स्वास्थ्य विभाग में बजट आवंटन में मनमानी, बीजेपी नेता ने की सीएम योगी से शिकायत, जांच के दिए गए आदेश
उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में करोड़ों रुपए के बजट आवंटन को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। भाजपा नेता संदीप राय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर बजट आवंटन में कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय EOW जांच की मांग की है। शिकायत में अधिकारियों पर नियमों को दरकिनार कर बजट आवंटित करने और ठेकेदारों से 10 से 15 प्रतिशत कमीशन लेने के आरोप लगाए गए हैं।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में करोड़ों रुपए के बजट आवंटन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। भाजपा जिला कार्यसमिति सदस्य और जिला संयोजक (मीडिया सेल) संदीप राय ने बजट आवंटन में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। शिकायत पर मुख्यमंत्री ने अपर मुख्य सचिव, गृह को जांच के आदेश दिए हैं।
अलग-अलग समय पर बजट बांटने का आरोप
मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में संदीप राय ने आरोप लगाया है कि स्वास्थ्य विभाग में CMO और CMS को सामान्य बजट आवंटित करने की जो पूर्व निर्धारित व्यवस्था थी, उसमें बदलाव किया गया। शिकायत के मुताबिक, पहले प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (CMO) और मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों (CMS) को सामान्य बजट एक साथ आवंटित किया जाता था। आरोप है कि बाद में इस व्यवस्था को बदलकर अलग-अलग समय पर बजट आवंटित किया जाने लगा।
तीन अधिकारियों पर उठाए सवाल
भाजपा नेता ने अपनी शिकायत में वित्त नियंत्रक (FC) दीपक सिंह, महानिदेशक (DG) डॉ. पवन कुमार अरुण और वरिष्ठ लेखा अधिकारी दिनेश कुमार वर्मा की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बजट आवंटन की प्रक्रिया में बदलाव का कोई स्पष्ट और ठोस कारण नहीं बताया गया। इससे पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं और कुछ अधिकारियों को अनुचित लाभ पहुंचाए जाने की आशंका पैदा होती है।
100 करोड़ के करीब की धनराशि पर उठे सवाल
शिकायत में स्वास्थ्य विभाग के अलग-अलग मदों में आवंटित करोड़ों रुपए की धनराशि का भी उल्लेख किया गया है। इसके मुताबिक-
- मद-39 में CMO के लिए: 23 करोड़ 18 लाख 71 हजार रुपए
- अन्य मदों में CMO के लिए: 25 करोड़ 15 लाख 47 हजार रुपए
- CMS के लिए: 30 करोड़ 46 लाख 86 हजार रुपए
- CMS के अतिरिक्त मद में: 20 करोड़ 55 लाख 57 हजार रुपए
इन सभी आवंटनों को लेकर शिकायतकर्ता ने प्रक्रिया और नियमों के पालन की जांच कराने की मांग की है।
चहेते ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने का भी आरोप
मामला सिर्फ बजट आवंटन तक सीमित नहीं है। भाजपा नेता ने आरोप लगाया है कि कुछ अधिकारी अपने चहेते ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए कथित तौर पर मनमाने तरीके से बजट आवंटित कर रहे हैं। शिकायत में ठेकेदारों से 10 से 15 प्रतिशत तक कमीशन लिए जाने का गंभीर आरोप भी लगाया गया है। हालांकि, इन आरोपों की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
EOW से जांच कराने की मांग
संदीप राय ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि पूरे मामले की आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (EOW) से स्वतंत्र और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। उनका कहना है कि जांच में यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
जांच में खुलेगा बजट आवंटन का राज
शिकायत पर मुख्यमंत्री की ओर से अपर मुख्य सचिव गृह को जांच के आदेश दिए जाने के बाद अब इस मामले में शासन की कार्रवाई पर नजर है। जांच में यह स्पष्ट होगा कि स्वास्थ्य विभाग में बजट आवंटन की प्रक्रिया में वास्तव में नियमों का उल्लंघन हुआ या नहीं और कमीशन से जुड़े आरोपों में कितनी सच्चाई है।
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