माफिया अतीक अहमद और अशरफ की कुर्क जमीन पर हो रहा अवैध कब्जा, 3 बिल्डरों पर दर्ज हुई FIR, पुलिस ने फिर से चलवाया बुलडोजर
प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद के भाई अशरफ की गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क जमीन पर कब्जा कर प्लाटिंग करने का आरोप सामने आया है। प्रशासन को जानकारी मिलने पर 22 अगस्त को बुलडोजर चलाकर अवैध प्लाटिंग ध्वस्त की गई। अब तीन बिल्डरों के खिलाफ FIR दर्ज हुई है। सवाल यह है कि थाना प्रभारी के कस्टोडियन रहते कुर्क जमीन पर कब्जा और प्लाटिंग कैसे हो गई।
माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की संपत्तियों पर कार्रवाई के बाद भी प्रयागराज में उनकी कुर्क जमीन को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। एयरपोर्ट थाना क्षेत्र में अशरफ की गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क की गई जमीन पर कब्जा कर अवैध प्लाटिंग करने और जमीन बेचने का आरोप लगा है। मामले की जानकारी प्रशासन को मिलने के बाद कार्रवाई की गई। 22 अगस्त को अवैध निर्माण और प्लाटिंग पर बुलडोजर चलाया गया। इसके बाद लेखपाल की तहरीर पर तीन बिल्डरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों के नाम मोहम्मद मुस्लिम, मोहम्मद नसरत और मोहम्मद आफताब अहमद बताए गए हैं। एफआईआर दर्ज होने के बाद अब इस पूरे मामले ने प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस जमीन को गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क किया गया था और जिसकी निगरानी की जिम्मेदारी संबंधित थाना प्रभारी के पास थी, उस जमीन पर कथित तौर पर कब्जा और प्लाटिंग कैसे हो गई।
अशरफ की कुर्क जमीन पर कब्जे और प्लाटिंग का आरोप
एफआईआर के अनुसार, एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के शाहा उर्फ पीपल गांव में स्थित आराजी संख्या 1115 की जमीन को लेकर यह मामला सामने आया है। जमीन का कुल रकबा 0.4680 बताया गया है। यह जमीन माफिया अतीक अहमद के भाई अशरफ की बताई जा रही है, जिसे गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क किया गया था। कुर्की के बाद संबंधित थाना प्रभारी को इस संपत्ति का कस्टोडियन बनाया गया था। आरोप है कि इसके बावजूद तीन बिल्डरों ने जमीन पर कब्जा कर लिया और वहां प्लाटिंग शुरू कर दी। आरोप यह भी है कि प्लॉट तैयार कर उन्हें बेचने का काम किया गया।
22 अगस्त को प्रशासन ने चलाया बुलडोजर
जमीन पर कब्जे और अवैध प्लाटिंग की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन हरकत में आया। 22 अगस्त को एसडीएम सदर की मौजूदगी में मौके पर कार्रवाई की गई। प्रशासनिक टीम ने बुलडोजर चलाकर अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त कर दिया। इसके बाद सोमवार को लेखपाल मनीष कुमार की ओर से एयरपोर्ट थाने में तहरीर दी गई। पुलिस ने मोहम्मद मुस्लिम, मोहम्मद नसरत और मोहम्मद आफताब अहमद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। आरोपियों को अतीक अहमद का फाइनेंसर भी बताया जा रहा है।
कुर्क जमीन पर कब्जा कैसे हुआ ?
इस कार्रवाई के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क की गई जमीन पर कब्जा आखिर कैसे हो गया। कुर्क संपत्ति की निगरानी और संरक्षण की जिम्मेदारी प्रशासन की होती है। इस मामले में संबंधित थाना प्रभारी को जमीन का कस्टोडियन बनाया गया था। इसके बावजूद जमीन पर कथित तौर पर कब्जा किया गया, प्लाटिंग हुई और जमीन बेचने तक के आरोप सामने आए। अब सवाल यह है कि यह सब प्रशासन और पुलिस की जानकारी के बिना हुआ या फिर निगरानी में किसी स्तर पर लापरवाही हुई। मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कुर्क जमीन पर कब्जा और कथित अवैध प्लाटिंग किस तरह हुई और इसके लिए किसकी जिम्मेदारी तय की जाएगी।
अतीक और अशरफ की हत्या के बाद कुर्क हुई थीं संपत्तियां
माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज थे। उमेश पाल हत्याकांड में अतीक अहमद को मुख्य आरोपियों में शामिल किया गया था। 15 अप्रैल 2023 को प्रयागराज में मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाते समय अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद अतीक और उसके परिवार से जुड़ी कई संपत्तियों पर प्रशासन की कार्रवाई हुई। गैंगस्टर एक्ट के तहत संपत्तियों को कुर्क किया गया था। अब अशरफ की कुर्क जमीन पर कब्जे और प्लाटिंग का मामला सामने आने के बाद एक बार फिर अतीक से जुड़ी संपत्तियां चर्चा में हैं। फिलहाल प्रशासन ने अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त कर दिया है और तीन बिल्डरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। अब जांच में यह पता लगाया जाएगा कि कुर्क की गई जमीन पर कथित कब्जा कैसे हुआ और इस पूरे मामले में किसकी भूमिका रही।
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