आकाश आनंद के ससुर पर मायावती का सबसे बड़ा एक्शन, दूसरी बार दिखाया पार्टी से बाहर का रास्ता, कहा- अब कभी वापसी नहीं होगी

2027 की तैयारियों के बीच बसपा में बड़ा फैसला सामने आया है। मायावती ने भतीजे आकाश आनंद के ससुर और वरिष्ठ नेता डॉ. अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। मायावती ने कहा कि बार-बार चेतावनी के बावजूद उनके रवैये में सुधार नहीं आया और अब उन्हें भविष्य में कभी पार्टी में वापस नहीं लिया जाएगा।

Aug 2, 2026 - 11:56
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आकाश आनंद के ससुर पर मायावती का सबसे बड़ा एक्शन, दूसरी बार दिखाया पार्टी से बाहर का रास्ता, कहा- अब कभी वापसी नहीं होगी

बसपा सुप्रीमो मायावती ने संगठन में अनुशासन को लेकर एक बार फिर बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने अपने भतीजे आकाश आनंद के ससुर और पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. अशोक सिद्धार्थ को बसपा से निष्कासित कर दिया है। मायावती ने साफ शब्दों में कहा है कि उन्हें भविष्य में किसी भी परिस्थिति में पार्टी में वापस नहीं लिया जाएगा। इसी कार्रवाई के तहत पार्टी के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर रणधीर सिंह बेनीवाल को भी बसपा से बाहर कर दिया गया है। यह फैसला ऐसे समय आया है, जब पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी हुई है और संगठन को लेकर लगातार फैसले लिए जा रहे हैं।

जिम्मेदारियां छीनीं, दिखाया पार्टी से बाहर का रास्ता
दरअसल, शनिवार को मायावती ने डॉ. अशोक सिद्धार्थ से उनके सभी संगठनात्मक प्रभार वापस ले लिए थे। उनके पास तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, गुजरात, छत्तीसगढ़ और दिल्ली जैसे राज्यों की जिम्मेदारी थी। इसके बाद यह चर्चा शुरू हो गई कि उन्हें उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई जिम्मेदारी दी जा सकती है। लेकिन रविवार को मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बयान जारी कर इन अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि बार-बार चेतावनी देने के बावजूद अशोक सिद्धार्थ के व्यवहार में कोई सुधार नहीं आया। जिम्मेदारियां हटाए जाने के बाद भी यूपी में नई भूमिका मिलने जैसी खबरें फैलाकर कार्यकर्ताओं के बीच भ्रम पैदा करने की कोशिश की गई। इसी वजह से उन्हें पार्टी से हमेशा के लिए निष्कासित किया गया है।

डेढ़ साल में दूसरी बार कार्रवाई
यह पहली बार नहीं है जब अशोक सिद्धार्थ पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हुई हो। इससे पहले 12 फरवरी 2025 को मायावती ने उन्हें संगठन में गुटबाजी और अनुशासनहीनता के आरोप में पार्टी से निकाल दिया था। हालांकि, करीब छह महीने बाद सितंबर 2025 में उन्हें दोबारा पार्टी में शामिल कर लिया गया था। इसके बाद उनकी संगठन में वापसी हुई और फरवरी 2026 में उन्हें राष्ट्रीय पदाधिकारियों की सूची में सबसे ऊपर स्थान भी मिला। लेकिन इस बार मायावती ने साफ कर दिया है कि अब उनकी बसपा में कभी वापसी नहीं होगी।

रणधीर सिंह बेनीवाल पर भी गिरी गाज
अशोक सिद्धार्थ के साथ-साथ बसपा ने राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर रणधीर सिंह बेनीवाल को भी पार्टी से बाहर कर दिया है। बेनीवाल मूल रूप से सहारनपुर के रहने वाले हैं और 1990 से बसपा से जुड़े हुए थे। मार्च 2025 में उन्हें राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर बनाया गया था। हाल के दिनों में उनके जिम्मेदारियों में कई बार बदलाव हुआ, लेकिन अब उन्हें भी संगठन से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।

