लखनऊ में थार से लिफ्ट देकर ट्रक चालक का अपहरण और लूट, 7 बदमाश गिरफ्तार
लखनऊ पुलिस ने थार एसयूवी में लिफ्ट देने का लालच देकर यात्रियों का अपहरण और लूटपाट करने वाले 7 अपराधियों को गिरफ्तार किया है। नकदी, हथियार और वाहन बरामद किए गए हैं।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पुलिस ने लिफ्ट देने के बहाने अपहरण और लूटपाट करने वाले एक संगठित गिरोह का खुलासा किया है। कानपुर रोड स्थित हाइडिल इलाके से ट्रक चालक को थार गाड़ी में बैठाकर अगवा करने और लूटपाट के मामले में पुलिस ने 7 बदमाशों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पीड़ित को बंधक बनाकर उसके साथ मारपीट की और बाद में सैरपुर इलाके के खेत में फेंक दिया था। पुलिस ने आरोपियों के पास से नकदी, मोबाइल फोन, हथियार और वारदात में इस्तेमाल की गई थार बरामद की है। इस कार्रवाई से लखनऊ और आसपास के इलाकों में सक्रिय इस गिरोह की कई वारदातों का खुलासा हुआ है।
ट्रक चालक को 100 रुपये में छोड़ने का झांसा
कानपुर के घाटमपुर निवासी हृदय नारायण एक ट्रक चालक हैं। 31 जनवरी को वह अमौसी स्थित एलपीजी गैस प्लांट से ट्रक लेकर कानपुर जा रहे थे। हाइडिल इलाके में सवारी का इंतजार करते समय काली थार में सवार बदमाशों ने उन्हें 100 रुपये में कानपुर छोड़ने का लालच दिया। गाड़ी में बैठते ही बदमाशों ने उनका अपहरण कर लिया। उनके हाथ-पैर बांध दिए गए और 60 हजार रुपये लूट लिए गए। विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई और बाद में सैरपुर क्षेत्र के आलू के खेत में फेंक दिया गया।
सीसीटीवी फुटेज से पुलिस को मिला सुराग
घटना के बाद पुलिस ने इलाके के कई सीसीटीवी कैमरों की जांच की। फुटेज में बदमाश किसान पथ होते हुए शहीद पथ की ओर जाते दिखाई दिए। इसी दौरान वे थार की नंबर प्लेट बदलते नजर आए। इसके आधार पर पुलिस ने शुक्रवार को लोधमऊ अंडरपास की सर्विस लेन पर घेराबंदी कर बिना नंबर प्लेट की थार को रोका। कार से ऋषभ गोस्वामी, अक्षय कुमार, आलोक और शुभम पांडेय को गिरफ्तार किया गया।
ट्रैवल एजेंसी से किराए पर लेते थे थार
पूछताछ में सामने आया कि आशियाना के रुचिखंड निवासी ऋषभ पांडेय की ट्रैवल एजेंसी ‘जस्ट बुक योर कार’ रतनखंड इलाके में चलती है। गिरोह रोजाना 5 हजार रुपये में उसी एजेंसी से थार किराए पर लेता था। वारदात से पहले फर्जी नंबर प्लेट लगाई जाती या प्लेट हटा दी जाती थी। लूट की रकम में एजेंसी संचालक ऋषभ पांडेय का भी हिस्सा होता था, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
अन्य इलाकों में भी की गई थीं लूट की वारदातें
पुलिस के अनुसार, इस गिरोह ने सैरपुर के अलावा सरोजनीनगर और बीकेटी इलाके में भी लूटपाट की। 3 फरवरी को सरोजनीनगर से कानपुर निवासी फिदा हुसैन को लिफ्ट देकर 5,400 रुपये, मोबाइल और घड़ी लूटी गई। इसके साथ ही गूगल पे से एक लाख रुपये निकलवाए गए। बाद में पीड़ित को कानपुर के रनिया इलाके में छोड़ दिया गया। इस मामले में ज्ञानी और रामसफल को भी गिरफ्तार किया गया है।
बदमाशों का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया
स्वाट प्रभारी शिवानंद ने बताया कि तीनों मामलों का खुलासा कर दिया गया है। गिरफ्तार ऋषभ गोस्वामी पर पारा, गोसाईगंज और हुसैनगंज में 7 मुकदमे दर्ज हैं। अक्षय कुमार पर गोसाईगंज और पीजीआई में 5 मुकदमे दर्ज हैं, जबकि ऋषभ पांडेय पर विभूतिखंड थाने में एक मुकदमा दर्ज है। पुलिस का कहना है कि गिरोह के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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