लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी, संसद में हंगामे से ठप हुई कार्यवाही
लगातार हो रहे व्यवधानों और राहुल गांधी को बोलने की अनुमति देने की मांग के बीच विपक्षी दल लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने पर विचार कर रहे हैं।
संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा में लगातार हंगामे के बीच एक बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया है। न्यूज एजेंसी IANS ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि विपक्ष लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला सकता है। इस प्रस्ताव को पेश करने के लिए नियमों के तहत कम से कम 50 सांसदों का समर्थन जरूरी होता है और इसके लिए सदन में 14 दिन पहले लिखित नोटिस देना होता है। वहीं, विपक्ष राहुल गांधी को बोलने देने की मांग को लेकर लगातार हंगामा कर रहा है, जिसके चलते लोकसभा की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी है।
अविश्वास प्रस्ताव लाने की चर्चा तेज
सूत्रों के अनुसार, विपक्षी दल लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने पर विचार कर रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि सदन की कार्यवाही निष्पक्ष तरीके से नहीं चलाई जा रही है। हालांकि, अभी तक इस संबंध में आधिकारिक रूप से कोई नोटिस नहीं दिया गया है। नियमों के मुताबिक, अविश्वास प्रस्ताव लाने से पहले सांसदों को लिखित नोटिस देना होता है और पर्याप्त संख्या में समर्थन जुटाना अनिवार्य है।
बजट सत्र के 9वें दिन हंगामा
बजट सत्र के नौवें दिन सोमवार को लोकसभा की शुरुआत हंगामे के साथ हुई। विपक्षी सांसद राहुल गांधी को बोलने देने की मांग पर अड़े रहे। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि प्रश्नकाल के बाद राहुल गांधी अपनी बात रख सकते हैं। इसके बावजूद विपक्षी सांसद शांत नहीं हुए और लगातार नारेबाजी करते रहे।
कार्यवाही बार-बार स्थगित
हंगामे के चलते पहले लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित की गई। जब दोपहर 2 बजे सदन फिर शुरू हुआ, तो विपक्षी सांसदों ने एक बार फिर राहुल गांधी को पहले बोलने देने की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
राहुल गांधी और स्पीकर के बीच संवाद
कार्यवाही के दौरान राहुल गांधी ने स्पीकर से सवाल किया कि क्या उन्हें उन मुद्दों पर बोलने की अनुमति नहीं दी जाएगी, जिनकी जानकारी पहले दी गई है। इस पर स्पीकर ने कहा कि अगर राहुल गांधी बजट पर बोलना चाहते हैं तो उन्हें अनुमति है, लेकिन किसी अन्य विषय पर बोलने के लिए कोई नोटिस नहीं दिया गया है।
किरन रिजिजू का बयान
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि वह खुद स्पीकर के केबिन में मौजूद थे। वहां यह चर्चा हुई थी कि अगर स्पीकर पर आरोप लगाए जाएंगे तो स्पीकर भी जवाब देंगे। दोनों पक्षों के बीच संसद को सुचारू रूप से चलाने को लेकर बातचीत हुई थी, लेकिन किसी एक खास मुद्दे पर चर्चा तय नहीं हुई थी।
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