रामजी गौतम को मिली बड़ी जिम्मेदारी
संगठन में बदलाव के बीच मायावती ने राज्यसभा सांसद रामजी गौतम को फिर से पंजाब का प्रभारी नियुक्त किया है। वे आगामी पंजाब विधानसभा और लोकसभा चुनाव तक इस जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगे। इसके अलावा मध्य प्रदेश के प्रभारी राजाराम को दिल्ली, केरल, गुजरात और कर्नाटक का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।

यूपी के नेताओं के लिए भी बनाया नया नियम
इस पूरे घटनाक्रम के बीच मायावती ने संगठनात्मक व्यवस्था को लेकर एक नया निर्देश भी जारी किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश के रहने वाले वे पदाधिकारी या कोऑर्डिनेटर, जिन्हें दूसरे राज्यों की जिम्मेदारी दी गई है, उन्हें उत्तर प्रदेश में कोई अतिरिक्त संगठनात्मक जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। साथ ही उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे ऐसे लोगों से सतर्क रहें जो संगठन में भ्रम या साजिश फैलाने की कोशिश कर रहे हैं और बसपा की पूर्ण बहुमत सरकार बनाने के अभियान को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं।

31 जुलाई को उम्मीदवारों को लेकर दिया था संदेश
इस कार्रवाई से कुछ दिन पहले, 31 जुलाई को मायावती ने टिकट वितरण और संगठन को लेकर भी अपना रुख स्पष्ट किया था। उन्होंने कहा था कि बसपा में उम्मीदवार तय करने का अधिकार सिर्फ उन्हीं के पास है। आकाश आनंद या अन्य नेता केवल उनके निर्देश पर कार्यकर्ता सम्मेलनों में उम्मीदवारों के नाम घोषित करते हैं। इसी क्रम में उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि आकाश आनंद देशभर में संगठनात्मक बैठकें करेंगे, लेकिन हर गतिविधि की जानकारी उन्हें देनी होगी। उत्तर प्रदेश में किसी भी दौरे या कार्यक्रम से पहले आकाश आनंद और संबंधित पदाधिकारियों को उनकी अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

सरकारी नौकरी छोड़ राजनीति में आए थे अशोक सिद्धार्थ
5 जनवरी 1965 को जन्मे डॉ. अशोक सिद्धार्थ पेशे से डॉक्टर हैं। उन्होंने नेत्र रोग में डिप्लोमा किया और सरकारी सेवा के दौरान बामसेफ से जुड़े रहे। वर्ष 2007 में सरकारी नौकरी से इस्तीफा देकर बसपा में शामिल हुए। वे 2009 और 2016 में एमएलसी रहे, 2016 में राज्यसभा पहुंचे और 2022 तक सांसद रहे। पार्टी में राष्ट्रीय सचिव, कानपुर-आगरा जोनल कोऑर्डिनेटर और दक्षिण भारत के कई राज्यों के प्रभारी जैसी अहम जिम्मेदारियां भी संभाल चुके हैं।

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Sushant Pratap Singh Sushant Pratap Singh is an Indian content creator, video producer, and media professional known for creating political explainer videos, digital journalism content, and social media campaigns. He has worked with UP News Network and specializes in video production, content writing, and social media management. Sushant Pratap Singh began his media career as a content creator and video producer associated with UP News Network. During his professional journey, he worked on political and social explainer content, digital journalism, and social media engagement. He has experience in producing and editing news videos, writing articles for digital platforms, and managing online audience engagement through social media strategies. His work also includes anchoring, on-camera presentation, and graphic design for digital media content. Skills-: Content Writing and Article Writing | Social Media Management | Anchoring and Presentation | Video Editing using Adobe Premiere Pro | Video Production | Graphic Design using Canva | Political and Social Explainer Content