करते हुए अपने संन्यास का ऐलान किया। इसके साथ ही भारतीय क्रिकेट के एक ऐसे अध्याय का अंत हो गया, जिसने दबाव के बीच नेतृत्व और धैर्य की नई मिसाल पेश की।
वीडियो में भावुक हुए रहाणे, बोले- अब आगे बढ़ने का यही सही समय
संन्यास की घोषणा करते हुए अजिंक्य रहाणे ने कहा कि आज मैं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह रहा हूं। यह फैसला आसान नहीं था, लेकिन मुझे लगता है कि अब आगे बढ़ने का सही समय है। जिंदगी की सच्चाई यही है कि हर चीज की शुरुआत होती है और उसका अंत भी होता है। जब वह समय आता है, तो हमें उसका सम्मान करना चाहिए और आगे बढ़ना चाहिए। मैंने अपनी बल्लेबाजी में हमेशा टाइमिंग पर भरोसा किया है और उसकी अहमियत समझी है। आज मुझे लगता है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने का यही सही समय है। उन्होंने आगे कहा कि भारत की जर्सी पहनना मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान और गर्व रहा। 2011 में टेस्ट कैप नंबर 278 हासिल करने से लेकर देश के लिए हर बार मैदान पर उतरना मेरे लिए एक सपना सच होने जैसा था। हर मैच में मेरी कोशिश सिर्फ एक रही-देश के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देना और टीम को हमेशा खुद से ऊपर रखना।
रहाणे ने अपने संघर्षों को याद करते हुए कहा कि मेरे नाम का मतलब अजिंक्य, यानी अजेय है, लेकिन सच यह है कि मैं अपने करियर में कई बार हारा। उन हारों ने मुझे निराश जरूर किया, लेकिन उन्होंने ही मुझे मजबूत बनाया। हर हार ने मुझे कुछ नया सिखाया और एक बेहतर खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि बेहतर इंसान भी बनाया। जीत ने खुशियां दीं, लेकिन हार ने मुझे आगे बढ़ने का हौसला दिया। उन्होंने बीसीसीआई, अपने सभी कोच, कप्तानों, टीम के साथियों, सपोर्ट स्टाफ, परिवार और करोड़ों क्रिकेट प्रशंसकों का आभार जताते हुए कहा कि आपका भरोसा, प्यार और समर्थन हमेशा मेरी सबसे बड़ी ताकत रहा।
अपने संदेश के अंत में रहाणे ने कहा कि एक भारतीय क्रिकेटर के रूप में मेरा यह अध्याय भले ही समाप्त हो रहा हो, लेकिन क्रिकेट के साथ मेरी यात्रा जारी रहेगी। मैं अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों की मदद करने, इस खेल से सीखे मूल्यों और अनुभवों को साझा करने और उस खेल को कुछ लौटाने के लिए उत्साहित हूं, जिसने मुझे जीवन में सब कुछ दिया। भारतीय टीम के साथ बिताया हर पल, हर जीत, हर चुनौती, हर सीख और हर याद हमेशा मेरे दिल में रहेगी। आप सभी के प्यार, सम्मान और समर्थन के लिए दिल से धन्यवाद।
गाबा के किले को किया था ध्वस्त
अजिंक्य रहाणे के करियर की सबसे यादगार कहानी 2020-21 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर लिखी गई। एडिलेड टेस्ट में भारत महज 36 रन पर ऑलआउट हो गया था और कप्तान विराट कोहली स्वदेश लौट चुके थे। ऐसे मुश्किल दौर में रहाणे ने टीम की कमान संभाली। मेलबर्न टेस्ट में उन्होंने शानदार शतक लगाया, प्लेयर ऑफ द मैच बने और भारत को जीत दिलाकर सीरीज 1-1 से बराबर कराई। इसके बाद उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने गाबा के किले को भी फतह किया। ऑस्ट्रेलिया को उसकी सरजमीं पर 2-1 से हराकर भारत ने 32 साल पुराना अजेय रिकॉर्ड तोड़ दिया। यही उपलब्धि रहाणे के करियर की सबसे बड़ी विरासत मानी जाती है।
2011 में डेब्यू, 2023 में खेला आखिरी टेस्ट
अजिंक्य रहाणे ने 2011 में इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखा। उन्होंने 31 अगस्त 2011 को इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 इंटरनेशनल और 3 सितंबर 2011 को इंग्लैंड के खिलाफ ही वनडे डेब्यू किया। टेस्ट क्रिकेट में उनका पहला मुकाबला 22 मार्च 2013 को दिल्ली में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हुआ। उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट 20 से 24 जुलाई 2023 के बीच वेस्टइंडीज के खिलाफ पोर्ट ऑफ स्पेन में खेला। वनडे में आखिरी मैच 16 फरवरी 2018 को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ और टी-20 इंटरनेशनल में आखिरी मुकाबला 28 अगस्त 2016 को वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला था।
तीनों फॉर्मेट में संभाली कप्तानी
रहाणे ने तीनों इंटरनेशनल फॉर्मेट में भारतीय टीम की कप्तानी भी की। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 6 मैचों में कप्तानी की, जिनमें भारत ने 4 मुकाबले जीते जबकि 2 ड्रॉ रहे। वनडे में उनके नेतृत्व में टीम ने तीनों मैच जीते। वहीं टी-20 इंटरनेशनल में उन्होंने 2 मैचों में कप्तानी की, जिसमें भारत को एक जीत और एक हार मिली।
आईपीएल में भी छोड़ी अपनी पहचान
इंटरनेशनल क्रिकेट से विदाई लेने वाले रहाणे पिछले सीजन कोलकाता नाइट राइडर्स की कप्तानी भी कर चुके हैं। आईपीएल में उन्होंने मुंबई इंडियंस, राजस्थान रॉयल्स, राइजिंग पुणे सुपरजायंट, दिल्ली कैपिटल्स, चेन्नई सुपर किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स जैसी टीमों का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने 212 आईपीएल मैचों में 5,367 रन बनाए। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 125.60 और औसत 30.15 रहा। उनके नाम आईपीएल में 2 शतक और 35 अर्धशतक दर्ज हैं।
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