'100 चूहे खाकर बिल्ली हज को चली' सदन शुरू होते ही चढ़ावा विवाद को लेकर मचा हंगामा, सपा वेल में उतरी, मथुरा-काशी तक पहुंची बहस
राम मंदिर के कथित चढ़ावा चोरी मामले ने यूपी विधानमंडल के मानसून सत्र के पहले दिन राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया। सदन में 100 चूहे खाकर बिल्ली हज को चली से लेकर चंदा चोर, गद्दी छोड़ तक के नारे गूंजे। केशव मौर्य ने मथुरा-काशी का भी जिक्र किया, तो सपा ने सरकार पर गंभीर सवाल उठाए।
उत्तर प्रदेश विधानमंडल के मानसून सत्र का पहला दिन राम मंदिर के कथित चढ़ावा चोरी मामले की गूंज के नाम रहा। विधानसभा से लेकर विधान परिषद तक विपक्ष ने सरकार को घेरने की कोशिश की, जबकि सत्ता पक्ष ने पलटवार करते हुए इसे राजनीतिक अवसरवाद बताया। नतीजा यह रहा कि सदन में तीखी नारेबाजी हुई, सदस्य वेल तक पहुंच गए और बहस अयोध्या से निकलकर मथुरा-काशी तक जा पहुंची। सबसे ज्यादा चर्चा डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के उस बयान की रही, जिसमें उन्होंने कहा कि सौ चूहे खाकर बिल्ली हज करने को चली। इस बयान के बाद समाजवादी पार्टी के सदस्य भड़क गए और सदन में जोरदार हंगामा शुरू हो गया।
बयान से गरमाया माहौल, सपा सदस्य वेल में पहुंचे
विधान परिषद में राम मंदिर के कथित चढ़ावा चोरी का मुद्दा उठाते हुए सपा ने सरकार पर निष्पक्ष जांच न कराने का आरोप लगाया। बहस के दौरान केशव मौर्य ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि सूप बोले तो बोले, छलनी भी बोले, जिसमें बहत्तर छेद। उन्होंने कहा कि रामलला जन्मभूमि पर 500 साल बाद मंदिर का निर्माण हुआ। अनेक लड़ाइयां लड़ी गईं, जिसका परिणाम आज की पीढ़ी देख रही है और हजारों साल तक देखती रहेगी। सपा के लोग बाबर से रिश्तेदारी जोड़ते थे। 1990 में इन्हीं लोगों ने राम भक्तों की हत्या कराई थी। इस बयान के बाद सपा सदस्य अपनी सीट छोड़कर वेल में पहुंच गए और चंदा चोर, गद्दी छोड़ के नारे लगाने लगे।
केशव का दूसरा हमला, सपा का पलटवार
हंगामे के बीच केशव मौर्य ने कहा कि सौ चूहे खाकर बिल्ली हज करने को चली। अयोध्या में भव्य मंदिर देखकर इनकी छाती फट रही है। मथुरा और काशी में भी मंदिर बनकर रहेगा। ऐसे चिल्ला रहे हैं, जैसे इनका दिया हुआ पैसा चोरी हो गया हो। एक रुपया दिया नहीं और चढ़ावा चोरी की बात कर रहे हैं। इतनी बेशर्मी। इस पर सपा सदस्यों ने जवाब देते हुए कहा कि आप चढ़ावा चोरी करके हज को चले। सदन में सत्ता पक्ष की ओर से जय श्रीराम के नारे लगाए गए, जबकि विपक्ष लगातार सरकार के खिलाफ नारेबाजी करता रहा। सभापति दोनों पक्षों से शांत रहने की अपील करते रहे, लेकिन काफी देर तक हंगामा जारी रहा।
विधानसभा के बाहर भी विरोध प्रदर्शन
सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के विधायकों ने विधानसभा परिसर के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी अपने साथ दानपेटी लेकर पहुंचे, जिसमें चिल्लर डाली गई थी। विपक्षी विधायकों के हाथों में पोस्टर थे, जिन पर नीट है या चीट है और राम के नाम पर लूट है जैसे नारे लिखे थे। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, आरंभ ही प्रचंड है।
सीएम योगी का जवाब
सत्र शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों के समय किसानों के हितों पर कुठाराघात हुआ, आज वही लोग किसानों की बात कर रहे हैं। उनका दोहरा चरित्र देखिए। इन लोगों ने राम भक्तों पर गोलियां चलवाई थीं। आज राम मंदिर की बात कर रहे हैं। जनता इन्हें देख रही है।
सपा ने लगाए गंभीर आरोप
विधान परिषद में सपा एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने कहा कि राम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट के एक सदस्य की शिकायत पर आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है, लेकिन शिकायत में मुख्य आरोपियों के नाम शामिल नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर की आय-व्यय और प्रशासनिक जिम्मेदारी संभालने वाले लोगों को बचाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि CCTV फुटेज डिलीट कराई गई, ताकि घटना छिपाई जा सके। उन्होंने सरकार से समयबद्ध, पारदर्शी और निष्पक्ष जांच की मांग की। सपा एमएलसी मुकुल यादव ने कहा कि राम राज्य में न ताले लगाए गए, न चोरी की कल्पना की गई। श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाया गया चढ़ावा चोरी हो गया और कार्रवाई केवल छोटे लोगों पर हुई है।
लाल बिहारी यादव ने ट्रस्ट पर उठाए सवाल
सपा विधायक लाल बिहारी यादव ने कहा कि अयोध्या राम मंदिर का मामला करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर ट्रस्ट में आरएसएस और बीजेपी से जुड़े लोगों का वर्चस्व है और ट्रस्ट के गठन से ही भ्रष्टाचार व अनियमितताओं के आरोप लगते रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आरएसएस के लोगों ने सीता को दूर कर दिया।
विवेकाधीन कोष पर भी हुई बहस
राम मंदिर विवाद के बीच विधान परिषद में विवेकाधीन कोष से इलाज के लिए आर्थिक सहायता देने में कथित भेदभाव का मुद्दा भी उठा। नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव ने आरोप लगाया कि पार्टी देखकर मदद दी जा रही है। इस पर सभापति ने कहा कि विवेकाधीन कोष मुख्यमंत्री के विवेक पर आधारित होता है। जवाब में केशव मौर्य ने कहा कि इस सरकार में कोई भेदभाव नहीं होता। सभी को जांच और रिपोर्ट के आधार पर समान रूप से पैसा दिया जाता है। अगर कोई मामला है तो उसकी जानकारी दीजिए, सत्र समाप्त होने से पहले जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई कराऊंगा।
शोक प्रस्ताव के बाद स्थगित हुई विधानसभा
विधानसभा की कार्यवाही की शुरुआत समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ विधायक आलमबदी के निधन पर शोक प्रस्ताव से हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय सहित सभी दलों के नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की और दो मिनट का मौन रखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश ने एक कुशल राजनीतिज्ञ और समाजसेवी खो दिया। इसके बाद विधानसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।
आगे क्या होगा?
मानसून सत्र 6 अगस्त तक चलेगा। मंगलवार को प्रश्नकाल के बाद वित्त मंत्री सुरेश खन्ना वित्तीय वर्ष 2026-27 का अनुपूरक बजट पेश करेंगे। इसके अलावा नौ अध्यादेश पारित होने की संभावना है और संभल दंगों की जांच के लिए गठित न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट भी सदन में पेश की जा सकती है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0
