बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी के PA हत्याकांड की जांच यूपी तक पहुंची, बंगाल पुलिस ने संभल-बदायूं में की पूछताछ
भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के सहायक चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की जांच के सिलसिले में पश्चिम बंगाल पुलिस उत्तर प्रदेश पहुंची। पुलिस ने संभल और बदायूं में एक और बाइक बरामद की और संदिग्धों से पूछताछ की।
पश्चिम बंगाल में बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सचिव (PA) चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में जांच लगातार तेज होती जा रही है। इस हाईप्रोफाइल हत्याकांड में अब जांच की दिशा उत्तर प्रदेश की ओर मुड़ गई है। बंगाल पुलिस की टीम ने शुक्रवार को यूपी के बदायूं और संभल जिलों में पहुंचकर संदिग्ध मोबाइल नंबरों के आधार पर दो युवकों से लंबी पूछताछ की। वहीं पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई दूसरी मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है। इस मामले में अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं। जांच एजेंसियां अब इस हत्याकांड के पीछे शामिल प्रोफेशनल शूटर और संभावित साजिशकर्ताओं तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।
मोबाइल नंबरों से यूपी तक पहुंची जांच
सूत्रों के अनुसार बंगाल पुलिस की सर्विलांस टीम ने जांच के दौरान कुछ संदिग्ध मोबाइल नंबर ट्रेस किए थे। इनमें एक नंबर संभल जिले के गुन्नौर क्षेत्र से जुड़ा मिला। पहले गुन्नौर बदायूं जिले का हिस्सा था, इसलिए बंगाल पुलिस की टीम शुरुआत में बदायूं पहुंच गई। बाद में स्थानीय पुलिस की मदद से टीम संभल पहुंची और वहां संदिग्ध सिम कार्ड धारकों से पूछताछ की। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि हत्या को जिस तरीके से अंजाम दिया गया, उससे यह किसी पेशेवर शूटर का काम लगता है। इसी वजह से यूपी कनेक्शन की गहराई से जांच की जा रही है।
हत्या में इस्तेमाल दूसरी बाइक बरामद
जांच के दौरान पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई दूसरी बाइक भी बरामद कर ली है। यह बाइक उत्तर 24 परगना जिले के बारासात इलाके के रेल गेट नंबर-11 के पास मिली। यह स्थान मध्यमग्राम से करीब 6 किलोमीटर दूर है, जहां बुधवार को चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या की गई थी। इससे पहले पुलिस ने कोलकाता एयरपोर्ट इलाके से भी एक बाइक बरामद की थी, लेकिन उसकी नंबर प्लेट फर्जी निकली। अब पुलिस दूसरी बाइक के इंजन और नंबर प्लेट की जांच कर रही है।
चारपहिया वाहन और व्हाट्सएप ग्रुप की जांच
पुलिस को जांच में एक लाल रंग की संदिग्ध कार का भी सुराग मिला है। बताया जा रहा है कि इस वाहन में सात से आठ लोग सवार थे और गाड़ी पश्चिम बंगाल के बाहर पंजीकृत है। साथ ही जांच एजेंसियों को कुछ डिजिटल सबूत भी मिले हैं। पुलिस को शक है कि आरोपियों ने हत्या की योजना बनाने और मूवमेंट तय करने के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया था। SIT अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस हत्याकांड के पीछे असली साजिशकर्ता कौन है और सुपारी किलर को किसने तैयार किया।
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