'बबुआ जीवन भर बच्चे ही बने रहेंगे' अखिलेश यादव पर CM योगी ने कसा तंज, बोले- 12 बजे उठते थे, शाम को जमती थी महफिल
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने 2017 से पहले की सरकारों पर विजन की कमी, कानून-व्यवस्था और विकास को लेकर सवाल उठाए।
लखनऊ। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर बिना नाम लिए तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कुछ लोग जीवन भर बच्चे ही बने रहते हैं। बबुआ भी ऐसे ही थे। दोपहर 12 बजे उठते थे, 2 बजे तक तैयार होते थे, 5 बजे जिम जाते थे और शाम 7 बजे महफिल जम जाती थी। फिर वे प्रदेश के विकास के बारे में कैसे सोचते। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बदलाव केवल भाषणों से नहीं आता, बल्कि इसके लिए मुख्यमंत्री और मंत्रियों को फील्ड में उतरकर काम करना पड़ता है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2017 के बाद प्रदेश में विकास, कानून-व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में व्यापक बदलाव आया है।
2017 से पहले सरकारों के पास विकास का विजन नहीं था
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश की सत्ता संभालने वालों के पास विकास का कोई विजन नहीं था। जब सरकार चलाने वालों की रुचि विकास कार्यों में नहीं होती, तो उसका असर पूरे प्रदेश पर दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि इसी कारण प्रदेश लंबे समय तक दंगों, कर्फ्यू और अपराध की घटनाओं से जूझता रहा। इंसेफेलाइटिस और डेंगू जैसी बीमारियों से बच्चों की मौतें होती थीं, लेकिन तत्कालीन सरकारों ने इन समस्याओं के समाधान के लिए गंभीर प्रयास नहीं किए।
सपा सरकार की तीन बड़ी कमियां गिनाईं
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में वर्ष 2017 से पहले की सरकारों पर निशाना साधते हुए तीन प्रमुख कमियां गिनाईं।
1. शिक्षा व्यवस्था की बदहाली
उन्होंने कहा कि पहले बेसिक स्कूलों की स्थिति बेहद खराब थी। स्कूलों में पीने के पानी, शौचालय और अन्य मूलभूत सुविधाओं का अभाव था। आज सरकारी स्कूलों में छात्रों को यूनिफॉर्म, बैग, किताबें और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही प्रधानमंत्री के निपुण भारत अभियान को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है।
2. कानून-व्यवस्था और इंफ्रास्ट्रक्चर
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में बिजली, सड़क और कानून-व्यवस्था की स्थिति कमजोर थी। व्यापारी और बेटियां खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करते थे। जब बाजार असुरक्षित होते हैं, तो उसका सीधा असर कारीगरों, व्यापारियों, महिलाओं और युवाओं की आजीविका पर पड़ता है।
3. विकास की जगह लूट और परिवारवाद
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछली सरकारों का ध्यान विकास की बजाय परिवारवाद और लूट पर केंद्रित था। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बजाय तत्कालीन सरकारें स्वयं इस मामले में सवालों के घेरे में थीं।
हथकरघा और हस्तशिल्प को नई पहचान मिलने का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश का हथकरघा और पावरलूम उद्योग राज्य की समृद्ध विरासत का हिस्सा है। इससे लगभग 30 लाख लोगों की आजीविका जुड़ी है, जिनमें करीब 70 प्रतिशत महिलाएं हैं। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष सरकार ने 40 हजार हस्तशिल्पियों को 109 करोड़ रुपये की बिजली सुविधा उपलब्ध कराई। साथ ही भदोही के कालीन उद्योग का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले यह क्लस्टर लगभग खत्म होने की स्थिति में पहुंच गया था, लेकिन अब यहां से दुनिया के कई देशों में करोड़ों रुपये के कालीन निर्यात किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर नए संसद भवन में भी भदोही के कालीन बिछाए गए। इससे स्थानीय कारीगरों को वैश्विक पहचान मिली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश का विकास तभी संभव है, जब मुख्यमंत्री और मंत्री नियमित रूप से जिलों का दौरा करें और योजनाओं की जमीनी स्तर पर समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार बिना किसी भेदभाव और वोटबैंक की राजनीति के हर योजना का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचा रही है।
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