हिंदी मीडियम की टॉपर IAS बनी दुल्हन, LBSNAA में शुरू हुई प्रेम कहानी, ट्रेनी अफसर से शादी
आईएएस अधिकारी कृतिका मिश्रा और अंकुर त्रिपाठी ने भव्य समारोह में शादी कर ली। यूपीएससी प्रशिक्षण से लेकर शादी तक का उनका सफर लाखों उम्मीदवारों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
Uttar Pradesh News: यूपीएससी के पाठ्यक्रम में भले ही प्रेम के लिए अलग अध्याय न हो, लेकिन मेहनत, धैर्य और समर्पण जब साथ आते हैं, तो सफलता अपनी कहानी खुद लिख देती है। कानपुर की गलियों से निकलकर प्रशासनिक सेवा तक पहुंचीं आईएएस कृतिका मिश्रा और अमेठी के कचनाव गांव से आए आईएएस अंकुर त्रिपाठी की शादी इसी जज़्बे की मिसाल बन गई है। दोनों की वेडिंग तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हैं और लाखों अभ्यर्थियों के लिए यह शादी केवल निजी समारोह नहीं, बल्कि संघर्ष की जीत का उत्सव बन गई है।
लखनऊ में सगाई, सनातन झलक के साथ विवाह
आईएएस कृतिका मिश्रा और आईएएस अंकुर त्रिपाठी की सगाई 30 नवंबर 2025 को लखनऊ में हुई थी। इसके बाद दोनों का विवाह कानपुर में संपन्न हुआ। समारोह स्थल पर सनातन परंपरा की झलक साफ दिखी। एंट्री गेट पर भगवान श्रीराम और हनुमानजी के कटआउट लगाए गए थे। मंडप के पास भगवान जगन्नाथ की तस्वीर थी और भीतर भगवान श्रीराम और माता सीता की बड़ी तस्वीरें सजी थीं।
प्रशासनिक गलियारों में पावर कपल की चर्चा
इस शादी ने उत्तर प्रदेश और बिहार के प्रशासनिक हलकों में खास चर्चा बटोरी। कृतिका मिश्रा फिलहाल बिहार कैडर में पटना सदर की एसडीओ/एसडीएम हैं। वहीं अंकुर त्रिपाठी ट्रेनी आईएएस हैं। दोनों की मुलाकात मसूरी स्थित एलबीएसएनएए में ट्रेनिंग के दौरान हुई थी। नियमों के अनुसार, शादी के बाद दोनों में से कोई भी कैडर ट्रांसफर के लिए आवेदन कर सकता है।
कृतिका मिश्रा की शैक्षिक यात्रा
आईएएस कृतिका मिश्रा उत्तर प्रदेश के कानपुर की रहने वाली हैं। उनके पिता दिवाकर मिश्रा कानपुर में लेक्चरर हैं और मां सुषमा मिश्रा एलआईसी से जुड़ा कार्य करती हैं। कृतिका ने कानपुर विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में मास्टर्स किया। उन्होंने यूपीएससी परीक्षा दूसरे प्रयास में 66वीं रैंक के साथ पास की। यूपीएससी 2022 में वह हिंदी माध्यम की टॉपर रहीं और 2023 में बिहार कैडर की आईएएस बनीं।
अंकुर त्रिपाठी का संघर्ष और सफलता
ट्रेनी आईएएस अंकुर त्रिपाठी का जन्म अमेठी के जगदीशपुर स्थित कचनाव गांव में हुआ। उनके पिता सुरेंद्र नारायण त्रिपाठी किसान हैं और मां सरोज त्रिपाठी गृहिणी। अंकुर ने गोरखपुर की मदन मोहन मालवीय यूनिवर्सिटी से बीटेक किया। यूपीएससी 2022 में उन्होंने आईपीएस के लिए चयन पाया। 2024 में 50वीं रैंक हासिल कर आईएएस बने।
महाकुंभ में मजबूत हुआ रिश्ता, भव्य समारोह
दोनों का रिश्ता एलबीएसएनएए में शुरू हुआ और प्रयागराज के महाकुंभ के दौरान प्रशासनिक ड्यूटी के बीच और गहरा हुआ। विवाह समारोह में RSS के सह सरकार्यवाह कृष्ण गोपाल सहित संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी, यूपी के डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा, 50 से अधिक IAS-IPS अधिकारी, कई मंत्री और विधायक शामिल हुए। यह शादी मेहनत और विश्वास की जीत के रूप में याद की जा रही है।
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