भोजीपुरा में अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर, कोर्ट के आदेश पर ग्राम समाज की जमीन से मस्जिद ध्वस्त
प्रशासन ने अदालत के आदेश के बाद बरेली के भोजिपुरा में ग्राम सभा की जमीन पर बनी एक अवैध मस्जिद को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में भोजीपुरा थाना क्षेत्र के पिपरिया गांव में स्थित एक अवैध मस्जिद को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर गिरा दिया। यह कार्रवाई न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बाद की गई। प्रशासन की टीम भारी पुलिस बल और दो बुलडोजरों के साथ मौके पर पहुंची और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया पूरी की। जैसे ही कार्रवाई की सूचना फैली, इलाके में हलचल बढ़ गई, हालांकि प्रशासन ने स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में रखा।
ग्राम समाज की जमीन पर बना था अवैध निर्माण
प्रशासन के अनुसार, यह मस्जिद ‘आला हजरत’ के नाम से बनाई गई थी और ग्राम समाज की जमीन पर अवैध रूप से निर्मित थी। जिस भूमि पर यह निर्माण हुआ था, वह राजस्व रिकॉर्ड में सरकारी जमीन के रूप में दर्ज है। लंबे समय से इस निर्माण को लेकर विवाद चल रहा था, जिसके चलते मामला न्यायालय तक पहुंचा। कोर्ट से किसी भी प्रकार की राहत न मिलने के बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की।
करीब 300 वर्गगज में फैली थी मस्जिद
जानकारी के मुताबिक, यह मस्जिद लगभग 300 वर्गगज क्षेत्रफल में बनी हुई थी। इस अवैध निर्माण को हटाने के लिए दो बुलडोजरों का इस्तेमाल किया गया। कार्रवाई के दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो।
जमीन राजस्व रिकॉर्ड में ‘बंजर’ के रूप में दर्ज
एसडीएम सदर प्रमोद कुमार ने बताया कि जिस जमीन पर मस्जिद बनी थी, वह गाटा संख्या 1474 है और राजस्व अभिलेखों में इसे ‘बंजर’ (श्रेणी-5) तथा सरकारी भूमि के रूप में दर्ज किया गया है। इस जमीन पर किया गया निर्माण पूरी तरह अवैध था। उन्होंने बताया कि इस मामले में कानूनी लड़ाई वर्ष 2008 से चल रही थी। तहसीलदार न्यायालय ने पहले ही बेदखली के आदेश पारित कर दिए थे।
सिविल कोर्ट से भी नहीं मिली राहत
पक्षकारों ने इस मामले को सिविल कोर्ट में भी चुनौती दी थी, लेकिन वहां से भी उनका मुकदमा खारिज हो गया। जुर्माने की राशि भी नियमानुसार जमा कर दी गई थी। सिविल कोर्ट में मामला लंबित होने के कारण कुछ समय तक कार्रवाई रुकी रही, लेकिन आदेश आने के बाद अब इसे पूरी तरह अमल में लाया गया।
भीम आर्मी के कार्यकर्ता पहुंचे, प्रशासन ने संभाली स्थिति
ध्वस्तीकरण की सूचना मिलते ही भीम आर्मी के कुछ कार्यकर्ता गांव की ओर बढ़ने लगे। प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें समझा-बुझाकर मौके से वापस भेज दिया। प्रशासन ने साफ किया कि यह कार्रवाई पूरी तरह न्यायालय के आदेश पर की गई है और इसमें किसी भी प्रकार के राजनीतिक या संगठनात्मक हस्तक्षेप की अनुमति नहीं दी जाएगी।
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