'मुख्तार का बेटा हूं, खून की आखिरी बूंद तक दूंगा साथ' गाजीपुर में गरजे अब्बास अंसारी, बोले- जो दुनिया में आया है, उसे एक दिन जाना है
गाजीपुर में कारगिल शहीद रामदुलार यादव की पुण्यतिथि पर अब्बास अंसारी ने पिता मुख्तार अंसारी को याद करते हुए बड़ा संदेश दिया। बोले कि मैं मुख्तार अंसारी का बेटा हूं और जरूरत पड़ने पर खून की आखिरी बूंद तक लोगों के मान-सम्मान की रक्षा करूंगा। अपने भाषण में अब्बास ने पिता के संघर्ष, धर्म के नाम पर राजनीति, युवाओं, शहीदों के सम्मान, जमीन और आने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भी खुलकर बात की।
गाजीपुर। मुख्तार अंसारी के निधन के बाद पहली बार अब्बास अंसारी का एक ऐसा बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने अपने पिता की विरासत, परिवार के संघर्ष और आने वाले चुनाव को लेकर खुलकर बात की। मंच से अब्बास ने कहा कि उनके पिता भले ही आज इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उन्हें जानने और उनके संघर्ष को याद रखने वाले लोग आज भी मौजूद हैं। कारगिल शहीद रामदुलार यादव की 27वीं पुण्यतिथि पर शुक्रवार शाम करीब 5 बजे आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए अब्बास अंसारी ने कहा कि मैं मुख्तार अंसारी का बेटा हूं और मेरी रगों में जो लहू है, वह जनता की अमानत है। जहां और जब जरूरत पड़ेगी, वह अपने खून की आखिरी बूंद तक लोगों के मान-सम्मान की रक्षा करेंगे। इस कार्यक्रम का वीडियो शनिवार को सामने आया। अपने भाषण में अब्बास ने पिता मुख्तार अंसारी का जिक्र करने के साथ ही मौजूदा राजनीतिक हालात, धर्म के नाम पर राजनीति, युवाओं, शहीदों के सम्मान, जमीन और आने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भी अपनी बात रखी।
बोले- जो आया है, उसे एक दिन जाना है
अपने पिता मुख्तार अंसारी को याद करते हुए अब्बास ने कहा कि परिस्थितियों ने ऐसी करवट ली कि आज उनके पिता उनके बीच नहीं हैं। लेकिन दुनिया में जो भी आया है, उसे एक दिन जाना ही है। उन्होंने वेद-पुराण और कुरान का जिक्र करते हुए कहा कि जीवन और मृत्यु का जिक्र हर जगह मिलता है, लेकिन दुनिया से जाने वाला व्यक्ति अपने पीछे अपने काम और बहादुरी के किस्से छोड़ जाता है। अब्बास ने कहा कि उनके पिता के संघर्ष और बहादुरी की कहानियां उन्होंने सुनी हैं और उन्हें जानने वाले लोग आज भी मौजूद हैं। इसलिए किसी को यह नहीं सोचना चाहिए कि मुख्तार अंसारी के इस दुनिया से चले जाने के बाद उनके साथ खड़े लोगों को कोई ताकत दबाकर निकल जाएगी।
'मैं मुख्तार अंसारी का बेटा हूं'
अब्बास अंसारी ने अपने भाषण के दौरान कहा कि मैं मुख्तार अंसारी का बेटा हूं और मेरी रगों में वही लहू है। उन्होंने लोगों से कहा कि उनकी रगों में जो भी खून है, वह लोगों की अमानत है और जब जहां जरूरत पड़े, उसे वसूल किया जा सकता है। उन्होंने वादा किया कि हुनर, ताकत और किरदार के मामले में वह किसी से कम नहीं मिलेंगे। उनके कलेजे में भी वही ताकत है और जहां भी लोगों को जरूरत पड़ेगी, वह अपने खून की आखिरी बूंद तक उनके मान-सम्मान की रक्षा करेंगे। अब्बास का यह बयान ऐसे समय आया है, जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां धीरे-धीरे तेज हो रही हैं।
धर्म के नाम पर बांटने की राजनीति पर निशाना
अब्बास अंसारी ने अपने भाषण में धर्म और भगवान के नाम पर होने वाली राजनीति को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि समाज को धर्म के नाम पर बांटने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में जिस भगवान का आशीर्वाद लोगों को मिला, वही भगवान सत्ता में बैठे लोगों को नीचे भी ला सकता है। उन्होंने राममंदिर चंदा चोरी का भी जिक्र किया और कहा कि प्रकृति का नियम है कि जब कोई व्यक्ति या ताकत अपने चरम पर पहुंचती है तो उसका नीचे आना भी तय होता है।
शहीद का सम्मान नहीं करने वालों पर जनता करेगी फैसला
कारगिल शहीद रामदुलार यादव की पुण्यतिथि के मंच से अब्बास ने शहीदों के सम्मान का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि जो लोग शहीदों का सम्मान नहीं करना जानते, उन्हें सत्ता में बने रहने का अधिकार नहीं होना चाहिए। उन्होंने युवाओं के साथ होने वाले व्यवहार का जिक्र करते हुए कहा कि नौजवानों की पीठ पर लाठी चलाने और उनकी छाती पर लात रखने वालों को उत्तर प्रदेश की जनता माफ नहीं करेगी। उन्होंने लोगों से आने वाले चुनाव में सोच-समझकर फैसला लेने की अपील की और कहा कि जाति, धर्म और क्षेत्र के नाम पर वोटों को बांटने की कोशिशों से बचना होगा।
चुनाव के समय मिलने वाले लालच से सावधान रहने की अपील
अब्बास अंसारी ने कहा कि चुनाव आते ही लोगों को अलग-अलग तरह के फायदे और लालच देकर प्रभावित करने की कोशिश की जाती है। किसी को कर्ज दिलाने, किसी की गाड़ी में तेल भरवाने या दूसरी तरह की मदद का भरोसा देकर लोगों को आपस में लड़ाया जाता है। उन्होंने कहा कि जनता को यह समझना होगा कि कौन उनके हित में खड़ा है और कौन सिर्फ चुनाव के समय उनके बीच पहुंचता है। अब्बास ने लोगों से असली और नकली चेहरे की पहचान करने की अपील करते हुए कहा कि किसी के बहकावे में आकर समाज को आपस में नहीं लड़ना चाहिए।
जमीन और गांव को लेकर भी जताई चिंता
अब्बास अंसारी ने सरकार की आर्थिक नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उद्योगपतियों और पूंजीपतियों के हित में फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने आशंका जताई कि अगर लोग अपने अधिकारों और जमीन को लेकर जागरूक नहीं रहे तो उन्हें पता भी नहीं चलेगा कि उनके गांव की जमीन किसके नाम चली गई। उन्होंने कहा कि गांवों की बंजर जमीन पर बड़े प्रोजेक्ट या गोदाम बनाए जा सकते हैं। ऐसे में लोगों को अपनी जमीन, अधिकार और गांव के भविष्य को लेकर सजग रहना होगा।
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